नेपाल में दो बिहारी मजदूरों की दम घुटने से मौत, बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोने से हुई मौत

नेपाल के परसा जिले में दो भारतीय मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, दोनों कमरे में कोयला जलाकर सो गए थे। उन्होंने कहा कि दोनों लोग बिहार के मोतिहारी जिले के रहने वाले थे।

Angithi Smoke Side Effects

Image: File

नेपाल के परसा जिले में रोजी-रोटी की तलाश में काम करने गए दो भारतीय मजदूरों की मौत हो गई। इनकी मौत का कारण दम घुटना बताया जा रहा है। स्थानीय पुलिस के मुताबिक ये मजदूर घर में कोयला जलाने के बाद सो गए थे। उस कमरे हवा के बाहर निकलने के लिए उचित व्यवस्था नहीं थी।

कमरे में हवा निकलने का नहीं था इंतजाम

परसा पुलिस के मुताबिक इन दो मजदूरों की उम्र 29 और 30 साल थी। दोनों कामगार बिहार के मोतिहारी जिले के रहने वाले थे और बीरगंज-22 में कोयला डिपो में काम करते थे। काठमांडू पोस्ट अखबार ने पुलिस उपाधीक्षक दीपक गिरी के हवाले से कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि मंगलवार को कोयले को जलाने के बाद दोनों मजदूर एक कमरे में सोए थे। इस कमरे में वेंटिलेशन की उचित व्यवस्था नहीं थी, जिसके परिणामस्वरूप दम घुटने से इनकी मौत हो गई।

बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोना जानलेवा

पुलिस उपाधीक्षक दीपक गिरी ने कहा कि मामला तब सामने आया जब बुधवार सुबह 10 बजे तक दोनों ने अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोला, जिसके बाद उनके सहयोगियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने वहां पहुंचने के बाद दरवाजा तोड़ा और उन्हें मृत पाया। विशेषज्ञों के मुताबिक रात में सोने के दौरान गर्माहट के लिए कोयला या फिर लकड़ी जलाना खतरनाक साबित हो सकता है। अंगीठी से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस दम घोंट सकती है। खासतौर पर तब जब कमरे में वेंटिलेशन का कोई प्रबंध न हो।

जहरीली गैस है कार्बन मोनोऑक्साइड

डॉक्टरों के मुताबिक कार्बन मोनोऑक्साइड एक जहरीली गैस है। ऐसी किसी जगह पर जहां कोयला या लकड़ी जल रही हो और वेंटिलेशन का कोई माध्यम न हो तो सांस लेने के दौरान व्यक्ति कार्बन मोनोऑक्साइड और ऑक्सीजन दोनों अंदर लेने लगता है। इस दौरान कार्बन मोनोऑक्साइड हीमोग्लोबिन के साथ मिलकर कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन में बदल जाता है। दरअसल खून में मौजूद लाल रक्त कणिकाएं ऑक्सीजन को छोड़ कार्बन मोनो ऑक्साइड के साथ जुड़ने लगती हैं। इससे शरीर के कई अहम जगहों पर ऑक्सीजन की सप्लाई रूक जाती है। शरीर के प्रमुख अंगों के उत्तक नष्ट होने लगते हैं और व्यक्ति की मौत होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए विशेषज्ञ रात के दौरान कमरे में अंगीठी जलाने से मना करते हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+