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वो 'पहेली' जिसका अल्बर्ट आइंस्टाइन के पास कोई हल नहीं था

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    आइंस्टाइन
    AFP
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    अगर दुनिया के चंद सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिकों की बात करें, तो आज भी उनमें अल्बर्ट आइंस्टाइन का नाम शुमार होता है.

    14 मार्च 1879 को जन्मे आइंस्टाइन ने 18 अप्रैल 1955 को दुनिया को अलविदा कहा था. स्टीफन हॉकिंग की तरह आइंस्टाइन की ज़िंदगी भी 76 साल की रही.

    भौतिकशास्त्र के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक माने जाने वाले आइंस्टाइन की निजी जिंदगी उतनी बेहतर नहीं थी.

    साल 2012 में लेखक वॉल्टर इसाकसन ने इस बात का दावा अपनी किताब आइंस्टाइन: हिज लाइफ एंड यूनिवर्स में किया था.

    उन्होंने लिखा था कि दुनिया के मशहूर वैज्ञानिक को अपनी निजी जिंदगी सफल बनाने के लिए काफी कोशिशें करनी पड़ी, लेकिन ये उनके लिए असंभव रहा.

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    जिस जंग को जीत नहीं पाए आइंस्टाइन

    वॉल्टर इसाकसन ने लिखा था कि कैसे आइंस्टाइन ने अपने दाम्पत्य जीवन को बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन उनके लिए ये ऐसी जंग साबित हुई, जिसे वे जीत नहीं पाए.

    वास्तव में प्रेम के प्रति आइंस्टाइन का रुख इतना हस्तक्षेप करने वाला था कि जब उन्होंने देखा कि वैज्ञानिक मिलेवा मैरिक के साथ उनका वैवाहिक जीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है, तो उन्होंने कुछ कड़े नियमों की एक सूची जारी कर दी.

    उन्हें उम्मीद थी कि शायद इससे बच्चों की खातिर दोनों साथ रह पाएँगे.

    आइंस्टाइन की सूची

    ब्रितानी अखबार डेली मेल ने वॉल्टर इसाकसन की किताब के आधार पर ये सूची छापी थी. ये ऐसी मांगों की सूची थी, जिससे मैरिक एक प्रेमिका के बजाए नौकरानी बन जातीं.

    किताब के मुताबिक, साल 1914 में आइंस्टाइन ये सूची लिखने पर विवश हुए थे. उस समय उन्हें ये अहसास हो रहा था कि उनकी पहली पत्नी मैरिक के साथ उनका वैवाहिक जीवन नाकाम हो जाएगा.

    मैरिक यूरोप की उन चंद महिलाओं में से थी, जिन्होंने गणित और भौतिकशास्त्र की पढ़ाई की थी. आइंस्टाइन ने ये भी प्रस्ताव रखा था कि दोनों पति-पत्नी को बच्चों की खातिर एक साथ रहना चाहिए.

    लेकिन उनकी सूची चकित करने वाली थी. उन्होंने यहाँ तक मांग की थी कि उन्हें अपने पति के लिए नौकरानी की तरह काम करना चाहिए और बदले में ये उम्मीद भी नहीं करनी चाहिए उन्हें प्यार मिलेगा या पतिदेव उनपर ध्यान देंगे.

    दुनिया के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक आइंस्टाइन ने मांग की थी कि मैरिक उनके कमरे को साफ-सुथरा रखें, उनके लिए तीन समय का खाना तैयार करें, जो वे अपने कमरे में खाएँगे, वे उनके कपड़े की धोएँ और उन्हें ठीक से रखें.

    यही नहीं आइंस्टाइन ये भी चाहते थे कि उनकी बीवी उनका बेडरुम और अध्ययन कक्ष भी साफ-सुथरा रखें और हाँ, उनकी पत्नी को उनका डेस्क इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं थी.

    आइंस्टाइन की मांग यही नहीं खत्म होती. मशहूर भौतिकशास्त्री बदले में पत्नी को ये भी समझाते हैं कि वे उनसे ज्यादा अपेक्षा न करें.

    पत्नी नहीं कर सकती थी इन बातों की उम्मीदें

    इस सूची के मुताबिक आइंस्टाइन का कहना था कि उनकी पत्नी ये उम्मीद न करें कि वे उनके साथ बैठेंगे या उनके साथ घर से बाहर जाएँगे. और तो और आइंस्टाइन ये भी चाहते थे कि वे जब भी अनुरोध करें, उनकी पत्नी बोलना बंद कर दें.

    यहाँ तक कि आइंस्टाइन ये भी चाहते थे कि कहने पर उनकी पत्नी बिना किसी विरोध के उनका बेडरुम या अध्ययन कक्ष से तुरंत निकल जाएँ.

    ऐसा प्रतीत होता है कि आइंस्टाइन की पत्नी ने शुरू में उनकी मांगों से सहमति जताई, लेकिन वही हुआ जिसका अंदेशा था.

    कुछ ही महीनों बाद मैरिक ने आइंस्टाइन को बर्लिन में छोड़ दिया और अपने बेटों के साथ ज्यूरिख आकर रहने लगी. पाँच साल बाद यानी 1919 में उन्होंने तलाक के लिए आवेदन किया और इसे मंजूरी भी मिल गई.

    आइंस्टाइन के बारे में ये भी कहा जाता है कि उनकी कई गर्लफ्रेंड्स थीं और वर्ष 1912 से ही इलसा नाम की महिला के साथ उनके करीबी संबंध थे. हालाँकि उस समय वे शादीशुदा थे.

    उन्होंने तलाक के बाद वर्ष 1919 में इलसा से शादी की. लेकिन एक बार फिर अपनी सेक्रेटरी बेटी न्यूमैन के साथ उनके करीबी रिश्ते बने.

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    BBC Hindi
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    English summary
    The puzzle which Albert Einstein had no solution

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