US Election 2024: गर्भपात मुद्दे ने बढ़ाई वोटर्स की धड़कनें, जीत की नब्ज टटोल रहे हैरिस और ट्रंप! जानें कैसे?
US Election 2024 Voting: : अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए 5 नवंबर यानी आज फाइनल फेज के मतदान जारी हैं। अगले कुछ घंटे अमेरिका वासियों के लिए बेहद अहम हैं, इस दौरान कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप की किस्मत का फैसला होना है। अमेरिका को पहली अश्वेत महिला राष्ट्रपति मिलेगी या फिर एक बार ट्रंप की सरकार बनेगी, इस पर सारी दुनिया की नजर है।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दोनों प्रमुख उम्मीदवारों के विचार और मुख्य मुद्दे अलग-अलग हैं। खास बात यह है कि गर्भपात का मुद्दा 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

यह पहला राष्ट्रपति चुनाव है, जो 2022 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा 'रो बनाम वेड' को पलटने के बाद हो रहा है, जिससे 22 राज्यों में गर्भपात पर प्रतिबंध लगाने का रास्ता खुला। डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस, दोनों ने गर्भपात के मुद्दे पर अपने विचार स्पष्ट किए हैं और उनके चुनाव जीतने पर इस मुद्दे का भविष्य कैसा हो सकता है? आइए जानते हैं?
क्या है ट्रंप का गर्भपात पर रुख? (What is Donald Trump Stance on Abortion)
डोनाल्ड ट्रंप का गर्भपात के मुद्दे पर रुख पिछले कुछ वर्षों में बदलता रहा है....
- राज्य अधिकारों पर जोर: ट्रंप ने बार-बार कहा है कि गर्भपात का मुद्दा राज्यों पर छोड़ देना चाहिए। उनका मानना है कि इस पर हर राज्य अपने अनुसार निर्णय ले सकता है।
- संघीय गर्भपात प्रतिबंध पर अनिश्चितता: ट्रंप ने संघीय गर्भपात प्रतिबंध का समर्थन करने से इनकार कर दिया है, लेकिन यह भी साफ नहीं किया कि यदि कांग्रेस इसे पारित कर दे तो वे इसे वीटो करेंगे या नहीं।
- कुछ अपवादों के समर्थन में: ट्रंप ने उन गर्भपात कानूनों का समर्थन किया है जिनमें रेप, अनाचार, या मां की जान को खतरा होने पर गर्भपात की इजाजत हो। उन्होंने फ्लोरिडा के छह सप्ताह के प्रतिबंध को 'कठोर' और 'गलत' बताया है।
हालांकि, ट्रंप रिपब्लिकन उम्मीदवार के तौर पर गर्भपात प्रतिबंध की ओर बढ़ रहे राज्यों से दूरी बनाते हुए दिखाई देते हैं, वे 2024 के चुनाव में गर्भपात का विषय राज्यों पर छोड़ने का पक्ष ले रहे हैं।
क्या है कमला हैरिस का गर्भपात पर रुख? (What is Kamala Harris Stance on Abortion?)
कमला हैरिस गर्भपात अधिकारों को अपने अभियान का मुख्य मुद्दा मानती हैं और गर्भपात को एक व्यक्तिगत अधिकार मानती हैं...
- संघीय स्तर पर गर्भपात अधिकार बहाल करने का वादा: हैरिस ने कहा है कि अगर वे राष्ट्रपति चुनी जाती हैं, तो गर्भपात के अधिकार को संघीय स्तर पर बहाल करने वाले कानून पर हस्ताक्षर करेंगी।
- ट्रंप और रिपब्लिकन के गर्भपात प्रतिबंधों की आलोचना: हैरिस ने रिपब्लिकन को 'ट्रंप गर्भपात प्रतिबंध' के तहत गर्भपात तक पहुंच को रोकने के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उनके अनुसार, ट्रंप और उनके समर्थकों द्वारा लागू किए गए प्रतिबंध महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन हैं।
- प्रजनन स्वतंत्रता पर जोर: हैरिस ने इस बात पर जोर दिया है कि महिलाएं अपने बारे में स्वयं निर्णय ले सकें और सरकार उन्हें न रोके।
हैरिस ने गर्भपात को चुनाव में एक प्रमुख मुद्दा बनाया है, खासकर महिलाओं के लिए, ताकि वे चुनाव में गर्भपात अधिकारों का समर्थन करने वाले को वोट दें।
ये भी पढ़ें- US Election: अमेरिका में कुछ घंटे में शुरू होगा मतदान, आखिरी सर्वे में जानिए ट्रंप या कमला हैरिस, कौन जीतेगा?
IVF सेवाओं पर ट्रंप और हैरिस का रुख (IVF Services)
गर्भपात के मुद्दे के साथ-साथ इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) की प्रक्रिया को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं। आइए जानते हैं...
- ट्रंप का रुख: ट्रंप ने हाल ही में एक योजना की घोषणा की है जिसके तहत संघीय सरकार IVF उपचार की लागत को कवर करेगी या बीमा कंपनियों को इसकी लागत वहन करने के लिए बाध्य करेगी। उनका मानना है कि IVF की प्रक्रिया की लागत को कम करके कई लोगों को संतान प्राप्ति में सहायता मिल सकती है।
- हैरिस का रुख: हैरिस ने कहा है कि IVF पर मौजूदा खतरे ट्रंप के नीतियों का परिणाम हैं, खासकर अलबामा में दिए गए एक निर्णय का जिक्र करते हुए। उनके अनुसार, *रो बनाम वेड* के पलटने के बाद यह फैसला हुआ जिससे IVF उपचार की उपलब्धता में बाधा आई है।
गर्भपात मुद्दे का 2024 चुनाव पर संभावित प्रभाव? (Abortion Issue Effects US 2024 Elections)
- सीबीएस की एक रिपोर्ट के अनुसार, डेमोक्रेट्स का मानना है कि गर्भपात तक पहुंच का मुद्दा कमला हैरिस को मतदाताओं का समर्थन दिला सकता है। अगस्त 2023 में किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, 60% अमेरिकी मतदाता मानते हैं कि गर्भपात सभी या अधिकांश मामलों में कानूनी होना चाहिए। इसी सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि वे महिलाएं जो गर्भपात को कानूनी रखना चाहती हैं, उनमें से 76% हैरिस का समर्थन कर रही हैं।
- दूसरी ओर, ट्रंप ने गर्भपात के मुद्दे को राज्यों के अधिकार के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की है ताकि यह संघीय मुद्दा न बने। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वे एक संघीय प्रतिबंध को वीटो करेंगे या नहीं, जिससे गर्भपात के अधिकार को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
गर्भपात का मुद्दा 2024 के चुनाव में एक निर्णायक कारक हो सकता है। ट्रंप इसे राज्यों के अधिकार का विषय मानते हैं और संघीय प्रतिबंध से दूरी बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि हैरिस इसे एक मौलिक अधिकार मानती हैं और संघीय स्तर पर गर्भपात की बहाली का समर्थन करती हैं।
यह चुनाव न केवल राष्ट्रपति पद के लिए एक प्रतियोगिता है, बल्कि महिलाओं के अधिकारों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर भी एक महत्वपूर्ण बहस का प्रतीक है। चुनाव के नतीजे निश्चित रूप से इस मुद्दे को भविष्य में किस दिशा में ले जाएंगे, इसका निर्धारण करेंगे।
ये भी पढ़ें- US Election: अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव में 8 करोड़ लोग पहले ही डाल चुके वोट, ट्रंप या कमला, किसे होगा फायदा?












Click it and Unblock the Notifications