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रूस को घर में घुसकर मार रहा है यूक्रेन का नया ड्रोन, परमाणु बम गिराने वाले विमानों पर हमला

यूक्रेन के खिलाफ रूस ने 24 फरवरी को 'सैन्य अभियान' शुरू किया था और 10 अक्टूबर के बाद से रूस ने एक बार फिर से यूक्रेन ने हमले शुरू कर दिए हैं।

Russa-Ukraine War

Russa-Ukraine War: सोमवार की सुबह यूक्रेन से निकले एक रहस्यमयी हथियार ने रूस के अंदर एक ठिकाने को निशाना बनाया और टारगेट पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। ये हथियार लैंडिंग जेट विमान की तरह लग रहा था और उस विमान की गगनभेदी गर्जना ने वोल्गा नदी क्षेत्र के लोगों को दहला कर रख दिया। समतल मैदान में गिरे इस विमान ने अपने टारगेट को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। सर्विलांस कैमरे में जो फुटेज रिकॉर्ड हुए हैं, उसके मुताबिक ये हथियार बिजली की चमक रही थी और गड़गड़ाहट के साथ विस्फोट हुआ, जिसने एंगेल्स को हिलाकर रख दिया। एंगेल्स रूस का एक शहर है, जो मशहूर दार्शनिक के नाम पर रखा गया है और ये शहर करीब 3 लाख लोगों का घर है।

यूक्रेनी ड्रोन मचा रहा तबाही

यूक्रेनी ड्रोन मचा रहा तबाही

24 फरवरी को रूस ने पहली बार यूक्रेन पर हमला किया था और जबकि अब इस युद्ध का 10 महीना चल रहा है, तो यूक्रेन ने भी पलटवार करना शुरू कर दिया है। यूक्रेन ने पहली बार रूस को घर में घुसकर मारा है और रूस के सबसे बड़े और सबसे महत्वपूर्ण सैन्य हवाई क्षेत्रों में से एक पर हमला किया। रूस का ये वो रणनीतिक सैन्य ठिकाना है, जहां रूस ने अपनी टुपोलेव सीरिज की TU-160 और TU-95 बमवर्षक विमान रखे हुए हैं। रूस के ये विमान परमाणु बम गिराने में सक्षम हैं और यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से ही रूस ने अपने इन विमानों को स्टैंटबॉय मोड पर रखा हुआ है। वहीं, इन विमानों के जरिए रूस ने दर्जनों बार गैर-परमाणु मिसाइलों की बारिश यूक्रेन पर की है। इन हमलों के लिए रूस यूक्रेन को सीध तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, यूक्रेन ने सीधे तौर पर इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन अगर यूक्रेन इस हमले की जिम्मेदारी ले लेता, तो फिर व्यापक तौर पर यही माना जाता, कि फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद रूस पर ये सबसे बड़ा हमला होता।

यूक्रेन की बदल रही है रणनीति?

यूक्रेन की बदल रही है रणनीति?

रूस ने 10 अक्टूबर के बाद से यूक्रेन पर हमलों की नई सीरिज शुरू की है और 10 अक्टूबर के बाद से रूस ने कम से कम हमलों की सात सीरिज लांच की, जिसमें दर्जन भर से ज्यादा नागरिक मारे गये, लेकिन इस हमले का मकसद यूक्रेन के पावर सेंटर्स को उड़ाना था। इन हमलों में रूस ने यूक्रेन के दर्जनों पावर ग्रिड को उड़ा दिया और इसके साथ ही लाखों यूक्रेनियन अब सर्दी के मौसम में गर्मी के लिए मरहूम हो जाएंगे। यूक्रेनियन के लिए ये स्थिति काफी ज्यादा मुश्किल भरी है और रूस ने भारी संख्या में यूक्रेनियन इन्फ्रास्ट्रक्चर को ध्वस्त कर दिए। लेकिन, रूस के ठिकाने पर हमले किसने किए, ये एक सबसे अहम सवाल है। क्योंकि, जिस रूसी ठिकाने पर हमला हुआ है, वो खार्किव क्षेत्र के पूर्वी भाग से करीब 650 किलोमीटर की दूरी पर स्थिति है और रूस का एंगेल्स एयरफील्ड एक सुरक्षित ठिकाने के तौर पर देखा जा रहा था और किसी ने भी नहीं सोचा था, कि यूक्रेन का हमला करने का रेंज वहां तक है। लेकिन, अब ये सोच बदल गई है और सैन्य विश्लेषकों का कहना है, कि यूक्रेन ने रूस पर हमला करने की क्षमता हासिल कर ली है।

रूस के घर में घुसकर हमला

रूस के घर में घुसकर हमला

यूक्रेन के जनरल स्टाफ के पूर्व उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इहोर रोमनेंको ने अलजजीरा को दिए गये एक इंटरव्यू में बताया है कि, "ये हमारे लिए और हमारे सहयोगियों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है और ये हमारे दुश्मनों के लिए अप्रत्याशित है, क्योंकि, इसने उनकी योजनाओं को विफल कर दिया गया है।" एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यूक्रेन का नया हथियार रूस के पश्चिमी हिस्से के एक बड़े क्षेत्र को कवर करता है, जिसमें राजधानी मॉस्को के साथ-साथ निचला वोल्गा नदी क्षेत्र और यूक्रेन का ही रूसी कब्जे वाला क्रीमिया क्षेत्र शामिल है, जहां रूस ने काला सागर में अपना समुद्री बेड़ा तैनात कर रखा है। जर्मनी के ब्रेमेन विश्वविद्यालय के एक इतिहासकार निकोले मित्रोखिन ने कहा कि, "यूक्रेन का ये नया हथियार शक्तिशाली और सटीक है, जो तेल, रसायन और ऊर्जा से संबंधित किसी भी ठिकाने को ध्वस्त करने की क्षमता रखता है।"

रूस को कितना नुकसान पहुंचा सकता है यूक्रेन?

रूस को कितना नुकसान पहुंचा सकता है यूक्रेन?

दस लाख से अधिक आबादी वाले चार रूसी शहर यूरोप की सबसे लंबी नदी वोल्गा के किनारे रहती है। सदियों से वोल्गा नदी रूस के लाखों लोगों के लिए लाइफलाइन बनी रही है और रूस के लोग वोल्गा नदी को 'मटुष्का' यानि 'प्रिय मां' कहकर संबोधित करते हैं। वोल्गा की सहायक नदियों में मोस्क्वा नाम की वो नदी भी शामिल है, जो मॉस्को से होकर गुजरती है और अपने किनारे बसने वाले 1 करोड़ 20 लाख निवासियों को पानी उपलब्ध कराती है। ये वो क्षेत्र है, जहां दर्जनों सोवियत काल की फैक्ट्रियां और कल- कारखाने हैं। इस क्षेत्र को यूएसएसआर ने अपने शासन के दौरान औद्योगिक बेल्ट में बदल दिया और इस क्षेत्र में अभी भी दर्जनों कारों, वस्त्रों, रसायनों, प्लास्टिक और पेट्रोल पंप के कारखाने हैं।

रूस कैसे कर सकता है बचाव?

रूस कैसे कर सकता है बचाव?

जर्मन विशेषज्ञ मित्रोखिन ने कहा कि, "रूस को अपनी वायु और मिसाइल रक्षा सिस्टम को लेकर पूरी तरह से नये सिरे से पुनर्विचार करना होगा, लेकिन ये एक ऐसा काम है, जिसे फौरन नहीं किया जा सकता है और रूस ठीक इस वक्त अपने एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत नहीं कर सकता है, लेकिन रूस आगे जाकर अगले कुछ सालों में ऐसा करेगा। लेकिन, इस बीच अगर यूक्रेन से हमला किया जाता है, तो फिर रूस के लिए इन हमलों को रोकना असंभव होगा, हां वो कुछ हद तक नुकसान को रोक सकता है।" लेकिन, रूस के लिए सबसे दिक्कत की बात ये है, कि अब लाखों रूसी रात में सोते वक्त खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे। मित्रोखिन ने कहा, "मस्कोवाइट्स सहित उन क्षेत्रों के निवासियों के मन में अब यह डर घर कर गया है, कि उनके सिर पर कभी भी बम गिर सकता है और उनका शहर धधक सकता है।"

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