केजरीवाल की गिरफ्तारी पर आलोचना, इमरान खान की जेल पर चुप्पी क्यों? अमेरिका ने दोहरा रवैया क्यों अपनाया?
भारत में अरविंद केजरीवाल को ईडी ने गिरफ्तार किया है। इस पर कुछ दिन पहले अमेरिका ने बयान दिया था। अब इसे लेकर अमेरिका पर पक्षपात का आरोप लग रहा है। अमेरिका में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से पूछा गया कि वह अरविंद केजरीवाल के मामले में बयान देते हैं, लेकिन इमरान खान पर कुछ नहीं बोलते?
इसके जवाब में अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा कि दोनों देशों के प्रति हमारे रवैये में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने सफाई देते हुए कानून के शासन को बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया कि सभी के साथ निष्पक्षता और मानवाधिकारों के सम्मान के साथ व्यवहार किया जाए।

गुरुवार को एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान भारत और पाकिस्तान पर अलग-अलग रवैया अपनाने को लेकर पूछे गए सवाल पर मिलर ने कहा, "हम ऐसा नहीं मानते। हम पाकिस्तान में हर किसी के साथ कानून के मुताबिक व्यवहार होते देखना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि वहां भी मानवाधिकार सुरक्षित रहे।"
दरअसल, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान लंबे समय से जेल में हैं। उन्हें लेकर अमेरिका ने कोई बयान नहीं दिया है। वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद अमेरिका ने कहा था कि वे केजरीवाल की गिरफ्तारी की निगरानी कर रहे हैं। अमेरिका ने कहा कि वो निष्पक्ष, पारदर्शी, समय पर कानूनी प्रक्रिया का मांग करता है।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को पिछले साल अगस्त 2023 में गिरफ्तार किया गया था। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मिलर ने तब इसे पाकिस्तान का आंतरिक मामला बताया था। मिलर से पूछा गया था कि क्या उन्हें लगता है कि इमरान की सुनवाई निष्पक्ष होगी? इसपर उन्होंने कहा था, 'हमारा मानना है कि यह पाकिस्तान का आंतरिक मामला है।' इसके अलावा उन्होंने इमरान को सजा सुनाए जाने की भी कोई आलोचना नहीं की थी।












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