मंकीपॉक्स का खतरा और गहराया, स्पेन, ब्राजील में वायरस से पहली मौत दर्ज, 70% केस यूरोप में
मई में शुरू हुए मंकीपॉक्स प्रकोप के लगभग 70 प्रतिशत मामले यूरोप में और 25 प्रतिशत अमेरिका में पाए गए। अब यह बीमारी भी महामारी का रूप लेता जा रहा है
मैड्रिड/रियो, 30 जुलाई : कोरोना महामारी के बीच में अब मंकीपॉक्स इंसान के लिए काल बनता जा रहा है। पूरी दुनिा में अब इस नए वायरस का खतरा गहराता जा रहा है। खबर के मुताबिक, अफ्रीका महाद्वीप के बाहर स्पेन और ब्राजील में दो लोगों की मंकीपॉक्स के कारण मौत हो गई (Spain Brazil report first monkeypox-related deaths outside Africa)। कहने का मतलब यह है कि, अब दुनिया को कोरोना के साथ-साथ मंकीपॉक्स बीमारी से भी लड़ना होगा। अगर समय रहते दुनिया सावधान नहीं होती है, तो पूरा विश्व कोरोना, मंकीपॉक्स वायरस की मार से जूझता रहेगा।बता दें कि, मई में शुरू हुए मंकीपॉक्स प्रकोप के लगभग 70 प्रतिशत मामले यूरोप में और 25 प्रतिशत अमेरिका में पाए गए हैं।
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स्पेन में मंकीपॉक्स का खतरा
स्पेन में शुक्रवार को मंकीपॉक्स (Monkeypox) वायरस से पहली बार एक शख्स की मौत होने की सूचना दी गई है। यूरोप में मंकीपॉक्स के मौजूदा प्रकोप से जुड़ी ये पहली मौत मानी जा रही है। स्पेन के स्वास्थ्य मंत्रालय के आपातकालीन और सतर्कता समन्वय केंद्र के अनुसार स्पेन मंकीपॉक्स से सबसे अधिक प्रभावित दुनिया के कुछ देशों में से एक है। अब तक स्पेन में करीब 4,298 लोग इस वायरस से संक्रमित हुए हैं।

मंकीपॉक्स का संकट गहराया
स्वास्थ्य मंत्रालय के आपातकालीन और सतर्क समन्वय केंद्र के अनुसार, वायरस के 4,298 मामलों के साथ स्पेन दुनिया के सबसे अधिक प्रभावित देशों में से एक है। स्पेन में कोरोना के बाद मंकीपॉक्स का खतरा चरम पर है। यहां मंकीपॉक्स के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। खबर के मुताबिक केंद्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जो जानकारी उपलब्ध है, उसके अनुसार मंकीपॉक्स के 3,750 रोगियों में से 120 अस्पताल में भर्ती थे और एक मरीज की मौत इस मंकीपॉक्स वायरस के संक्रमण से हो गई है। एक अधिकारी ने कहा कि पोस्टमॉर्टम के नतीजे के नहीं आने के कारण मौत के विशिष्ट कारण के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा सकती है।

मंकीपॉक्स फैलता जा रहा है, सावधान हो रहें
वहीं, ब्राजील में मरने वाले मरीज 41 साल का शख्स था। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि वह लिम्फोमा और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली ( lymphoma and a weakened immune system) से भी पीड़ित थे। गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (The World Health Organization-WHO) ने पिछले शनिवार को मंकीपॉक्स के प्रकोप को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल (global health emergency) घोषित किया था।

क्या कहना है डब्ल्यूएचओ का
डब्ल्यूएचओ के अनुसार मई की शुरुआत से अफ्रीका के बाहर दुनिया भर में मंकीपॉक्स के 18,000 से अधिक मामलों का पता चला है। डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस एडनोम घेब्रेयियस ने बुधवार को कहा कि 78 देशों में इसका पता चला है। जिसमें 70 प्रतिशत मामले यूरोप में और 25 प्रतिशत अमेरिका में पाए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो, भारत में अब तक मंकीपॉक्स के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से एक मामला दिल्ली में भी 24 जुलाई को सामने आया था। केंद्र सरकार ने मंकीपॉक्स के प्रकोप को देखते हुए गाइडलाइन जारी की है। इसमें मंकीपॉक्स से संक्रमित मरीजों के लिए 21 दिनों तक अलगाव में रहने का निर्देश दिया गया है। मंकीपॉक्स के लक्षणों में बुखार के साथ सिरदर्द, गले में खराश के साथ शरीर की त्वचा पर घाव भी बनते हैं। ये लक्षण करीब तीन हफ्ते तक बने रहते हैं।












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