डोनाल्ड ट्रंप ने गुड फ्राइडे पर कर दी ये गलती, ट्विटर पर जमकर हो रहे ट्रोल
न्यूयार्क। कोरोनावायरस (कोविड 19) का अमेरिका पर जबरदस्त प्रकोप हैं पिछले कुछ दिनों में हजारों लोगों को कोरोना मौत की नींद सुला चुका हैं। इसी बीच अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक आर सुर्खियों में आ चुके हैं। वो इस बार चर्चा में अपने कोरोना के कारण नहीं बल्कि अपने ट्वीट के चलते हुए हैं।

ट्रंप ने लिख दी ये बात
बता दें ये पहला मौका डोनाल्ड ट्रंप अक्सर अपने ट्वीट के चलते सुर्खियों में बने रहते हैं। इस बार फिर उन्होंने कुछ ऐसा ट्वीट कर दिया जिसको लेकर सोशल मीडिया पर वो यूजर्स के बीच जमकर ट्रोल हो रहे हैं। ट्वीट कर गलती से उन्होंने हैप्पी गुड फ्राइडे लिख दिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर वह लोगों के निशाने पर आ गए। ट्रंप ने शुक्रवार को ट्विटर पर अपने संदेश में लिखा, 'सभी को गुड फ्राइडे की शुभकामनाएं।' इसे लेकर लोगों ने उनकी आलोचना की।
इसलिए मनाया जाता हैं गुड फ्राइडे
बता दें ईसाई धर्म के अनुसार गुड फ्राइडे उस दिन मनाया जाता है, जिस दिन ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था। ऐसे में पूरे विश्व में यह ईसाई समुदाय के लिए दुख का दिन है। 10 अप्रैल यानी आज गुड फ्राइडे मनाया गया। इस दिन को पुण्य शुक्रवार भी कहा जाता है। ये दिन ईसाईयों के लिए बहुत खास होता है।यह ईसाई समुदाय के सबसे प्रमुख दिनों में से एक है। इस दिन को 'शोक दिवस' के रूप में मनाया जाता है । वहीं ईसाई धर्म द्वारा रविवार को मनाया जाने वाला ईस्टर ईसा मसीह के दोबारा जीवित होने की खुशी में मनाया जाता है। ऐसे में लोगों ने ट्रंप पर बुनियादी ज्ञान नहीं होने को लेकर आलोचना की।

होली फ्राइडे, ब्लैक फ्राइडे और ग्रेट फ्राइडे भी कहते हैं
गुड फ्राइडे के दिन लोग चर्च जाकर प्रभु यीशु को याद करते हैं। इस बार कोरोना वायरस और लॉकडाउन के चलते सारे धार्मिक स्थल बंद हैं। इसलिए लोग घरों में रह कर ही प्रभु यीशु को याद कर रहे हैं। बाइबिल के अनुसार, प्रभु ईसा मसीह ने शुक्रवार के दिन ही अपने जीवन का बलिदान दिया था. इसलिए उनकी याद में गुड फ्राइडे मनाते हैं। गुड फ्राइडे को होली फ्राइडे, ब्लैक फ्राइडे और ग्रेट फ्राइडे भी कहते हैं। यही वो दिन था जिस दिन प्रभु ईसा मसीह को तमाम शारीरक यातनाएं देने के बाद सूली पर चढ़ाया गया था।

ट्रंप के एक फॉलोवर ने लिखी ये बात
ट्रंप के एक फॉलोवर ने लिखा कि 'यह एक और सच है कि आप ईसाई धर्म के बारे में कुछ नहीं जानते।' ट्विटर पर एक अन्य यूजर ने लिखा कि यह इसाइयों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। इसे खुशी का शुक्रवार नहीं कहा जाता। राष्ट्रपति नहीं जानते कि गुड फ्राइडे के दिन क्या हुआ था।

अमेरिका में हर दिन कोरोना से हो रही करीब 2 हजार लोगों की मौत
गौरतलब हो कि दुनिया के सभी देशों के मुकाबले अमेरिका इस समय कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा प्रकोप झेल रहा है। कोरोनावायरस (कोविड 19) कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित देश अमेरिका में इस वायरस ने हजारों लोगों को मौत की नींद सुला दिया है। पिछले तीन दिन से हर दिन करीब 2 हजार लोगों की मौत हो रही है। अमेरिका में रह रहे सैकड़ों भारतीय भी इस वायरस की चपेट में आए हैं। भारतीय समुदाय से जुड़े नेताओं के मुताबिक 40 से अधिक भारतीय-अमेरिकी और भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,500 से अधिक कोरोना सक्रमित पाए गए हैं। अमेरिका पहला ऐसा देश है जहां कोरोना की वजह से एक दिन में 2 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई है। पिछले 24 घंटों में 2,108 लोगों की सांसें थम चुकी हैं। यहां संक्रमितों की संख्या 500,000 के पार चली गई है।












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