यूरोपियन संघ का हिस्सा क्यों बनना चाहता है यूक्रेन, NATO से यह कितना अलग है?
यूक्रेन को यूरोपीय संघ में शामिल होने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए हरी झंडी मिल गई है। युद्ध से लगभग तबाह हो चुके यूक्रेन के लिए इसे एक बड़ा प्रोत्साहन और रूस के लिए एक संदेश माना जा रहा है।
गुरुवार देर रात यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों की बैठक हुई, इसमें यूक्रेन और मोल्दोवा को संघ का सदस्य बनाने की प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति बनी। 27 में से 26 देशों ने यूक्रेन को सदस्य बनाने के पक्ष में वोट किया। वहीं एकमात्र देश हंगरी ने इसका विरोध किया।

फरवरी 2022 में रूस के आक्रमण के एक सप्ताह से भी कम समय में यूक्रेन ने आधिकारिक तौर पर यूरोपीय संघ में शामिल होने के लिए आवेदन किया था। इसकी प्रक्रिया अब शुरू हुई है। हालांकि यूक्रेन को यूरोपीय संघ का सदस्य बनने में कई साल लग सकते हैं। आइये जानते हैं कि यूक्रेन के लिए यूरोपीय संघ में शामिल होना महत्वपूर्ण और कठिन क्यों है।
यूरोपीय संघ का जन्म द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जर्मनी और फ्रांस के बीच एक और युद्ध को रोकने और पड़ोसी देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए हुआ था। इसके छह संस्थापक सदस्य बेल्जियम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और लक्जमबर्ग थे।
तब से, यूरोपीय संघ का लगातार विस्तार होता गया है और आज इस संघ में कुल 27 देश शामिल हैं। इसमें से कई पूर्वी यूरोप के पूर्व कम्युनिस्ट ब्लॉक से हैं। इस संघ का मूल विचार है कि राष्ट्रों के बीच समृद्धि और शांति को बढ़ावा देने का सबसे अच्छा तरीका आर्थिक और राजनीतिक एकीकरण है।
यूक्रेन का शामिल होना क्यों महत्वपूर्ण है?
यूक्रेन उन कई देशों में से एक है जो लंबे समय से यूरोपीय संघ में शामिल होना चाहता था और इसे धन और स्थिरता के मार्ग के रूप में देखता था। हालांकि यूरोपीय संघ नाटो की तरह एक सैन्य गठबंधन नहीं है, लेकिन कुछ लोगों द्वारा इस गुट की सदस्यता को रूसी प्रभाव के ख़िलाफ़ एक दीवार के रूप में देखा जाता है।
यूरोपीय संघ का सदस्य बनने के बाद यूक्रेन को आर्थिक फायदा हो सकता है जिससे रूस के खिलाफ उसे बड़ी ताकत मिल जाएगी। इसके प्रावधान के मुताबिक सदस्य देश एक साथ मिलकर उस देश की मदद करते हैं, जिस पर कोई अन्य देश हमला करता है। इसे लेकर बाकायदा एक म्यूचुअल डिफेंस क्लॉज होता है, जिस वजह से मुश्किल में फंसे देश की मदद करना अनिवार्य हो जाता है।
मिलेगा खुला बाजार
आर्थिक तौर पर देखा जाए तो EU का सदस्य बनने से यूक्रेन को सभी यूरोपियन देशों के साथ खुला बाजार मिलेगा और हर सामान बिना किसी पाबंदी के आसानी के साथ एक देश से दूसरे देश में जा पाएगा। वहीं, यूक्रेन के नागरिकों की भी बड़ी मदद होगी, उन्हें कई तरह के अधिकार मिल जाएंगे। जैसे- कोई भी नागरिक यूक्रेन से किसी यूरोपीय देश आएगा, तो तीन साल तक उन्हें वहां रहने के लिए वीजा आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
ईयू का सदस्य बनने की प्रक्रिया क्या है ?
यूरोपीय संघ की सदस्यता यूक्रेन की पुरानी मांग है, जिसे लेकर वह लड़ रहा है। जैसे, नाटो की सदस्यता यूक्रेन के लिए मायने रखती है, उसी तर्ज पर EU का सदस्य बनना भी यूक्रेन के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, EU का सदस्यता हासिल करने की प्रक्रिया काफी जटिल और लंबी है, इसमें सालों का वक्त लग सकता है।
सबसे पहले तो EU में शामिल होने वाले देश को फ्री मार्केट इकोनॉमी बनानी होगी। फिर उसे EU के सभी कायदे-कानून मानने पड़ेंगे। इसके बाद यूरोपियन काउंसिल के सभी सदस्यों को एक मत से किसी देश को स्वीकृति देनी होती है। इस प्रक्रिया में कई दौर के आवेदन और बातचीत शामिल हैं।
यूक्रेन का ईयू का मेंबर बनना मुश्किल क्यों है?
यूरोपीय संघ के नियमों के मुताबिक यह प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर तब तक शुरू नहीं हो सकती जब तक यूक्रेन भ्रष्टाचार, लॉबिंग चिंताओं और प्रतिबंधों सहित कई मुद्दों को हल नहीं कर लेता है। हालांकि यूरोपीय संघ के अधिकारियों का कहना है कि यूक्रेन ने हाल के महीनों में इन मुद्दों पर प्रगति की है, लेकिन अभी भी इसे एक लंबा रास्ता तय करना है।












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