उत्तर कोरिया में कैदियों को खोदनी होती है खुद की कब्र!

उत्तर कोरिया में कैदियों के साथ कितना बुरा बर्ताव होता है, ये किसी से छिपा नहीं है. उत्तर कोरिया में जब किसी विदेशी कैदी को गिरफ्तार किया जाता है, तब ज़ुल्म और बेबसी झेलने के अलावा ऐसे कैदियों को जबरन मज़दूरी भी करनी पड़ती है.

ओट्टो
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ओट्टो

ऐसा भी मामले हैं, जिनमें उत्तर कोरियाई जेल में मिली यातनाओं से लोग अब तक उबर नहीं पाए हैं. सालों बाद भी ये लोग इस बारे में बात करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए हैं.

लेकिन कुछ लोगों ने विस्तार से अपने अनुभव साझा किए हैं.

धार्मिक सामग्री मिली, 15 साल की सज़ा

दिसंबर 2012. कोरियाई अमरीकी क्रिश्चियन मिशनरी केनेथ बे पर उत्तर कोरिया ''रिपब्लिक के खिलाफ शत्रुतापूर्ण गतिविधियों'' में शामिल होने का आरोप लगाता है.

केनेथ कई बार उत्तर कोरिया जा चुके थे. लेकिन 2012 में उनकी यात्रा के दौरान उनसे पूछताछ की गई. केनेथ के पास से धार्मिक सामग्री से भरी हार्ड डिस्क मिली.

इस 'अपराध' के लए केनेथ को 15 साल तक जबरन मज़दूरी करने की सज़ा मिली. लेकिन खराब स्वास्थ्य के चलते नवंबर 2014 में उन्हें रिहा कर दिया गया.

कोमा में हुई घर वापसी

ऐसा ही एक मामला 22 साल के अमरीकी छात्र ओट्टो वार्मबियर का है. मार्च 2016 में ओट्टो को एक होटल का बिलबोर्ड चुराने की कोशिश के आरोप में 15 साल की कठिन मज़दूरी करने की सजा सुनाई गई.

13 जून को ओट्टो रिहा होकर अमरीका लौट आए हैं लेकिन वो कोमा में हैं.

कैसी होती है उत्तर कोरियाई जेल में ज़िंदगी

रिहाई के बाद केनेथ ने अपना पूरा अनुभव लिखा है. जो कुछ यूं हैं,

  • मेरे पास उत्तर कोरिया में कैद की एक सच्ची कहानी है, जिसे कभी नहीं भूला जा सकता.
  • हिरासत में लिए जाने के शुरुआती चार हफ्तों में सुबह के 8 बजे से लेकर रात के 10 और 11 बजे तक मुझसे पूछताछ की जाती.
  • इस पूछताछ में मैंने सैकड़ों पन्ने उन अपराधों का भी कबूलनामा लिख दिया, जो मैंने कभी नहीं किए.
  • मैं हफ्ते के 6 दिन एक फार्म में काम करता. जहां मेरा काम बड़े पत्थरों को उठाना और फावड़े से कोयले को उठाना था.
  • मुझे रोज़ सुबह 6 बजे उठना होता था. नाश्ता और उपासना करने के बाद मुझे आठ बजे से लेकर शाम के छह बजे तक काम करना होता.

'तुम्हें कोई याद नहीं रखेगा'

735 दिनों की कैद में केनेथ का करीब 27 किलो वजन घटा. वजन कम होने से केनेथ की सेहत बदतर होती रही. कई बार उन्हें मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए ले जाया गया.

शारीरिक तकलीफों और आंसुओं के अलावा मनोवैज्ञानिक दर्द भी कम नहीं था. एक पूछताछ करने वाले ने कैनेथ से कहा, ''तुम्हें कोई याद नहीं रखेगा. न तुम्हारी सरकार, न तुम्हारे लोग. अगले 15 साल तुम यहीं रहोगी. जब तुम घर लौटोगे, तब तक तुम 60 बरस के हो चुके होगे.''

कैनेथ बताते हैं, ''मैं खुद को कीड़े की तरह महसूस कर रहा था. जो मकड़ी के जाल में उलझ गया है. हालात बदतर हो रहे थे, जिसका कोई रास्ता नहीं मिल रहा था.''

हालांकि कई महीनों की कैद के बाद केनेथ को अपने ईमेल और मेसेज देखने की इजाज़त मिल गई.

किम डोंग चुल
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किम डोंग चुल

'कैदी मर न जाए, रिहा करो'

62 साल के किम डोंग-चुल उत्तरी कोरिया में पकड़े गए तीन अमरीकियों में से एक हैं.

कैद में रहने के दौरान जब उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई, जब उत्तर कोरियाई अथॉरिटी को इस बात की चिंता हुई कि कहीं वो मर न जाएं. जिसके बाद तमाम डिप्लोमैटिक दिक्कतों का सामना करना होगा.

जिसके चलते उत्तर कोरिया ने ओट्टो की तरह किम को रिहा करने का फैसला किया.

दुनिया की सबसे भयानक जेलें

अमरीकी नागरिक केनेथ मूल रूप से दक्षिण कोरिया से हैं और कोरियाई भाषा बोलते हैं.

वे कहते हैं कि एक कैदी के तौर पर मेरे साथ जैसा बर्ताव हो रहा था. वो उन उत्तर कोरियाई कैदियों से कहीं न कहीं बेहतर था, जिन्हें उनके अपराध के चलते असंख्य कैंपों में रखा गया था.

एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक, उत्तर कोरियाई जेलें दुनिया की भयानक जेलों में से एक हैं. एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक, हज़ारों हज़ार लोग, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं- उन्हें राजनीतिक जेल कैंपों और उत्तर कोरिया के कैदखानों में रखा जाता है. इनमें से कुछ ने कोई अपराध नहीं किया है.

किम जोंग उन
Reuters
किम जोंग उन

खोदो अपनी ही कब्र

एम्नेस्टी ने इन जेल कैंपों की एरियल फोटोग्राफी के जरिए ये पाया कि एक कैंप वॉशिंगटन से तीन गुणा बड़ा है, जिसमें 20 हज़ार लोगों को कैद रखा गया है.

एक पूर्व अधिकारी के मुताबिक, बंदियों को अपनी कब्र तक खोदने के लिए मजबूर किया जाता है. सज़ा देने के नाम पर बलात्कार किया जाता है, जिसके बाद पीड़ित गायब हो जाते हैं.

केनेथ कोरियाई भाषा जानने की वजह से लोगों से बातें किया करते थे. वो बताते हैं, ''उत्तर कोरियाई के लोग अमरीका की डार्क लाइफ की बातें करते हैं, जहां 99 फीसदी लोग गरीब हैं.''

केनेथ ने जब उन लोगों को बताया कि अमरीका में ज्यादातर लोगों के पास अपना घर और एक कार है, जब लोगों ने कहा- ये सच नहीं हो सकता.

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