यूक्रेन से भारतीय छात्रों की तरह हमें भी निकालो, चाइनीज स्टूडेंट की शी जिनपिंग सरकार से गुहार
कीव, 28 फरवरी: भारत ने 'ऑपरेशन गंगा' के तहत अबतक करीब डेढ़ हजार स्टूडेंट को यूक्रेन से निकाल लिया है। जबकि, चीन की सरकार अभी तक इस प्रक्रिया की तैयारी में ही लगी हुई है। यह दर्द बयां किया है खुद एक चाइनीज छात्र ने जो भारतीय मिशन से बहुत ही ज्यादा प्रभावित हुआ है और उम्मीद कर रहा है कि उसकी सरकार भी अपने नागरिकों को युद्धग्रस्त यूक्रेन से ले जाने का कोई इंतजाम जरूर करेगी। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'ऑपरेशन गंगा' को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए सोमवार को चार केंद्रीय मंत्रियों हरदीप पुरी, किरेन रिजिजू, ज्योतिरादित्य सिंधिया और केंद्रीय राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह को भी विशेष दूत बनाकर यूक्रेन के पड़ोसी मुल्कों में भेजने का फैसला किया है।

यूक्रेन से भारतीय छात्रों की तरह हमें भी निकालो-चीनी छात्र
एक चीनी छात्र ने सोमवार को यूक्रेन की राजधानी कीव में एक भारतीय न्यूज चैनल इंडिया टुडे के एक रिपोर्टर से कहा है कि उसे उम्मीद है कि चीन की सरकार भी भारत सरकार की तरह ऐक्शन लेगी और यूक्रेन में फंसे अपने नागरिकों को फौरन निकालकर ले जाएगी। चीनी छात्र भारत की ओर से अपने नागरिकों को युद्धग्रस्त यूक्रेन से निकालने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन गंगा' से बहुत ही ज्यादा प्रभावित है और उसे लगता है कि शी जिनपिंग सरकार को भी भारत सरकार से सीख लेनी चाहिए। जबकि, कीव स्थित चीनी दूतावास अभी भी अपने नागिरकों को युद्ध क्षेत्र से बाहर निकालने की तैयारियों में ही जुटा हुआ है और भारत ने हजार से ज्यादा छात्रों को वहां से निकाल भी लिया और उसका मिशन लगातार जारी है।

मैं लौटना भी चाहूं तो भी मुमकिन नहीं है- चीनी छात्र
सोमवार को भारतीय मीडिया से जिस चाइनीज छात्र ने अपनी सरकार को भारत से सीखने की बात कही है, वह चीन की राजधानी बीजिंग का रहने वाला है और यूक्रेन की राजधानी कीव में पियानो की पढ़ाई करता है। जिस इलाके में वह रहता है, वहां पास में ही दो क्रूज मिसाइलें गिर चुकी हैं। उसने कहा है कि अगर वह अपने देश लौटना भी चाहे तो 'ऐसा संभव नहीं है।' उसने बताया कि उसे इस बात की जानकारी है कि भारतीय नागरिकों को वहां की सरकार यूक्रेन से निकाल रही है और उसे यह भी पता है कि उन्हें यहां से पोलैंड, रोमानिया और हंगरी ले जाया जा रहा है। वह बोला की चीन की सरकार को भी छात्रों समेत बाकी नागरिकों को भारत की तरह निकाल कर ले जाना चाहिए। उसने कहा, 'चीनी दूतावास (कीव) अभी भी अपने लोगों को यूक्रेन से निकालने की तैयारी ही कर रहा है।'

'ऑपरेशन गंगा' के तहत चल रहा है अभियान
गौरतलब है कि 'ऑपरेशन गंगा' के तहत भारत यूक्रेन से पहले ही लगभग 1400 भारतीय नागरिकों को निकाल चुका है, जिसमें अधिकतर स्टूडेंट शामिल हैं। सोमवार को जारी एक एडवाइजरी में कीव स्थित भारतीय दूतावास ने अपने सभी नागरिकों से कहा है कि वह रेलवे स्टेशन की ओर बढ़ें। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि 'निकालने की कोशिश ....... जमीन पर स्थिति जटिल और अस्थिर बनी हुई है, उनमें से कुछ काफी चिंताजनक हैं, लेकिन हम अपनी इस प्रक्रिया में तेजी लाने में सक्षम हैं।' उनके मुताबिक पहली एडवाइजरी के बाद से भारत सरकार यूक्रेन से करीब 8,000 नागरिकों को यूक्रेन से निकाल चुकी है। (चाइनीज छात्र की तस्वीर सौजन्य: इंडिया टुडे टीवी के ट्विटर वीडियो से)












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