क्या यूक्रेन में जैविक हथियार, वायरस बना रहा था अमेरिका? मिले 30 प्रयोगशाला, भड़के चीन ने मांगा जवाब

रूस की सेना ने यूक्रेन में 30 जैविक प्रयोगशालाएं होने का दावा किया है। वहीं, अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने कहा है कि, अमेरिका अपने प्रयोगशालाओं को बचाने की तैयारी कर रहा है।

कीव/वॉशिंगटन, मार्च 09: रूस ने दावा किया है कि, यूक्रेन के साथ मिलकर अमेरिका यूक्रेन में जैविक हथियार बना रहा और रूसी सेना ने यूक्रेन में 30 प्रयोगशालाओं के होने का दावा किया है, जिसके बाद चीन अमेरिका के ऊपर भड़क गया है और चीन ने अमेरिका के प्रयोगशाला को लेकर जवाब मांगा है।

रूस ने 30 प्रयोगशाला होने का किया दावा

रूस ने 30 प्रयोगशाला होने का किया दावा

रूस की सेना के प्रमुख इगोर किरिलोव ने रिपोर्टर्स से दावा किया है कि, रूसी सेना ने 30 जैविक प्रयोगशालाओं को यूक्रेन में खोजा है, जिनमें रासायनिक और जैविक हखियारों को विकसित किया जा रहा था। रूस की तरफ से दावा किया गया है कि, इन प्रयोगशालाओं में जैविक हथियारों का निर्माण किया जा रहा था। किरिलोव ने कहा कि, "रूसी रक्षा मंत्रालय ने बार-बार सैन्य जैविक कार्यक्रमों की तरफ ध्यान आकर्षित किया है जो पेंटागन द्वारा सोवियत संघ के विघटन के बाद बने नये देशों में लागू किए जा रहे हैं, जिसमें यूक्रेन का क्षेत्र भी शामिल है, जहां 30 से अधिक जैविक प्रयोगशालाओं का एक नेटवर्क बनाया गया है, जिनमें हो सकता है कि, जैविक और रासायनिक हथियारों का निर्माण किया जा रहो।

अमेरिका पर रूस के सनसनीखेज आरोप

अमेरिका पर रूस के सनसनीखेज आरोप

रूसी सेना के प्रमुख इगोर किरिलोव ने कहा कि, 'यूक्रेन में जो प्रयोगशाला चलाए जा रहे हैं, उनका कस्टमर पेंटागन डिफेंस थ्रेट रिडक्शन एजेंसी (डीटीआरए) है और अमेरिकी सैन्य विभाग का एक कॉरपोरेशन 'ब्लैक एंड वीच' भी क्रियान्वयन शामिल है। रूसी सेना के प्रमुख ने दावा करते हुए कहा है कि, ''ये काम तीन प्राथमिक क्षेत्रों में किया जा रहा है।'' उन्होंने कहा कि, पहला है, पेंटागन के अनुसार, नाटो सदस्य देशों से सैन्य टुकड़ियों की तैनाती के लिए प्रस्तावित क्षेत्रों में जैविक स्थिति की निगरानी। दूसरा है, ''हानिकारक सूक्ष्म जीवों के उपभेदों का संग्रह करना और संयुक्त राज्य अमेरिका में उन्हें ट्रांसफर करना''। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि, तीसरा काम है, ''जैविक हथियारों को बनाने के बाद उन्हें अलग अलग जगहों पर भेजना और फिर इंसानों के बीच उनका ट्रांसफर करना''।

अमेरिकी सरकार ने की दावों की पुष्टि?

अमेरिकी सरकार ने की दावों की पुष्टि?

अमेरिका की विदेश मामलों की अंडर सेक्रेटरी विक्टोरिया नूलैंड ने खुलासा किया है कि, अमेरिका लगातार कोशिश कर रहा है कि, बॉयोलॉजिकल शोध केन्द्रों को रूसी के हाथ में पड़ने से रोकने के लिए काम कर रहा है। वहीं, अंडर सेक्रेटरी के इस खुलासे के बाद तहलका मच गया है और अब तक जो अमेरिका कोरोना वायरस को लेकर लगातार चीन को घेर रहा था, वो अब खुद फंस गया है। वहीं, अंडर सेक्रेटरी के इस खुलासे के बाद अमेरिका में रूस के राजदूत अनातोली एंटोनोव ने कहा कि, यूक्रेन में जैविक हथियारों के नियमों में हो रहे उल्लंघन को लेकर रूस चिंतित है। रूसी राजदूत ने का कि, ''अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी के बयान से संकेत मिल रहे है कि, अमेरिका अब डरा हुआ है कि, रोग फैलाने वाला वायरस रूसी एक्सपर्ट्स के हाथों में आ जाएंगे, लिहाजा अमेरिका अब उन्हें रूसी हाथों में पड़ने से रोकने के लिए हर तरह की कोशिशें कर रहा है। रूस ने अमेरिका के ऊपर 'टॉक्सिक वीपन्स' बनाने के आरोप लगाए हैं।

प्रयोगशाला में जैविक हथियारों का निर्माण?

प्रयोगशाला में जैविक हथियारों का निर्माण?

अमेरिका में रूसी राजदूत एंटोनोव ने दावा करते हुए कहा है कि, 'अमेरिका यूक्रेन के कई शहर, जैसे लवीव, खोरकीव और वोल्टावा में कम से कम 30 प्रयोगशालाएं चला रहा है।'' वहीं, रूसी राजदूत ने कहा कि, ''प्रयोगशालाओं में प्लेग, एंथ्रेक्स, टुलारेमिया, हैजा और अन्य महामारियों के प्रेरक मिले हैं''।

चीन ने मांगा अमेरिका से जबाव

चीन ने मांगा अमेरिका से जबाव

वहीं, रूस के खुलासे के बाद चीन की तरफ से काफी कड़ी प्रतिक्रिया दी गई है और चीनी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से यूक्रेन में मिले जैविक प्रयोगशालाओं के बारे में जल्द पूरी जानकारी सार्वजनिक करने के लिए कहा है। आरटी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि, ''रूस की सेना की तरफ से दावा किया गया है कि, प्रयोशाला में मौजूद रोगजनक को यूक्रेनी अधिकारी नष्ट कर रहे हैं, ताकि वो रूसी विशेषज्ञों के हाथ नहीं लगे। रूस ने कहा है कि, इन प्रयोगशालाओं को अमेरिका की सेना की मदद से वित्तीय मदद की जा रही थी, लिहाजा अमेरिका पूरी स्थिति को स्पष्ट करे''। हालांकि, यूक्रेन की तरफ से रूसी आरोपों से इनकार किया गया है।

अमेरिका पर जमकर बरसा चीन

अमेरिका पर जमकर बरसा चीन

यूक्रेन की राजधानी कीव में अमेरिकी दूतावास की वेबसाइट पर कहा गया है कि, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय दुनिया में जैविक खतना को न्यूनतम करने के लिए और संक्रामक रोगों के प्रकोप के खतरे का मुकाबला करने के लिए, अपने भागीदार देशों के साथ मिलकर काम करता है। वहीं, मंगलवार को जब रूसी सेना ने कम से कम 30 अमेरिकी प्रयोगशालाओं के होने का खुलासा किया, तो चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, ''चीन का मानना है कि, यूक्रेन में जो जैविक प्रयोगशालाएं मिले हैं, वो एक पहाड़ की सिर्फ एक चोटी के समान है और अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पूरी दुनिया के 30 देशों में 336 जैविक प्रयोगशालाओं को नियंत्रित करता है।

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