Tahawwur Rana extradition का रास्ता साफ, अमेरिकी कोर्ट ने भारत प्रत्यर्पण की अनुमति दी
Tahawwur Rana extradition का रास्ता साफ हो गया है। 26/11 आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर को अमेरिका की कोर्ट ने भारत प्रत्यर्पण की अनुमति के बाद लाया जा सकेगा।

Tahawwur Rana extradition का रास्ता साफ हो गया है। अमेरिकी कोर्ट ने भारत प्रत्यर्पण की अनुमति दी है। मुंबई आतंकी हमलों के आरोपी वांटेड तहव्वुर राणा को भारत लाए जाने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
अमेरिकी कोर्ट के फैसले के बाद 26-11 आतंकी हमले के आरोपियों में एक तहव्वुर राणा को भारत लाया जा सकेगा और देख के कानून के मुताबिक राणा के खिलाफ मुकदमा चलाने का रास्ता भी साफ होता दिख रहा है।
तहव्वुर राणा अमेरिका की हिरासत में है। जून, 2021 में लॉस एंजिल्स के संघीय न्यायाधीश ने 2008 के आतंकवादी हमले में कथित भूमिका के आरोपी भगोड़े को भारत प्रत्यर्पित किए जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
मजिस्ट्रेट न्यायाधीश जैकलीन चूलजियान ने बचाव पक्ष के वकीलों और अभियोजकों को 15 जुलाई तक अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करने का आदेश दिया था। अमेरिकी समाचार एजेंसी के अनुसार, भारत सरकार के अनुरोध पर प्रत्यर्पण की सुनवाई लॉस एंजिलिस में हुई।
राणा के प्रत्यर्पण के बारे में समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार 15 साल पहले, पाकिस्तान में जन्मे राणा शिकागो के वेस्ट रोजर्स पार्क पड़ोस में एक ट्रैवल और आव्रजन सेवा का संचालन करते थे।
भारत का आरोप है कि राणा ने अपने बचपन के दोस्त डेविड कोलमैन हेडली के साथ पाकिस्तानी आतंकी समूह लश्कर-ए-तैयबा की मदद करने के लिए "आतंकवादी हमलों की साजिश रची। हेडली और राणा ने पाकिस्तान के मिलिट्री हाई स्कूल में साथ-साथ पढ़ाई की थी।
अभियोजकों का कहना है कि शिकागो में राणा के आव्रजन कानून केंद्र के साथ-साथ मुंबई में एक सैटेलाइट ऑफिस बनाया। कथित तौर पर 2006 और 2008 के बीच इन दफ्तरों का इस्तेमाल आतंकवाद गतिविधियों के लिए किया गया था।
बता दें कि 26/11 के मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हेडली ने अपना गुनाह कबूल कर राणा के खिलाफ गवाही दी थी। राणा दोहरे खतरे का दावा करके प्रत्यर्पण की लड़ाई लड़ रहा है क्योंकि उसे शिकागो संघीय अदालत में मुंबई नरसंहार के आरोपों से बरी कर दिया गया था।
राणा की दलील है कि अदालत पहले ही उन आरोपों से बरी कर चुकी है, जिनका सामना उन्हें विदेश की अदालतों में करना होगा। कोरोना-आधारित राहत मांगने के बाद, राणा को शिकागो की सजा पूरी करने के बाद संघीय जेल से रिहा कर दिया गया था।
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भारत ने उसे कई बार प्रत्यर्पित करने का अनुरोध किया है। इस संबंध में ANI की रिपोर्ट के अनुसार, न्यूयॉर्क स्थित कानूनी विशेषज्ञ रवि बत्रा ने बताया कि भारत की अपील पर राणा को फिर से गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया।












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