US President Election 2024: आसान नहीं होगी ट्रम्प की राह, अपनी ही पार्टी के इन नेताओं से मिलेगी तगड़ी टक्कर
मध्यावधि चुनाव में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद ट्रम्प के लिए 2024 के राष्ट्रपति चुनाव की उम्मीदवारी हासिल करना पहले जितना आसान नहीं रह गया है।
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को 2024 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर दी है। इससे देश की राजनीति में एक बार फिर उथल-पुथल का दौर शुरू होने की प्रबल आशंका पैदा हो गई है। इससे पहले 8 नवंबर को अमेरिका में मध्यावधि चुनाव हुए थे जिसमें रिब्लिकन पार्टी का प्रदर्शन बेहद फीका रहा था। इसका कारण डोनाल्ड ट्रम्प का कमजोर नेतृत्व भी बताया गया। इसके बाद ऐसी उम्मीदें जताई जा रही थी कि डोनाल्ड ट्रम्प राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का इरादा छोड़ देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। एक बार फिर से उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए ताल ठोक दिया है।

ट्रम्प ने रिपब्लिकन दावेदारों पर हमले तेज किए
हालांकि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने यह स्वीकार किया है कि मध्यावधि चुनावों में नतीजे उनकी पार्टी के लिए ठीक नहीं रहे हैं। मगर वह अपनी दावेदारी से पीछे नहीं हटे हैं। इसके साथ ही उन्होंने दो राज्यों में विजयी रिपब्लिकन पार्टी के गवर्नरों पर भी हमले तेज कर दिए हैं, जिनके बारे में अनुमान लगाया जा रहा है कि वे राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की होड़ में उतर सकते हैं। ये दो जीते गर्वनर फ्लोरिडा के रॉन डिसैंटिस वर्जिनिया के ग्लेन यंगकिन हैं। इसके अलावा भी रिपब्लिकन पार्टी में कई ऐसे लोग हैं जो कि 2024 के लिए ट्रम्प को तगड़ी टक्कर दे सकते हैं।

रॉन डिसैंटिस
जानकारों के मुताबिक मध्यावधि चुनाव में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद ट्रम्प के लिए 2024 के राष्ट्रपति चुनाव की उम्मीदवारी हासिल करना पहले जितना आसान नहीं रह गया है। फ्लोरिडा सीट जीतने रॉन डिसैंटिस के रूप में उनके खिलाफ एक बड़ा दावेदार उभर आया है। रॉन डिसैंटिस को बीते कुछ समय से रिपब्लिकन पार्टी का प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट बताया जा रहा है। ट्रम्प ने बुधवार को डिसैंटिस को चेतावनी भी दी है कि वे राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने की कोशिश न करें। अगर वह ऐसा करता है तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ट्रंप ने ये भी कहा था कि वो रॉन की कुछ सीक्रेट जानकारियां रिलीज़ करने वाले हैं।

विचारधारा के प्रति अधिक समर्पित हैं डिसैंटिस
इससे पहले रॉन डिसैंटिस को ट्रम्प का समर्थक माना जाता था। लेकिन अब समझा जाता है कि उनका रुख बदल सकता है। 44 वर्षीय रॉन डिसैंटिस को ट्रम्प की जगह लेने को तैयार सबसे करीबी दावेदार बताया जा रहा है। वह ट्रम्प की तुलना में विचारधारा के प्रति अधिक समर्पित हैं और बेहद गंभीर माने जाते हैं। रॉन डिसैंटिस एक मजबूत राजनीतिक आधार वाले नेता हैं। उन्हें कोविड-19 के प्रतिबंधों पर विरोध, एलजीबीटीक्यू अधिकारों को लेकर उदारवादियों के साथ टकराव, अप्रवासन और नस्ल आधारित चर्चा को लेकर देशभर में रूढ़िवादियों से तारीफ मिली है।

माइक पेंस
डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल में नंबर-2 की भूमिका यानी कि अमेरिका के पूर्व उप राष्ट्रपति रह चुके हैं। हाल में उन्होंने प्रमुख राज्यों का दौरा करके, रूढ़िवादी समूहों से बात करके और एक संस्मरण लिखकर अपनी महत्वाकांक्षा साफ कर दी है। माइक पेंस ने 6 जनवरी को कैपिटल हिल हिंसा को लेकर डोनाल्ड ट्रम्प पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ट्रम्प के शब्द लापरवाह थे, उनकी हरकत में लापरवाही थी और उनके इस हरकत ने उन्हें तथा उनके परिवार को दंगाइयों से खतरे में डाल दिया था। पेंस ने स्पष्ट कर दिया है कि वे डोनाल्ड ट्रम्प की तुलना में 'बेहतर विकल्प' होंगे।

लिज चेनी
लिज चेनी 56 वर्षीय रिपब्लिकन नेता हैं। लिज चेनी रिपब्लिकन पार्टी के 'ऐस्टैबलिशमेंट' (रिपब्लिकन पार्टी का एक शक्तिशाली धड़ा) से संबंध रखती हैं। वह पूर्व उप राष्ट्रपति डिक चेनी की बेटी हैं। डिक चेनी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के बेहद नजदीकी माने जाते थे। हालांकि हाल में ही प्राइमरी चुनाव में लिज चेनी को ट्रम्प समर्थक उम्मीदवार ने हराया है जिससे उनकी दावेदारी कमजोर पड़ी है। ऐसा कहा जाता है कि वायमिंग राज्य में चेनी परिवार का कोई सदस्य रिपब्लिकन पार्टी की प्राइमरी में हार जाएगा, इसपर किसी को यकीन नहीं हो पा रहा है। इस राज्य में चेनी परिवार को 'शाही सियासी परिवार' कहा जाता है। डिक चेनी इस चुनाव में अपनी बेटी के लिए प्रचार में उतरे थे। वह ट्रम्प को अमेरिकी इतिहास में 'अमेरिकी गणराज्य के लिए सबसे बड़ा खतरा' बताया चुके हैं।

ग्रेग एबॉट
64 वर्षीय ग्रेग एबॉट टेक्सास प्रांत के गवर्नर हैं और रिपब्लिकन पार्टी के दिग्गज नेता माने जाते हैं। वह तीसरी बार टेक्सास के गर्वनर पद का चुनाव जीते हैं। उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी के ग्रेग ओ'रोर्के को हराया। इस जीत ने फिर साबित किया कि एबॉट पर वोटरों को भरोसा है। ग्रेग एबॉट ने कोविड दौर अच्छा काम कर जनता का यकीन जीता है। उन्हें गर्भपात का सख्त विरोधी माना जाता है इसके साथ ही वह मेक्सिको सीमा पर नया बैरियर भी लगाना चाहते हैं।

निकी हेली
52 वर्षीय निकी हेली भारतीय मूल की पहली पीढ़ी की अमेरिकी हैं और उन महिलाओं में से हैं, जो रंगभेद के खुले और छिपे भेदभाव के बीच भी राजनीति में टॉप पर पहुंच सकीं। निकी हेली 2010 में अल्पसंख्यक समुदाय से पहली गर्नवर बनी थीं। इसके साथ ही 37 साल में दक्षिणी कैरोलिना की गर्वनर बनकर अमेरिका की सबसे युवा गवर्नर का रिकॉर्ड भी निकी ने बनाया। निकी हेली ने डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र में काम किया था लेकिन साल 2018 में ट्रम्प से कुछ मतभेदों के कारण उन्होंने राजदूत के पद से इस्तीफा दे दिया था। कई विश्लेषकों को लगता है कि निकी हेली ट्रम्प और डिसैंटिस को कड़ी चुनौती दे सकती हैं।












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