गूगल के खिलाफ एकाधिकार रोधी कानून के तहत एफआईआर दर्ज करेगी अमेरिकी सरकार
नई दिल्ली। अमेरिकी न्याय विभाग मंगलवार को वेब सर्च इंजन कंपनी गूगल के खिलाफ मुकदमा दायर कर सकता है। गूगल पर आरोप लगाया गया है कि दिग्गज आईटी कंपनी ऑनलाइन खोज में प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ता हितों को नुकसान पहुंचाने के लिए अपने मोनोपॉली का दुरुपयोग कर रही है। गूगल इंटरनेट की दुनिया की नंबर एक सर्च इंजन साइट है, जिसने बिंग, याहू जैसे कई दिग्गज सर्च इंजन कंपनियों को काफी पहले पीछे ढकेल चुकी है।

डिप्टी अटॉर्नी जनरल जेफ रोसेन ने विस्तार से बताया कि गूगल के खिलाफ शिकायत जांच के दायरे में है, जिस पर अमेरिका में प्रतिस्पर्धा विरोधी प्रथाओं को आगे बढ़ाने के लिए इंटरनेट पर अपने प्रभुत्व का दुरुपयोग करने का आरोप लगा है। हालांकि आरोपों में गूगल का लक्षित विज्ञापन व्यवसाय शामिल नहीं है, लेकिन वह अपने खोज इंजन के माध्यम से खोजों और विज्ञापनों पर अपनी भूमिका पर जोर देता है।

गौरतलब है करीब 20 वर्ष बाद यह पहला ताजा मामला है जब प्रतिस्पर्धा को बचाने के लिए अमेरिकी सरकार द्वारा उक्त महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इससे पहले, करीब 20 वर्ष पूर्व माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ किए गए मुकदमा दायर किया गया था। माना जा रहा है कि न्याय विभाग और संघीय ट्रेड कमीशन में एप्पल, अमेजन और फेसबुक समेत प्रमुख तकनीकी कंपनियों के खिलाफ चल रही जांच को देखते हुए यह मुकदमा निर्णायक साबित हो सकता है।

सांसद और उपभोक्ता मामलों के वकील लंबे समय से गूगल पर आरोप लगा रहे हैं कि कंपनी मुनाफा बढ़ाने के लिए ऑनलाइन सर्च कारोबार में अपने प्रभुत्व का दुरुपयोग कर रही है। वेब सर्च इंजन कंपनी गूगल के प्रमुख सुंदर पिचाई भारतीय मूल के नागरिक है, जबकि गूगल की स्वामित्व कंपनी एल्फाबेट इंक है, जिसका बाजार मूल्य 1 हजार डॉलर से अधिक है।












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