अमेरिकी सांसदों ने स्पीकर मैक्कार्थी को लिखी चिट्ठी, संसद में PM मोदी को आमंत्रित करने की मांग

अमेरिकी सांसदों ने अनुरोध किया है कि अपने अमेरिकी दौरे के दौरान पीएम मोदी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करें। डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद रो खन्ना और रिपब्लिकन पार्टी के सांसद माइकल वाल्ट्ज ने ये मांग की।

Pm modi joint address to Congress

भारत के पीएम नरेंद्र मोदी एक बार फिर से अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित कर सकते हैं। कुछ अमेरिकी सांसदों ने केविन मैक्कार्थी को पत्र लिखकर इसकी मांग की है। पीएम मोदी जो बाइडेन के आमंत्रण पर 22 जून को अमेरिका जाने वाले हैं।

अमेरिकी कांग्रेसियों रो खन्ना और माइकल वाल्ट्ज ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष केविन मैक्कार्थी से आग्रह किया है कि अमेरिका दौरे के दौरान संसद के संयुक्त सत्र में संबोधन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया जाए।

इन सांसदों का तर्क है कि इससे भारत और अमेरिका के रिश्तों को और मजबूती मिलेगी। रो खन्ना, माइकल वाल्ट्ज ने भारत और भारतीय अमेरिकियों पर द्विदलीय कांग्रेसनल कॉकस के सह-अध्यक्ष के रूप में पत्र का नेतृत्व किया।

इन सांसदों ने कहा कि जिस प्रकार राष्ट्रपति बाइडेन रात्रिभोज कर पीएम मोदी मोदी का सम्मान कर रहे हैं ठीक वैसे ही दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता का संसद के संयुक्त सत्र में संबोधन एक सम्मान है।

इसी महीने की शुरुआत में दोनों सांसदों ने भारत-अमेरिका समिट की मेजबानी की थी। इसमें देश भर के नेताओं और विशेषज्ञ शामिल हुए थे। सांसदों का कहना है कि हमारे इस प्रयास से हम चीन को भी एक कड़ा संदेश दे सकते हैं।

सासंदों ने कहा कि पीएम मोदी द्वारा संसद में पीएम मोदी का एक संयुक्त संबोधन देना दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता के लिए एक समान सम्मान होगा। उन्होंने कहा कि 21 वीं सदी में चीन का मुकाबला करने के लिए भारत सबसे महत्वपूर्ण भागीदार है।

दोनों सांसदों ने पत्र में लिखा है कि राष्ट्रपति बाइडेन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हुई कुछ बैठकों के कारण दोनों देशों के संबंधों में लचीलापन आया है। सभी के लिए शांति और समृद्धि को बढ़ावा देती है।

सांसदों ने कहा कि इससे हम दोनों के व्यापार, निवेश और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देंगे और दोनों देशों के बीच गहरा संबंध स्थापित किया जा सकता है। सांसदों ने कहा कि पीएम मोदी की ये यात्रा अमेरिका, अमेरिकियों और स्पष्ट रूप से भारतीयों को एक साथ जोड़ेगी। इसलिए ये यात्रा अमेरिका के लिए बेहद अहम है।

खन्ना और वाल्टज ने कहा कि क्वाड ने भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया को क्षेत्रीय, वैश्विक और सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए मंच दिया है। अमेरिका, भारत के विकास की सराहना करता है।

व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव ने कहा कि यह यात्रा रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और अंतरिक्ष सहित सामरिक प्रौद्योगिकी साझेदारी का मूल्यांकन करने के लिए एक स्वतंत्र, खुले, समृद्ध और सुरक्षित हिंद-प्रशांत और साझा संकल्प के लिए अमेरिका-भारत की साझा प्रतिबद्धता को भी मजबूत करेगी।

आपको बता दें कि इस बार पीएम मोदी संयुक्त सत्र को संबोधित करते हैं तो वह उनके लिए दूसरी बार होगा। इससे पहले पीएम मोदी 2016 में ऐसा कर चुके हैं। अमेरिकी संसद को संबोधित करने का मौका अब तक 6 भारतीय प्रधानमंत्रियों को मिला है।

पीएम मोदी से पहले जवाहरलाल नेहरू 1949 में, राजीव गांधी 1985 में, पीवी नरसिंह राव 1994 में, अटल बिहारी वाजपेयी 2000 में और मनमोहन सिंह 2005 में वहां की संसद में संबोधन दे चुके हैं। मोदी को न्योता मिलता है तो वे देश के ऐसे छठवें प्रधानमंत्री होंगे।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+