युद्ध लड़ने से बचने के लिए यूक्रेन में जमकर चल रहा घूस का खेल, हजारों डॉलर खर्च कर भाग रहे लोग
यूक्रेन और रूस के बीच शुरू हुई जंग के लगभग डेढ़ साल पूरे हो चुके हैं। इस जंग से दोनों ही देशों में कई सैनिकों की जानें गईं हैं। ऐसे में उनकी कमी को पूरी करने के लिए बड़े पैमाने पर सैनिकों की भर्ती हो रही है।
इस बीच यूक्रेनी अधिकारियों ने खुलासा किया है कि राजधानी कीव सहित 11 क्षेत्रों में लोग फर्जी तरीके से चिकित्सा छूट प्रमाणपत्र हासिल कर रहे हैं। इसके जरिए वे सैन्य दल का हिस्सा बनने से बच जाते हैं।

अभियोजकों के अनुसार उन्होंने घोटाले की जांच के लिए कीव, ओडेसा, लविव और अन्य शहरों में 100 स्थानों पर तलाशी ली। इन दौरान उन्होंने पाया कि क्षेत्रीय भर्ती केंद्रों के अधिकारी, सैन्य चिकित्सा आयोग के सदस्यों के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं।
अभियोजकों के मुताबिक इसके लिए स्वास्थ्य समस्या से जुड़े झूठा प्रमाण पत्र जारी कर पुरुषों को सैन्य ड्यूटी के लिए अयोग्य घोषित कर दिया। इन झूठे दस्तावेज़ों के परिणामस्वरूप उन्हें ड्राफ्ट रजिस्टर से हटा दिया गया। ऐसा करने के बदले में इन अधिकारियों ने औसतन 6 हजार डॉलर की रिश्वत ली।
हैरानी की बात यह है कि इन व्यक्तियों को इस दौरान किसी भी प्रकार के मेडिकल जांच से भी नहीं गुजरना पड़ा, क्योंकि उनके दावों को सत्यापित करने के लिए कोई इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड नहीं थे।
अभियोजकों के मुताबिक इसके बाद सेना में शामिल होने से छूट हासिल कर चुके लोगों ने इस फर्जी दस्तावेज का उपयोग यूक्रेन से बाहर यात्रा करने के लिए भी किया।
पुलिस द्वारा की गई तलाशी में डॉक्टरों के कार्यालयों, भर्ती केंद्रों और संदिग्ध ड्राफ्ट डोजर्स के आवासों से कई पुरुषों के मेडिकल रिकॉर्ड, रोगी प्रमाण पत्र के अलावा अन्य प्रासंगिक दस्तावेजों सहित आपत्तिजनक साक्ष्य जब्त किए गए।
रिपोर्ट के मुताबिक इस पूरे घोटाले को स्पष्ट रूप से अनाम तीसरे पक्षों द्वारा अंजाम दिया गया। इसकी वजह से ये मामला काफी जटिल हो गया है। इस फर्जीवाड़े की जांच यूक्रेनी राष्ट्रीय पुलिस और सुरक्षा सेवा (एसबीयू) मिलकर कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, फिलहाल अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन कई व्यक्तियों को संदेह के दायरे में रखा गया है।
बता दें कि फरवरी 2022 में रूस के साथ युद्ध शुरू होने के साथ ही यूक्रेनी सरकार ने भर्तियां शुरू की थीं। इसके बाद जून के अंत में, कई क्षेत्रों में भर्ती केंद्रों ने नए तरीके से भर्ती प्रक्रिया को अपनाया। इसमें लोगों को व्यक्तिगत सम्मन भेजने के बजाय, सैनिक भर्ती के लिए जरूरी सभी पुरुषों को रिपोर्ट करने के लिए बुलाया गया।
यह ध्यान देने योग्य है कि यूक्रेन सार्वजनिक रूप से अपनी सेना के लिए आधिकारिक हताहत आंकड़े जारी नहीं करता है। हालांकि, हाल के महीनों में सोशल मीडिया पोस्ट से पता चला है कि देश भर में कब्रिस्तान खतरनाक दर से भर रहे हैं।












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