Lebanon Israeli War: 'पीछे हट जाएं', इजराइल की चेतावनियों के बावजूद लेबनान में UNIFIL सैनिक डटे
Lebanon Israeli War: लेबनान के दक्षिणी हिस्से में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) की सेनाएं डटी हुईं हैं। वहीं, इजराइली रक्षा बलों (IDF) ने उन्हें चेतावनी दी है कि वे पीछे हट जाएं। UNIFIL प्रवक्ता एंड्रिया टेनेन्टी ने बताया कि इसमें शामिल सभी देशों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एकमत से यह निर्णय लिया है कि शांतिकर्मी अपने कर्तव्यों का पालन करते रहेंगे। उनका मुख्य उद्देश्य संघर्ष पर नजर रखना और मानवीय सहायता पहुंचाना है।
UNIFIL के सैनिकों को सुरक्षा संबंधी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रवक्ता टेनेन्टी के अनुसार, आईडीएफ ने कई बार UNIFIL के ठिकानों को निशाना बनाया है, जिससे वहां तैनात सैनिकों की जान को खतरा हुआ है। दूसरी ओर, हिजबुल्लाह द्वारा भी UNIFIL के ठिकानों के पास से इजराइल पर रॉकेट दागे गए हैं। ऐसे में शांतिकर्मी दो तरफ से गंभीर खतरे का सामना कर रहे हैं।

इस महीने की शुरुआत में नकौरा में UNIFIL के मुख्यालय पर इजराइली टैंक द्वारा की गई गोलीबारी के कारण दो इंडोनेशियाई शांतिकर्मी घायल हो गए थे और एक निगरानी टावर भी क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके अलावा, जर्मनी ने भी बताया कि उनके एक नौसेना जहाज ने लेबनान के पास एक अज्ञात ड्रोन को रोका था।
गश्त पर रोक और सुरक्षा उपाय
लेबनान-इजराइल सीमा के पास स्थित "ब्लू लाइन" पर बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के कारण UNIFIL ने अपनी अधिकांश गश्तों को अस्थायी रूप से रोक दिया है। टेनेन्टी के अनुसार, प्रतिदिन सैकड़ों रॉकेट और मिसाइल ब्लू लाइन को पार करते हैं, जिससे शांतिकर्मियों को सुरक्षित आश्रयों में रहना पड़ रहा है।
हालांकि, आईडीएफ की चेतावनियों के बावजूद UNIFIL ने ब्लू लाइन के पास अपने 29 स्थानों पर अपनी स्थिति बनाए रखी है। अब तक शांतिकर्मियों ने आत्मरक्षा के लिए हथियारों का उपयोग नहीं किया है, लेकिन आत्मरक्षा की अनुमति दी गई है। ज़मीनी कमांडरों पर यह निर्णय छोड़ा गया है कि कब और कैसे हथियारों का उपयोग किया जाना चाहिए।
इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव
इजराइल ने UNIFIL पर हिजबुल्लाह की सैन्य गतिविधियों को रोकने में असफल रहने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हिजबुल्लाह शांतिकर्मियों के ठिकानों के पास अपने सैन्य ठिकाने बना रहा है। इस पर UNIFIL ने कहा है कि वह सुरक्षा परिषद द्वारा निर्धारित सीमाओं का पालन कर रही है। इसमें निजी संपत्ति की तलाशी लेना और हिजबुल्लाह को निहत्था करना शामिल नहीं है।
इसके अलावा, UNIFIL ने हाल ही में इजरायल के क्षेत्र में कुछ गुप्त सुरंगों के निर्माण की रिपोर्ट भी सुरक्षा परिषद को दी है, जो इस क्षेत्र में अस्थिरता को और बढ़ा रही हैं।
लेबनान में मानवीय संकट
संयुक्त राष्ट्र प्रवासन एजेंसी के अनुसार, लेबनान में चल रहे संघर्षों के कारण लगभग 800,000 लोग विस्थापित हो चुके हैं। इनमें से 3 से 5 लाख लोग UNIFIL के संचालन क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं। ऐसे में मानवीय सहायता पहुँचाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। UNIFIL इन हालातों पर नजर रखे हुए है और संघर्ष के बीच जितना संभव हो सके, सहायता पहुँचाने की कोशिश कर रहा है।
लेबनान में UNIFIL की तैनाती काफी मुश्किलों और चुनौतियों से भरी है। इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच बढ़ते तनाव ने स्थिति को और भी जटिल बना दिया है। शांतिकर्मियों की भूमिका संघर्ष को नियंत्रित करने और मानवीय सहायता पहुंचाने की है, लेकिन सुरक्षा के गंभीर खतरों के बीच इस कार्य को अंजाम देना बेहद कठिन हो गया है। इसके बावजूद, UNIFIL अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता की उम्मीद बनी रहे।












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