'हिन्दू राष्ट्रवादी राष्ट्र बनने के खतरे की तरफ भारत', बाइडेन के सांसद ने जाते-जाते जमकर उगला जहर
बाइडेन की डेमोक्रेटिक पार्टी के 62 वर्षीय सांसद एंडी लेविन ने यूएस हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में दिए गये अपने भाषण में खुद को "आजीवन मानवाधिकार अधिवक्ता" बताया।
US Congressman Andy Levin on india hindu: भारत विरोधी बयान देने के लिए कुख्यात रहे अमेरिकी नेता एंडी लेविन ने अपने विदाई भाषण में भारत के खिलाफ एक बार फिर से जहर उगला है और कहा है, कि "भारत के हिन्दूवादी राष्ट्र बनने का खतरा है।" एंडी लेविन, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन की डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद हैं और उन्होंने गुरुवार को भारत के खिलाफ ये विवादित बयान दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, एंडी लेविन अपने विदाई भाषण के दौरान दिए गये अपने भाषण में भारत के खिलाफ ये बातें कही हैं।

एंडी लेविन ने भारत पर क्या कहा?
डेमोक्रेटिक पार्टी के 62 वर्षीय सांसद एंडी लेविन ने यूएस हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में दिए गये अपने भाषण में खुद को "आजीवन मानवाधिकार अधिवक्ता" बताया और उन्होंने कहा कि, अमेरिका को मानवाधिकारों में सबसे अधिक सफलता मिली है, हालांकि दुनिया के कई हिस्सों में स्थिति गंभीर है। मिशिगन से नौवें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करने वाले एंडी लेविन ने कहा कि, "मैं भारत जैसे स्थानों में मानवाधिकारों के लिए एक मुखर अधिवक्ता रहा हूं, जो एक धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र के बजाय एक हिंदू राष्ट्रवादी राज्य बनने के खतरे में है।" आपको बता दें कि, अगली कांग्रेस में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व अब रिपब्लिकन पार्टी की लिसा मैकक्लेन करेंगी। लिसा मैकक्लेन ने पिछले महीने हुए चुनाव में एंटी लेविन को हरा दिया है।

भारत के खिलाफ विवादित बयान
एंडी लेविन ने हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव को संबोधित करते हुए कहा कि, "मैं हिंदू धर्म का प्रेमी हूं, जैन धर्म, बौद्ध धर्म और भारत में पैदा हुए अन्य धर्मों का प्रेमी हूं, लेकिन हमें वहां सभी लोगों के अधिकारों की रक्षा करने की जरूरत है। चाहे वे मुसलमान हों, हिंदू हों, बौद्ध हों, यहूदी हों, ईसाई हों, या फिर जैन हों।" एंडी लेविन ने इस दौरान मिस्र सहित कुछ अन्य देशों पर भी प्रकाश डाला और कहा कि, इन देशों में हजारों राजनीतिक कैदी जेलों में सड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि, "मैं केवल कुछ हाइलाइट्स का उल्लेख कर रहा हूं। सदन ने बर्मा (म्यांमार) में तख्तापलट की निंदा करते हुए मेरे द्विदलीय प्रस्ताव को पारित किया गया और हमने वहां बहुत ही परेशान करने वाली मानवाधिकारों की स्थिति के साथ-साथ दमन का विरोध करने के लिए बर्मी लोगों का प्रतिरोध भी देखा है।" लेविन ने कहा कि, "वास्तव में, एक कांग्रेसी के रूप में मेरी पहली विदेश यात्रा बांग्लादेश में बर्मा की सीमा पर रोहिंग्या शरणार्थियों से मिलने के लिए थी।"

कश्मीर पर भी देते रहते हैं बयान
एंडी लेविन कश्मीर को लेकर लगातार विवादित बयान देते रहे हैं। 20 अप्रैल को भारतीय अमेरिकी मुस्लिम परिषद (IAMC) सहित कई मानवाधिकार समूहों द्वारा आयोजित "कश्मीर पर भारत का क्रूर उत्पीड़न" नामक एक विशेष कांग्रेस ब्रीफिंग के दौरान, लेविन ने इस मुद्दे पर अंतर्राष्ट्रीय ध्यान देने का आह्वान किया था। लेविन ने आरोप लगाया था कि, "हालांकि कश्मीर गुप्त खबरों में नहीं हो सकता है, लेकिन, वहां जो हो रहा है, वह दुनिया का ध्यान आकर्षित करने के लायक है, और यह अभी भी एक प्रमुख उदाहरण है, कि कैसे प्रधानमंत्री मोदी भारत को मानवाधिकारों और लोकतंत्र के मामले में गलत दिशा में ले जा रहे हैं।" आपको बता दें कि, एंडी लेविन, हाउस ऑफ फॉरेन अफेयर्स कमेटी के सदस्य हैं और एशिया, प्रशांत, मध्य एशिया और अप्रसार पर उपसमिति के उपाध्यक्ष हैं।
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'पीएम मोदी के भारत से प्यार नहीं'
पिछले साल IAMC द्वारा आयोजित एक अन्य कांग्रेस ब्रीफिंग के दौरान एंडी लेविन ने भारत में धार्मिक स्वतंत्रता पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि, "(प्रधानमंत्री) नरेंद्र मोदी का भारत आज वह भारत नहीं है जिससे मुझे प्यार हुआ।" उन्होंने कहा था कि, "मैं एक ऐसे देश के लिए इतना आलोचनात्मक और सार्वजनिक रूप से आलोचनात्मक क्यों होऊंगा, जिससे मैं प्यार करता हूं? इसका जवाब यह है, कि मैं भारत से प्यार करता हूं, इसलिए मैं इसके लोगों पर इन हमलों को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हूं। ऐसा इसलिए है, क्योंकि मैं एक युवा के रूप में जीवंत लोकतंत्र के समर्थन में इतना भावुक हूं, कि मैं देखना चाहता हूं कि आने वाली पीढ़ियों के लिए लोकतंत्र फलता-फूलता रहे।"












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