क्या अमेरिकी अप्रवासी पालतू बिल्लियों और बत्तखों को खा रहे? डोनाल्ड ट्रंप ने कैसे फैलाई अजीबोगरीब अफवाह?
Trump falsely claims immigrants eating pets: 5 नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले आज डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस के बीच हुई जोरदार बहस में 'पालतू जानवरों को मारकर खाने' का मुद्दा हावी रहा और दोनों नेताओं में जमकर बहस देखी गई।
राष्ट्रपति पद की बहस के दौरान, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई विवादास्पद बयान दिए, जिनमें कुछ तथ्यात्मक रूप से गलत दावे भी शामिल थे। सबसे विवादास्पद बयान तब आया, जब ट्रंप ने एक अपुष्ट दावे को दोहराया, कि अमेरिका में आने वाले अप्रवासी, ओहियो शहर में पालतू जानवरों को खा रहे हैं।

बहस के दौरान ट्रंप ने कहा, "स्प्रिंगफील्ड में, वे कुत्तों को खा रहे हैं, जो लोग आए थे, वे बिल्लियों को खा रहे हैं... वे वहां रहने वाले लोगों के पालतू जानवरों को खा रहे हैं। और यही हमारे देश में हो रहा है, और यह शर्मनाक है।"
आपको बता दें, कि पालतू जानवरों को खाने की यह कहानी शुरू में दक्षिणपंथी मीडिया की तरफ से प्रसारित की गई थी और ट्रंप के साथी और ओहियो सीनेटर जेडी वेंस ने भी इसे दोहराई है और देखते ही देखते अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए ये एक बड़ा मुद्दा बन गया है।
बहस में आव्रजन संकट पर ट्रंप बनाम कमला हैरिस
ट्रंप और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के बीच बहस के दौरान आव्रजन एक मुख्य मुद्दा था। ट्रंप ने कमला हैरिस के साथ बहस करते हुए जोरदार तरीके से सीमा संकट को उठाया। उन्होंने यह भी दावा किया, कि प्रवासी दुनियाभर की जेलों और मानसिक अस्पतालों से अमेरिका आ रहे हैं।
ट्रंप ने जोर देकर कहा, "हमारे देश में लाखों लोग जेलों और मानसिक संस्थानों और पागलखानों से आ रहे हैं।" उन्होंने कमला हैरिस को "सीमा जार" कहा, यह वह शब्द है जिसका इस्तेमाल वह अक्सर उनकी आव्रजन नीतियों की आलोचना करने के लिए करते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप के दावों की पड़ताल
मॉडरेटर डेविड मुइर ने स्प्रिंगफील्ड, ओहियो में अप्रवासियों द्वारा पालतू जानवरों को खाने के बारे में ट्रंप की कहानी की तुरंत फैक्ट-चेक की। मुइर ने कहा, "हमने शहर के मैनेजमेंट से जांच की।" उन्होंने कहा कि अधिकारियों को इन आरोपों का समर्थन करने के लिए कोई सबूत नहीं मिला। वहीं, ट्रंप जब अपने दावों पर जोर दे रहे थे, तो कमला हैरिस खुश दिखाई दे रही थीं।
लेकिन, मुइर की तरफ से फैक्ट चेक किए जाने और उनके दावों को चुनौती दिए जाने के बाद ट्रंप ने कहा, "मैंने टेलीविजन पर लोगों को इस बारे में बात करते देखा।" पूर्व राष्ट्रपति ने यह भी गलत दावा किया, कि अप्रवासी "शहरों पर कब्जा कर रहे हैं... वे हिंसक तरीके से अंदर जा रहे हैं।"
अमेरिका में आप्रवासियों की कानूनी स्थिति
यह दावा गलत है कि अप्रवासी हिंसक तरीके से शहरों पर कब्जा कर रहे हैं। जबकि कुछ अमेरिकी शहरों में अप्रवासियों की बाढ़ देखी गई है, उनमें से ज्यादातर कानूनी रूप से वर्क परमिट या अदालत में उनके मामलों की सुनवाई होने तक रहने की अनुमति के साथ आए हैं।
कैटो इंस्टीट्यूट के एक अध्ययन से पता चलता है, कि अप्रवासियों द्वारा अमेरिका में जन्मे नागरिकों की तुलना में अपराध करने की आशंका कम होती है। यह अप्रवासियों द्वारा हिंसक अधिग्रहण के बारे में ट्रंप के दावे का खंडन करता है।
इस बहस में आव्रजन पर ट्रंप के आक्रामक रुख और कमला हैरिस के ज्यादा संतुलित नजरिए के बीच स्पष्ट अंतर दिखा। ट्रंप के दावों के बावजूद, डेटा से पता चलता है कि कई अप्रवासी कानूनी फैसलों का इंतजार करते हुए अपने समुदायों में सकारात्मक योगदान देते हैं।
कैसे फैलाई गई ये अफवाह?
यह अफवाह कथित तौर पर स्प्रिंगफील्ड फेसबुक ग्रुप पर शुरू हुई। हफिंगटन पोस्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया, कि एक पड़ोसी की बेटी के दोस्त की बिल्ली गायब हो गई। बाद में बिल्ली को उनके पड़ोसी के घर से एक पेड़ से लटकते हुए पाया गया। दावा किया गया, कि पड़ोसी, जो हैती का निवासी है, वो कथित तौर पर बिल्ली को खाने के लिए तैयार कर रहा था।
स्प्रिंगफील्ड न्यूज-सन ने सोमवार को बताया कि पुलिस को "पालतू जानवरों की चोरी और खाने से संबंधित कोई रिपोर्ट नहीं मिली है"। टाइम्स ऑफ इंडिया ने पुलिस के हवाले से कहा है, कि उन्हें इस पोस्ट के बारे में पता था, लेकिन यह "अभी हमारे रडार पर नहीं है।" स्वयंभू सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एंथनी हैरिस द्वारा की गई एक अन्य पोस्ट में दावा किया गया, कि हैती के अप्रवासी "पार्क में मौजूद हैं, बत्तखों को गर्दन से पकड़ रहे हैं, उनके सिर काट रहे हैं और उन्हें लेकर चल रहे हैं और उन्हें खा रहे हैं।"
हालांकि, एंथनी हैरिस ने अपने दावों का समर्थन करने के लिए कोई सबूत नहीं दिया।
अफवाह फैलाने वालों में बड़े बड़े नाम
उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जेडी वेंस, एक्स के मालिक एलन मस्क और रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज़ समेत कई दक्षिणपंथी विचारधारा के लोग इन झूठी कहानियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं।
रिपब्लिकन हाउस ज्यूडिशियरी अकाउंट ने ट्रम्प की AI-जनरेटेड तस्वीर भी पोस्ट की।
एलन मस्क ने एक बिल्ली और बत्तख की एआई-जनरेटेड तस्वीर भी पोस्ट की।
यह सिर्फ राजनेता ही नहीं थे जो इस झूठी खबर को जनता के साथ साझा कर रहे थे। कई दक्षिणपंथी टिप्पणीकारों ने भी झूठी सूचना के कोरस में अपनी आवाज़ जोड़ी। एक ने लिखा, "क्लोवर ट्रंप को वोट दे रही है, क्योंकि वह हैती के लोगों द्वारा खाए जाने से बचना चाहती है। बिल्लियों को बचाओ! ट्रम्प को वोट दो!"
अमेरिका में बिल्लियों और बत्तखों को बचाने को लेकर अब कैम्पेन चलाए जा रहे हैं।












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