काबुल गुरुद्वारा अटैक: केरल के आतंकी ने दिया था हमले को अंजाम
नई दिल्ली। अफग़ानिस्तान की राजधानी काबुल के गुरुद्वारा में बुधवार को हुए आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट खुरासान ने ली है। इस हमले में 25 सिखों की मौत हो गई थी। इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने गुरुद्वारा हर राय साहिब पर हमला करने वाले तीन आतंकवादियों में से एक का नाम 'अबू खालिद अल-हिंदी' बताया है। इसके साथ ही आतंकी संगठन ने हमलावर की तस्वीर भी जारी की है।

इस हमले के बाद से भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अबू खालिद-अल-हिन्दी के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हुई हैं। केरल के पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, तस्वीर दरअसल, 21 साल के मुहम्मद मुहसिन की है। जो केरल के कासरगोड का निवासी था। माना जाता है कि पिछले साल अफगानिस्तान में ड्रोन हमले में उनकी मौत हो गई थी। उसकी जो फोटो सामने आई है वह आईएस ने उनकी प्रचार पत्रिका अल नाबा में 26 मार्च को प्रकाशित की गई थी। कासरगोड जिले के थ्रीकर्कीपुर का इंजीनियरिंग छात्र मुहसिन पिछले साल 18 जून को मारा गया था।
आईएस के तीन आतंकवादियों ने 25 मार्च की सुबह 7.45 बजे गुरुद्वारे में लगभग 200 उपासकों पर गोलियां चलाईं और ग्रेनेड दागे थे। 6 घंटे तक चले एनकाउंटर में अफगान सुरक्षा बलों ने तीनों हमलावर को मार गिराया था और 80 बंधकों को मुक्त कर दिया गया था। यदि अबू खालिद अल-हिंदी वास्तव में मुहसिन है, तो यह महत्वपूर्ण होगा क्योंकि यह आईएस दूसरा भारतीय है जो आत्मघाती हमलावर बना।
मुहसिन दुबई से अफगानिस्तान के आईएस-संचालित शिविरों में चले गए थे, जहां वह टेलीग्राम समूह में सक्रिय सदस्य के रूप में काम कर रहे थे, जो कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कोझीकोड के एक इंजीनियर शजीर मंगलासरी द्वारा मंगाई गई थी, जो दुबई से अफगानिस्तान चले गए थे। मुहसिन दुबई से अफगानिस्तान के आईएस-संचालित शिविर में पहुंचा था। जो शजीर मंगलासरी के टेलीग्राम समूह में सक्रिय सदस्य था।
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