तालिबान ने नार्वे के दूतावास पर किया कब्जा, शराब की बोतलें तोड़ीं, किताबों को किया आग के हवाले
काबुल, 09 सितंबर। अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी को आज (गुरुवार) 25 दिन पूरे हो गए, इस दौरान उसके लड़ाकों ने लोगों पर कई तरह के जुल्म ढाए। तालिबानियों के जुल्म से बचने के लिए लोग अभी भी दूसरे देशों में शरण लेने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन आतंकियों ने अब अफगान से बाहर निकलने के सारे रास्ते बंद कर दिए हैं। इस बीच तालिबान का एक बार फिर असली चेहरा सामने आया है, उसने अब काबुल में नार्वे के दूतावास पर कब्जा कर वहां तोड़फोड़ मचा दिया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नार्वे के दूतावास पर कब्जे के बाद तालिबानी बंदूकधारियों ने वहां रखी शराब की बोतलें तोड़ दीं और किताबों को नष्ट कर दिया। ईरान में नॉर्वे के राजदूत सिगवाल्ड हाउगे ने एक ट्वीट में कहा, तालिबान ने अब काबुल में नॉर्वे के दूतावास को अपने कब्जे में ले लिया है। कहा गया है कि वह दूतावास को बाद में हमें लौटा देंगे लेकिन पहले वहां रखी शराब की बोतलें तोड़नी हैं और बच्चों की किताबें नष्ट करनी हैं।
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बता दें कि इससे पहले तालिबान ने कहा था कि वह दूतावासों सहित विदेशी देशों के राजनयिक प्रतिष्ठानों में हस्तक्षेप नहीं करेगा। हालांकि यह सच किसी से नहीं छिपा कि तालिबान गिररिट की तरह रंग बदलने में माहिर हैं, इससे पहले वह अपनी कई बातों से पलट चुका है। तालिबान अब अफगानिस्तान में सरकार बना रहे हैं जिसका नेतृत्व हिबतुल्लाह अखुंदजादा कर सकते हैं। तालिबान की कट्टरपंथी अंतरिम सरकार में विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी सिराजुद्दीन हक्कानी को कार्यवाहक आंतरिक मंत्री के रूप में शामिल किया गया है। बता दें कि पिछले महीने डेनमार्क और नॉर्वे ने घोषणा की थी कि वे काबुल में अपने दूतावास बंद कर रहे हैं और अपने कर्मचारियों को निकाल रहे हैं क्योंकि अफगानिस्तान में सुरक्षा की स्थिति खराब हो गई है।












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