इस साल पूरी दुनिया में तापमान बढ़ने की आशंका, WMO ने क्यों दी ऐसी चेतावनी ? जानिए

इस साल पूरी दुनिया में बहुत ज्यादा गर्मी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विश्व मौसम संगठन ने यह चेतावनी जारी की है। आने वाले वर्षों में भी औसत तापमान ज्यादा रहने की आशंका जताई गई है।

temperature-is-expected-to-rise-all-over-the-world-from-this-year-wmo

गर्मी को लेकर इस साल बहुत ही भयानक संकेत मिल रहे हैं। फरवरी ने तो 146 साल की गर्मी का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। लेकिन, आगे के लिए चेतावनी और भी गंभीर है। विश्व मौसम संगठन ने चेताया है कि इस साल से जो गर्मी बढनी शुरू होगी, उसकी तपिश न जाने कितने वर्षों तक महसूस होगी। क्योंकि, ला नीना ने बोरिया-बिस्तर समेटना शुरू कर दिया है और अल नीनो ने दस्तक देने की तैयारी शुरू कर दी है। विश्व मौसम संगठन ने औसत तापमान बढ़ने की भी भविष्यवाणी करके भविष्य के लिए बहुत बड़े संकट की घंटी बजा दी है।

इस साल पूरी दुनिया में तापमान बढ़ने की आशंका- WMO

इस साल पूरी दुनिया में तापमान बढ़ने की आशंका- WMO

ला नीना (La Nina) के लगातार तीन वर्षों के बाद आने वाले महीनों में गर्म अल नीनो (El Nino) का प्रभाव बढ़ सकता है। बुधवार को इसकी आशंका जताते हुए विश्व मौसम संगठन (WMO) ने इस साल पूरी दुनिया में तापमान बढ़ने की चेतावनी जारी कर दी है। अल नीनो मौसम की ऐसी घटना है, जिसमें पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत सागर का पानी असामान्य रूप से गरम होने लगता है। जबकि, ला नीना की विशेषता इसके ठीक विपरीत है। इस दौरान उसी क्षेत्र में पानी असामान्य रूप से ठंडा रहता है। लेकिन, यह दोनों प्राकृतिक अवस्थाएं दुनिया भर में मौसम में उथल-पुथल लाने में सक्षम हैं। इन दोनों मौसमी घटनाओं को एक साथ अल नीनो साउदर्न ऑसिलेशन (ENSO)कहा जाता है।

ज्यादा तापमान मतलब कमजोर मानसून!

ज्यादा तापमान मतलब कमजोर मानसून!

भारत के संदर्भ में देखें तो गर्मी के मौसम में ज्यादा तापमान का कमजोर मानसून से सीधा नाता रहता है। मतलब कमजोर मानसून तो खरीफ फसलों पर संकट! वैसे विश्व मौसम संगठन के महासचिव पेटेरी तालस ने एक बयान में कहा है, 'अगर अभी हम अल नीनो फेज में प्रवेश करते हैं, इससे वैश्विक तापमान में और ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना है।' उनके मुताबिक 21वीं सदी में लगातार तीन वर्षों तक ला नीना का असर आखिरकार खत्म हो रहा है। उन्होंने कहा, 'विश्व के बढ़ते तापमान पर ला नीना के कूलिंग के प्रभाव ने अस्थायी ब्रेक लगाया था, इसके बावजूद पिछले आठ वर्षों की अवधि सबसे ज्यादा गर्म दर्ज की गई है। '

भारतीय मौसम विभाग भी जता चुका है ज्यादा गर्मी की आशंका

भारतीय मौसम विभाग भी जता चुका है ज्यादा गर्मी की आशंका

डब्ल्यूएमओ की यह चेतावनी भारतीय मौसम विभाग की ओर से मार्च से लेकर मई तक देश के ज्यादातर हिस्सों में बहुत ज्यादा गर्मी पड़ने की आशंका जताने के एक दिन बाद आई है। ला नीना की वापसी मार्च से मई के बीच ENSO-तटस्थ स्थितियों (90% संभाव्यता) की अवधि से पहले होगी। मई के बाद इन परिस्थितियों में हल्की गिरावट आ सकती है, लेकिन फिर भी ज्यादा गर्मी बनी रहेगी। डब्ल्यूएमओ के विशेषज्ञों ने मॉडल के आधार पर यह अनुमान जाहिर किए हैं। जून से लेकर अगस्त तक के संकेत के अनुसार लंबे समय के लिए अल नीनो विकसित होने का अनुमान बहुत ज्यादा (55%) है।

विश्व के इस क्षेत्र में भयानक सूखे की आशंका

विश्व के इस क्षेत्र में भयानक सूखे की आशंका

अल नीनो और जलवायु परिवर्तन की जुगलबंदी के चलते 2016 सबसे ज्यादा गर्म वर्ष के रूप में दर्ज है। पिछले साल यूनाइटेड किंगडम के एक मौसम कार्यालय के शोध का नतीजा यह था कि 2026 तक सबसे गर्म साल के रूप में कम से कम एक और साल के दर्ज होने की 93% संभावना है। इसमें यह भी संभावना जताई गई कि पूर्व-औद्योगिक काल की तुलना में वैश्विक तापमान के 1.5°C ज्यादा होने की संभावना 50:50 है। 22 फरवरी को जारी रीजनल क्लाइमेट आउटलुक की चेतावनी थी कि हॉर्न ऑफ अफ्रीका में सूखे की स्थिति और ज्यादा बिगड़ेगी।

Recommended Video

    Weather Update : Delhi NCR में परेशान करेगी Heat Wave, IMD की चेतावनी | वनइंडिया हिंदी
    ला नीना का प्रभाव कुछ समय रह सकता है

    ला नीना का प्रभाव कुछ समय रह सकता है

    भूमध्यरेखीय मध्य और पूर्वी प्रशांत क्षेत्रों में लगभग सामान्य ENSO स्थितियों की वापसी और अन्य महासागरीय क्षेत्रों के लिए समुद्र की सतह के औसत से अधिक गर्म तापमान की भविष्यवाणी की गई है। विश्व मौसम संगठन ने चेताया है कि इसी की वजह से तापमान औसत से अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, यह भी कहा गया है कि वैसे तो ला नीना का प्रभाव खत्म होने वाला है, लेकिन इसका असर कुछ समय तक बना रह सकता है। जिसकी वजह से कहीं-कहीं वर्षा का प्रभाव अभी भी जारी रह सकता है।

    ज्यादा गर्मी के लिए शुरू करें तैयारी !

    भारतीय मौसम विभाग ने मंगलवार को कहा था कि ला नीना से ENSO-न्यूट्रल में बदलाव फरवरी से लेकर अप्रैल तक होने की संभावना है। जबकि ENSO-न्यूट्रल की स्थिति उत्तरी गोलार्द्ध में इस साल शुरुआती गर्मी तक बनी रह सकती है। आईएमडी ने संकेत दिया था कि अल नीनो की स्थिति जून से अगस्त तक करीब 50% संभावना है, इसके बाद जुलाई से लेकर सितंबर तक इसकी संभावना 60% है। इन तथ्यों को देखते हुए एक्सपर्ट का कहना है कि भारत को जितनी जल्दी हो सके, संभावित परिस्थितियों के लिए काम करना सुरू कर देना चाहिए।


    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+