US Election 2024 SPL: ब्रिटिश नेता का भाषण चुराया, पत्नी और बच्चे को खोया, बाइडेन कैसे बने US के राष्ट्रपति?
This article explores Joe Biden's rise to the presidency, his significant challenges, and the legacy he is shaping ahead of the 2024 US Election.
US Election 2024 SPL: जो बाइडेन का जब भी जिक्र किया जाएगा, दो शब्द सबसे पहले जेहन में आएंगे, त्रासदी और सेवा।
नोट- यह डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस के बीच 2024 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले अमेरिकी राष्ट्रपतियों पर करीब से नजर डालने वाली प्रोफाइलों की सीरिज की पहली कड़ी है।

जो बाइडेन की शुरूआती जिंदगी
संयुक्त राज्य अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति जो बाइडेन का जन्म 20 नवंबर 1942 को स्क्रैंटन शहर में हुआ था। जो बाइडेन पेंसिल्वेनिया में एक बड़े कैथोलिक परिवार में पले-बढ़े।
राजनीति में आने से पहले उन्होंने प्रॉसीक्यूटर के तौर पर काम किया। 1972 में वे पेनसिल्वेनिया से सीनेटर बने और इस पद पर वे करीब 40 सालों तक रहे।
उनकी पहली शादी नीलिया हंटर से हो चुकी थी - जिनसे उनके तीन बच्चे हुए। लेकिन जल्द ही त्रासदी आ गई। बाइडेन की पत्नी और नवजात बेटी की एक दुर्घटना में मौत हो गई, जबकि वे और उनके बेटे बच गए। बाइडेन ने कुछ समय के लिए अपने राजनीतिक करियर को खत्म करने के बारे में सोचा, लेकिन बाद में उन्होंने अपना विचार बदल दिया।
सीनेटर के तौर पर बाइडेन का कैरियर
बाइडेन का अमेरिकी सीनेट में शानदार करियर रहा है। उन्होंने कई हाई-प्रोफाइल काउंसिल में काम किया है, जिसमें शक्तिशाली विदेश संबंध समिति के अध्यक्ष के रूप में भी शामिल हैं। लेकिन उनकी नजर हमेशा अमेरिकी राष्ट्रपति पद पर टिकी रही।
उन्होंने पहली बार 1988 में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ा था। लेकिन, उनका कैम्पेन तब नाकाम हो गया, जब यह पता चला कि उनके भाषण के कुछ हिस्से एक ब्रिटिश राजनेता से चुराए गए थे। इस शर्मनाक घटना ने उन्हें 2008 तक राष्ट्रपति चुनाव की रेस से दूर रखा और 2008 में उन्होंने फिर से अमेरिका के सर्वोच्च पद के लिए चुनाव लड़ा।
लेकिन, इस बार भी वो नाकाम रहे और आयोवा में पांचवें स्थान पर आने के बाद बाइडेन ने हार मान ली।

बराक ओबामा के बने उप-राष्ट्रपति
इस बीच, बराक ओबामा नाम के एक युवा, करिश्माई अश्वेत व्यक्ति ने अपनी बुलंद बयानबाजी और शानदार भाषण कला से अमेरिकी राजनीति में तूफान मचा दिया।
बाइडेन, जिन्हें ओबामा का साथी माना जाता था, उन्होंने उनकी ईमानदारी और अच्छे व्यवहार से सेवा की और ये एक ऐसा काम था, जिसे अमेरिका के अश्वेत मतदाता कभी नहीं भूले।
लेकिन, 2015 में जो बाइडेन के सबसे बड़े बेटे ब्यू, जो इराक में सेवा कर चुके थे, उनकी ब्रेन कैंसर से मृत्यु हो गई। शोक से त्रस्त बाइडेन, जिन्होंने दो बार उपराष्ट्रपति के रूप में सेवा की थी, उन्होंने चुनाव न लड़ने का फैसला किया। और उन्होंने हिलेरी क्लिंटन का समर्थन कर दिया।
उन्होंने बाद में कहा कि यह एक ऐसा फैसला था, जिसका उन्हें 'हर दिन पछतावा होता है'।
डोनाल्ड ट्रंप के शासनकाल की 'अराजकता' को देखने के बाद बाइडेन राष्ट्रपति पद की राजनीति के उतार-चढ़ाव भरे दौर में लौट आए।

जीवन का सबसे बड़ा सपना आखिरकार सच हुआ
2020 में बाइडेन ने राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का फैसला किया। फिर भी, उनके अभियान की शुरुआत बेहद खराब रही। आयोवा, न्यू हैम्पशायर और नेवादा, सभी ने बाइडेन की उम्मीदवारी को खारिज कर दिया।
लेकिन, उत्तरी कैरोलिना फिर कु हुआ और सब कुछ बदल गया।
डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर एक शक्तिशाली शक्ति, अश्वेत मतदाताओं ने बाइडेन को अपना जबरदस्त समर्थन दे दिया। जिम क्लाइबर्न सहित कुछ प्रमुख अफ्रीकी-अमेरिकी राजनेताओं ने भी बाइडेन को समर्थन देने का ऐलान कर दिया।
इस बीच, डेमोक्रेटिक प्रतिष्ठान, जिसमें उनके कई विरोधी भी शामिल थे, बर्नी सैंडर्स के नाम पर तेजी से एकमत होते जा रहे थे, वो राष्ट्रपति चुनाव की रेस से बाहर आ गये और बाइडेन के पीछे खड़े हो गये।
बाइडेन ने सुपर मंगलवार को डेमोक्रेटिक पार्टी में अपना जबरदस्त समर्थन साबित कर दिया और डेमोक्रेटिक नामांकन सुरक्षित कर लिया। अब, बाइडेन की बारी थी, कि वे अपने पूर्व बॉस का अनुकरण करें और उन्होंने कमला हैरिस को अपना उप-राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया, जो एक अश्वेत महिला थीं।
ट्रम्प के खिलाफ 2020 का राष्ट्रपति अभियान COVID-19 के चरम के दौरान चलाया गया था। हालांकि ट्रंप ने बाइडेन को 'तहखाने में छिपने' के लिए उकसाया, लेकिन मतदाता उनकी हरकतों से थक चुके थे। उन्होंने बाइडेन को राष्ट्रपति चुनाव की रेस में निर्णायक जीत दिलाई।

बाइडेन का राष्ट्रपति पद का कार्यकाल कैसा रहा?
राष्ट्रपति के रूप में बाइडेन का पहला काम अमेरिका को एकजुट करना था, क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने 5 जनवरी 2021 को अमेरिकी संसद कैपिटल हिल पर हमला कर दिया था और ऐसी आशंका थी, कि अमेरिकी समाज बंट सकता है, लेकिन बाइडेन इस संकट से कामयाब होकर बाहर निकले।
राष्ट्रपति के रूप में, बाइडेन ने ऐतिहासिक 'मुद्रास्फीति न्यूनीकरण अधिनियम' पारित किया और इंसुलिन जैसी दवाओं की कीमत को 35 डॉलर पर सीमित कर दिया।
फिलहाल अमेरिकी अर्थव्यवस्था भी अच्छी चल रही है और उनके पहले तीन वर्षों में 14.8 मिलियन नौकरियां जोड़ी गईं और बेरोजगारी चार प्रतिशत से कम रही। फिर भी, कई मतदाताओं ने बाइडेन की उम्र का हवाला देते हुए कहा, कि वे नहीं चाहते कि वे फिर से राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ें।
हालांकि, विदेश नीति को लेकर बाइडेन की काफी आलोचना होती रही है और अफगानिस्तान संकट, रूस-यूक्रेन युद्ध और इजराइल-हमास युद्ध ने उनकी विदेश नीति की जबरदस्त परीक्षा ली है।

बाइडेन अपनी क्या लीगेसी छोड़कर जा रहे?
बाइडेन ने पद छोड़ने के सभी आह्वानों को तब तक नकारा, जब तक कि जून में हुए डोनाल्ड ट्रंप के साथ बहस में उनका खराब प्रदर्शन सामने नहीं आ गया। डेमोक्रेटिक पार्टी में उनके नाम पर विरोध बढ़ने के बाद उन्होंने रेस से हटने की घोषणा कर दी और अपनी उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस का समर्थन कर दिया। लिडन जॉनसन के बाद ऐसा करने वाले वे पहले मौजूदा राष्ट्रपति हैं।
इतिहास बाइडेन को उस व्यक्ति के रूप में आंकेगा, जिसने चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप को हराया - और आगे यह इस बात पर निर्भर करेगा, कि नवंबर में चीजें कैसे आगे बढ़ती हैं, जो अमेरिका को एक नए युग की तरफ मोड़ने में मदद करेगा।












Click it and Unblock the Notifications