कागज दिखाने वाले ही पाकिस्तान में रह पाएंगे… अफगानियों को देश छोड़ने के आदेश पर भड़का तालिबान, कही ये बात
पाकिस्तान सरकार ने अफगानियों समेत सभी अवैध शरणार्थियों को 31 अक्टूबर तक देश छोड़ने का अल्टीमेटम जारी किया है। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि देश में अवैध तरीके से रह रहे अफगानिस्तान के नागरिक पाकिस्तान में फिदायीन हमले कर रहे हैं।
इसलिए इन्हें वापस भेजने का फैसला लिया गया है। ऐसे में लगभग 17 लाख पाकिस्तानी नागरिकों को 1 नवंबर से पहले देश छोड़ने को कहा गया है। पाकिस्तान के आदेश देने के एक दिन बाद, अफगान तालिबान ने इस फैसले को "अस्वीकार्य" बताया है।

अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बुधवार को एक्स पर कहा है कि "अफगान शरणार्थियों के खिलाफ पाकिस्तान का व्यवहार अस्वीकार्य है। पाकिस्तानी पक्ष को अपनी योजना पर पुनर्विचार करना चाहिए। "
इससे पहले पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री सरफराज बुगती ने कहा था, "इसमें कोई दो राय नहीं है कि हम पर अफगानिस्तान के भीतर से हमला किया गया है और अफगान नागरिक हम पर हमलों में शामिल हैं... हमारे पास सबूत हैं।"
पाकिस्तानी मंत्री के इस दावे को लेकर मुजाहिद ने आपत्ति जताई है। उन्होंने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा कि "अफगान शरणार्थी पाकिस्तान की सुरक्षा समस्याओं में शामिल नहीं हैं"।
उन्होंगे आगे कहा कि अगर हमारे नागरिक इच्छा से वापस आना चाहते हैं तो ठीक है लेकिन उनके साथ जबरदस्ती करना गलत है। पाकिस्तान को उन्हें बर्दाश्त करना चाहिए।
तालिबान का कहना है कि ये पाकिस्तान सरकार की सिक्योरिटी पॉलिसी में खामियां हैं। इसके लिए हमारे नागरिकों को जिम्मेदार ठहराना हमें गवारा नहीं है।
एक दिन पहले पाकिस्तान के गृह मंत्री सरफराज बुगती ने दावा किया था कि उनके देश में करीब 17 लाख अवैध शरणार्थी हैं। उन्होंने कहा, इन लोगों को महीने के अंत तक देश छोड़ना होगा। चाहे वे स्वेच्छा से छोड़ें या उन्हें जबरन निकाला जाएगा।
बुगती ने कहा कि अगर ये लोग नहीं जाते हैं, तो कानून प्रवर्तन एजेंसियों का इस्तेमाल इन्हें निर्वासित करने के लिए किया जाएगा। उन्होंने देश में अवैध अफगानियों के निजी व्यवसायों और संपत्तियों की पहचान करने और उन्हें जब्त करने के लिए एक टास्कफोर्स का भी ऐलान किया।












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