अपने ही देश को छोड़कर भागे 1 करोड़ लोग, यूक्रेन-गाजा से बुरे हालात, गृहयुद्ध में बर्बाद हुआ ये अफ्रीकी मुल्क
सूडान में पिछले साल अप्रैल में शुरू हुए गृहयुद्ध के बाद से हालात इतने बिगड़ गए है कि लोग सूडान छोड़ कर भागने को मजबूर हैं। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक सूडान में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लगभग 1 करोड़ लोगों ने देश छोड़ दिया है। इनमें से करीब 5 लाख लोग भागकर मिस्र चले गए हैं।
इन 5 लाख लोगों ने मिस्र में संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी में रजिस्टर कराया है। इस कारण सूडान के लोगों के लिए मिस्र के वीजा को सख्त कर दिया गया है। इसके अलावा काफी लोग सूडान से भागकर दक्षिण सूडान चले गए हैं। पलायन के शिकार हुए लोगों में से आधे बच्चे हैं।

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक लगभग 5,60,000 लोगों ने दक्षिणी सूडान में शरण ली हुई है। एजेंसी का अनुमान है कि सूडान छोड़कर लगभग 1,500 लोग हर दिन दक्षिण सूडान भागने को मजबूर हैं। कई लोग शिविरों में महीनों तक इंतजार कर रहे हैं, इस उम्मीद में कि वे किसी दिन घर लौटने में कामयाब हो पाएंगे।
सूडान की स्थिति तब बदतर हो गई जब पिछले साल 15 अप्रैल को सेना और पैरामिलिट्री फोर्स में जंग छिड़ गई। ये संघर्ष सेना के कमांडर जनरल अब्देल-फतह बुरहान और आरएसएफ के प्रमुख जनरल मोहम्मद हमदान डगलो के बीच हो रहा है। दो अधिकारियों के आपसी मनमुटाव ने सूडान को बर्बाद कर दिया है।
सूडान से ट्रकों में भरकर दर्जनों बुजुर्ग, महिलाए और बच्चे दक्षिण सूडान की तरफ भाग रहे हैं। सूडान में लगभग 25 मिलियन लोगों को मानवीय सहायता की आवश्यकता है, जिनमें से 18 मिलियन लोग गंभीर भूख का सामना कर रहे हैं।
कितने लोगों की मौत
संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि पिछले साल अप्रैल में युद्ध छिड़ने के बाद से सूडान में लगभग 14,000 लोग मारे गए हैं। हालाँकि, स्थानीय समूहों का कहना है कि वास्तविक संख्या इसके कई गुणा अधिक होने की संभावना है।
पिछले महीने रॉयटर्स द्वारा देखी गई संयुक्त राष्ट्र की एक लीक रिपोर्ट में बताया गया था कि पिछले साल तीन महीनों में वेस्ट डारफुर के एल जेनिना शहर में लगभग 10,000 से 15,000 लोग मारे गए थे।
यूक्रेन-गाजा से बुरे हालात
जहां एक तरफ गाजा और यूक्रेन पर पूरी दुनिया और मीडिया की नजर है, सूडान पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जबकि यहां के हालात उससे भी बुरे बताए जा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के सहायता प्रमुख मार्टिन ग्रिफिथ्स ने इस महीने कहा,"हमें सूडान को नहीं भूलना चाहिए।"












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