खाड़ी युद्ध का अनुभव रखने वाले लेफ्टिनेंट जनरल मैकमास्टर अमेरिका के नए NSA
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गल्फ वॉर में महारत रखने वाले लेफ्टिनेंट जनरल एचआर मैकमास्टर को नियुक्त किया देश का अगला राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए)।
फ्लोरिडा। पिछले दिनों रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल माइकल फ्लिन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) पद से इस्तीफा देने के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक और लेफ्टिनेंट जनरल को एनएसए नियुक्त किया है। लेफ्टिनेंट जनरल एचआर मैकमास्टर अब नए एनएसए हैं। दिलचस्प बात है कि वह अभी तक सेना में हैं और अमेरिकी इतिहास में शायद यह पहला मौका है जब किसी सर्विंग ऑफिसर को एनएसए का पद दिया गया है।

ओबामा के अधिकारियों ने भी की तारीफ
लेफ्टिनेंट जनरल मैकमास्टर की नियुक्ति का स्वागत पूर्व ओबामा प्रशासन के अधिकारियों ने भी किया है। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल के समय डिफेंस डिपार्टमेंट में रहे ऑफिसर एंड्रूय एक्सयूम ने ट्रंप के इस फैसले की तारीफ की है। मैकमास्टर को कॉम्बेट एक्सपीरियंस है। उन्हें एक अच्छा ट्रेनर माना जाता है और उन्हें इराक में तैनाती के दौरान आर्म्ड कैवैलरी रेजीमेंट को लीड किया था। इसके अलावा उन्हें मोसुल का भी अच्छा खासा अनुभव है। सोमवार को फ्लोरिडा में ट्रंप ने उनकी नियुक्ति का ऐलान किया। उन्होंने मैकमास्टर को 'अद्भुत क्षमता और अद्भुत अनुभव' वाला व्यक्ति करार दिया। वहीं मैकमास्टर ने भी अपनी नियुक्ति को अपने लिए सम्मान करार दिया है। उन्होंने ऐलान के बाद कहा कि वह अमेरिकी नागरिकों के हितों और उनकी रक्षा के लिए सबकुछ करेंगे।
रूस पर ट्रंप से अलग नजरिया
मैकमास्टर को एक सैनिक-विद्यार्थी और एक सृजनात्मक सोच वाला इंसान माना जाता है। उनके पास नॉर्थ कैरोलिना की यूनविर्सिटी से इतिहास की डिग्री है और साथ ही उन्हें अमेरिकी आर्मी की उन कोशिशों में शामिल होने के लिए जाना
जाता है जो युद्ध की तैयारियों से जुड़ी हैं। वह फिलहाल वर्जिनिया में आर्मी के कैपेबिलिटीज इंटीग्रेशन सेंटर के डायरेक्टर हैं। यह एक तरह से आर्मी का थिंक-टैंक है। उन्होंने वर्ष 1991 में इराक वॉर के दौरान ट्रूप्स को कमांड किया। वर्ष 2003 में जब एक बार फिर अमेरिकी फौजें इराक में दाखिल हुई तो उस समय वर्ष 2005-2006 में उन्हें ट्रूप्स को कमांड करने के लिए भेजा गया। वर्ष 1997 में उन्होंने एक किताब 'डेरिलिक्शन ऑफ ड्यूटी ' भी लिखी है। हालांकि अगर रूस पर लेफ्टिनेंट जनरल मैकमास्टर के नजरिए को समझा जाए तो वह रूस के विरोधी नजर आते हैं। अमेरिका के पूर्व एनएसए माइकल फ्लिन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन पर एफबीआई ने आरोप लगाया था कि उन्होंने चुपचाप गुप्त तरीके से रूस के साथ अमेरिकी प्रतिबंधों पर चर्चा की थी। वह सिर्फ तीन हफ्तों तक ही इस पद पर रहे। इस तरह से वह अमेरिका के ऐसे एनएसए बन गए हैं जिन्होंने सबसे कम समय तक बतौर एनएसए अपनी जिम्मेदारियां दी।












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