'राष्ट्रपति कोई भी बने, मां श्रीलंका की मदद करते रहें PM मोदी', श्रीलंका के मुख्य विपक्षी नेता की अपील
साजिथ प्रेमदासा ने भारत से उस वक्त मदद की अपील की है, जब भारत में श्रीलंका को लेकर सर्वदलीय बैठक की गई है और सभी राजनीतिक पार्टियों को श्रीलंका को लेकर जानकारी दी गई है।
कोलंबो, जुलाई 20: श्रीलंका के मुख्य विपक्षी नेता साजिथ प्रेमदासा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संकटग्रस्त द्वीप की लगातार मदद करने की अपील की है। श्रीलंका के मुख्य विपक्षी नेता साजिथ प्रेमदासा ने भी पहले राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने की बात कही थी, लेकिन बाद में उन्होंने इनकार कर दिया था। श्रीलंका की संसद में आज देश का अगला राष्ट्रपति चुना जाएगा और उससे पहले मुख्य विपक्षी नेता ने भारत से ये भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि, राष्ट्रपति चाहे कोई भी बने, लेकिन भारत ने अब तक जिस तरह से श्रीलंका की मदद की है, उसी तरह की मदद पीएम मोदी आगे भी श्रीलंका की करते रहें।

प्रेमदासा की पीएम मोदी से अपील
साजिथ प्रेमदासा ने भारत से उस वक्त मदद की अपील की है, जब भारत में श्रीलंका को लेकर सर्वदलीय बैठक की गई है और केन्द्र सरकार ने भारत की सभी 28 राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को श्रीलंका पर होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। इस बैठक की अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने की थी और बैठक में भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन भी शामिल थीं। बैठक के दौरान, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं को श्रीलंका की स्थिति के बारे में जानकारी दी, जो आर्थिक और राजनीतिक उथल-पुथल और भारत द्वारा प्रदान की जा रही सहायता से तबाह हो गया है। जयशंकर ने बैठक के बाद कहा कि, "गेंद श्रीलंका और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पाले में है और वे चर्चा कर रहे हैं। उन्हें एक समझौते तक पहुंचने की जरूरत है, फिर हम (भारत) देखेंगे कि हम क्या सहायक भूमिका निभा सकते हैं।"
श्रीलंका की संसद में राष्ट्रपति चुनाव
44 साल में पहली बार श्रीलंका की संसद बुधवार को त्रिकोणीय मुकाबले में सीधे तौर पर राष्ट्रपति का चुनाव करेगी। चुनाव में कार्यवाहक राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे का सामना दुल्लास अल्हाप्परुमा और अनुरा कुमारा दिसानायके से होगा। विपक्षी दलों के साथ-साथ अपनी मूल पार्टी के अधिकांश सांसदों से महत्वपूर्ण समर्थन प्राप्त करने के बाद अंतिम समय में राजनीतिक पैंतरेबाज़ी ने विक्रमसिंघे पर अलहप्परुमा के लिए बढ़त का संकेत दिया है। अगर दुल्लास अल्हाप्परुमा अगले श्रीलंकाई राष्ट्रपति के रूप में चुने जाते हैं, तो फिर साजिथ प्रेमदासा की श्रीलंका के अगले प्रधानमंत्री बनने की संभावना है। नए राष्ट्रपति, बदनाम और भगौड़े गोटाबाया राजपक्षे की जगह लेंगे, जो पिछले हफ्ते देश से आर्थिक पतन के कारण हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच देश छोड़कर भाग गए थे।

भारत ने दी है 3.8 अरब डॉलर की मदद
वहीं, भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि, भारत ने जनवरी से श्रीलंका को 3.8 अरब डॉलर की सहायता दी है। 1948 में श्रीलंका को स्वतंत्रता मिलने के बाद से सबसे खराब आर्थिक संकट से गुजर रहा है और राजपक्षे की सरकार के खिलाफ विद्रोह फूटने के बाद श्रीलंका में राजनीतिक संकट ने जन्म ले लिया है। वहीं, अगले छह महीने तक श्रीलंका के लोगों को भोजन और बुनियादी जरूरतें मिलती रहें, इसके लिए 5 अरब डॉलर की जरूरत है।

कौन हैं साजिथ प्रेमदासा?
साजिथ प्रेमदासा, रणसिंघे प्रेमदासा के बेटे हैं, जिन्होंने 1978 से 1988 तक प्रधानमंत्री और 1989 से 1993 तक श्रीलंका के राष्ट्रपति के रूप में काम किया। रणसिंघे की 1 मई 1993 को लिट्टे ने हत्या कर दी थी। साजिथ प्रेमदासा ने बाद में राजनीति कीशुरुआत की थी। एक राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले साजिथ प्रेमदासा, हंबनटोटा से यूनाइटेड नेशनल पार्टी के नेता थे और साल 2000 में पहली बार सांसद बने थे। साजिथ प्रेमदासा फिलहाल श्रीलंका के एकमात्र ऐसे बड़े नेता हैं, जो अतीत के शासन से दागी नहीं हैं और नीतिगत पदों के साथ बोल्ड हैं।












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