Turkey Earthquake: हाड़ कंपाती ठंड के बीच भारतीय संवेदनशीलता की गर्मी! राजदूत ने शेयर किया दिल छूने वाला लेटर
तुर्की में भूकंप के कारण हजारों लोगों की मौत हुई है। कड़ाके की ठंड के बीच भारतीय युवाओं ने 100 कंबल डोनेट किए हैं। तुर्की के राजदूत ने लेटर के साथ दिल छूने वाली बात शेयर की है।

Turkey Eartquake एक ऐसी त्रासदी बनकर सामने आई है, जिसके सामने मदद के तमाम मानवीय प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। 20 हजार से अधिक लोगों की मौत के बाद भारत समेत तमाम देख तुर्की की पीड़ित और भूकंप प्रभावित आबादी की मदद के तरीके तलाश रही है। ऐसी ही एक सराहनीय कोशिश भारत की तरफ से हुई है। सेना और NDRF टीम के बाद अब भारत की जनता कड़ाके की ठंड में कंबल बांट रही है। 100 कंबल भेजे जाने का लेटर राजदूत ने ट्वीट कर दिल छूने वाली बात कही है।
1.13 लाख से अधिक लोगों ने देखे ट्वीट
तुर्की के राजदूत फिरात सुनेल ने 100 कंबल दान करने वाले भारतीयों के लेटर ट्वीट कर हैशटैग वसुधैव कुटुंबकम यानी पूरा विश्व एक परिवार है, का संदेश भी शेयर किया। 9 फरवरी की शाम 7.48 बजे शेयर की गई पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। अब तक 1.13 लाख से अधिक बार देखे जा चुके इस पोस्ट को 2.5 हजार से अधिक ट्विटर यूजर्स लाइक कर चुके हैं।
कुलदीप, गौरव समेत चार लोगों ने दिया दान
दरअसल, भारत में तुर्की के राजदूत फ़िरात सुनेल ने गुरुवार को ट्विटर पर भारतीय नागरिकों के एक समूह को धन्यवाद दिया। कुलदीप, अमरजीत, सुखदेव और गौरव नाम के चार इंडियंस ने तुर्की भूकंप के पीड़ितों के लिए 100 कंबल दान किए हैं। उन्होंने पत्र की तस्वीर शेयर की जो "भारत से प्यार भेज रहे हैं" के संदेश के साथ शुरू होता है।
तुर्की पर कृपा करें भगवान
पत्र में आगे कहा गया है, "तुर्की के सभी लोगों को हमारा सादर प्रणाम। अभी दो दिन पहले तुर्की में आई प्राकृतिक आपदा में जान-माल के नुकसान को लेकर हम सभी बेहद चिंतित हैं, हम सभी भारतीय संकट की इस घड़ी में तुर्की के साथ दुख में खड़े हैं।" भगवान तुर्की पर कृपा करें और उसे इस मुसीबत से निपटने की हिम्मत दें।"
भारतीय परिवार की उदारता, राजदूत क्या बोले ?
तुर्की के राजदूत ने कैप्शन में लिखा है, "कभी-कभी शब्दों के मायने शब्दकोष में दर्ज अर्थ से कहीं अधिक गहरे होते हैं। एक भारतीय परिवार ने कंबल दान कर मिसाल पेश की है।
आपदा से जल्द उबरे तुर्की
नेटिज़न्स इस नेक काम की सराहना करते दिखे। शुभकामनाओं के अलावा कमेंट सेक्शन में लोग तुर्की की तेज रिकवरी की कामना करते भी दिखे। एक यूजर ने लिखा, "तुर्की के लोगों के लिए तहेदिल से शुक्रिया और प्यार। इस आपदा से जल्द उबरने की कामना करता हूं।" एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, "हम सभी भारतीय अपने भाइयों के लिए Turky और Syria में प्रार्थना कर रहे हैं। भगवान दोनों दोस्त देशों पर कृपा बरसाएं।

24 हजार से अधिक लोगों की मौत
गौरतलब है कि 24,000 से अधिक लोगों के मारे जाने और 80,000 से अधिक के घायल होने के बाद पीड़ितों की सहायता के लिए भारत ने तुर्की और सीरिया को सहायता प्रदान करने के लिए ऑपरेशन दोस्त लॉन्च किया है। अब तक, भारत ने मलबे के माध्यम से खुदाई करने और बचे लोगों को खोजने के लिए चिकित्सा आपूर्ति, मेडिक्स और खोज-बचाव टीमों को भेजा है।
तुर्की और सीरिया में भूकंप, कई देशों से मदद
अमेरिका, चीन, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ सहित अमेरिका, चीन, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ सहित कई अन्य देश तुर्की में सहायता और बचावकर्मी भेजने के लिए तेजी से जुटे हैं। पहला बड़ा भूकंप सोमवार को मध्य तुर्की और उत्तर-पश्चिम सीरिया में आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.8 मापी गई। तुर्की ने उसी दिन 7.6 और 6.0 तीव्रता के दो और भूकंप देखे। देश में मंगलवार को दो और भूकंप आए जिनकी तीव्रता 5.5 और 5.4 थी।












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