अंतरिक्ष में Elon Musk की कंपनी का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, रचा इतिहास, भारतीय मूल के वैज्ञानिक हैं मिशन के कमांडर
स्पेस एक्स ने नासा के 600वें अंतरिक्षयात्री को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचाकर नया इतिहास बना दिया है और नासा के इस मिशन के कमांडर भारतीय मूल के खगोलशास्त्री हैं।
वॉशिंगटन, नवंबर 12: अंतरिक्ष में एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स ने एक और ऐतिहासिक रिकॉर्ड कायम कर दिया है और सबसे खास बात ये है कि, स्पेस एक्स के इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड के पीछे भारत का कनेक्शन जुड़ा हुआ है। दुनिया के सबसे अमीर और सबसे आविष्कारक कारोबारी एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स शुक्रवार को नये इतिहास का निर्माण किया है।

स्पेस एक्स ने अंतरिक्ष में रचा इतिहास
शुक्रवार को एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स का स्पेस एक्स कैप्सूल रॉकेट चार अंतरिक्षयात्रियों को लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन यानि आईएसएस पहुंच गया है और उसी के साथ ही अमेरिका ने अंतरिक्ष कार्यक्रम के 60 सालों के इतिहास में 600 अंतरिक्ष यात्रियों को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचाने का रिकॉर्ड भी बना दिया है, जो अपने आप में ऐतिहासिक है और दुनिया के अंतरिक्ष विज्ञान के लिए अद्भुत है। सबेस दिलचस्प बात ये है कि, जिस अंतरिक्षयात्री को अमेरिका ने 600वें अंतरिक्षयात्री के तौर पर स्पेस स्टेशन पहुंचाया है, वो एक जर्मन हैं और दूसरी सबसे बड़ी खास बात ये है कि, स्पेस एक्स के इस अंतरिक्ष मिशन के कमांडर भारतीय मूल के खगोल वैज्ञानिक हैं।

अंतरिक्ष यात्रा में ऐतिहासिक उड़ान
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा, एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स के साथ मिलकर अंतरिक्षयात्रियों को स्पेस स्टेशन में पहुंचाता है और नासा ने स्पेस एक्स के साथ इसके लिए करार किया हुआ है। स्पेस एक्स ने अपने इस मिशन के जरिए नासा के अंतरिक्ष यात्री राजा चारी, टॉम मार्शबर्न, कायला बैरोन और ईएसए अंतरिक्ष यात्री मैथियास मौरर को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में पहुंचाया है और नासा ने इसकी पुष्टि करते हुए अंतरिक्षयात्रियों की तस्वीर जारी की है।

मिशन के कमांडर हैं राजा चारी
स्पेस एक्स के इस मिशन को कामयाबी से अंजाम देने के पूछे भारतीय मूल के अंतरिक्ष वैज्ञानिक राजा चारी का हाथ है, जो इस मिशन के कमांडर थे। भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक राजा जॉन वुर्पुतूर चारी युद्धक विमानों के पायलट हैं और उन्हें क्रू-3 मिशन का कमांडर बनाया गया था। आपको बता दें कि राजा चारी को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अपने मून मिशन 'आर्टेमिश' कार्यक्रम के तहत दुनिया के 18 अंतरिक्षयात्रियों के लिए 2017 में चुना था और तब से वो नासा के लिए काम कर रहे हैं।

राजा चारी की प्रोफेशनल जिंदगी
भारतीय मूल के राजा चारी अमेरिका में 461वें फ्लाइट टेस्ट स्क्वाड्रन के कमांडर के तौर पर अमेरिका में अपनी सेवा दे रहे थे। आपको बता दें कि, राजा चारी एफ-35 इंटीग्रेटेड टेस्ट फोर्स के डायरेक्टर भी रह चुके हैं। राजा चारी ने 1999 में अमेरिकी एयरफोर्स एकेडमी से एस्ट्रोनॉटिकल इंजीनियरिंग में पढ़ाई की हुई है और फिर उन्होंने अमेरिका के प्रतिष्ठित एमआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज से मास्टर्स की डिग्री हासिल की। राजा चारी के पिता श्रीनिवास भारत के हैदराबाद के रहने वाले हैं।

6 महीने का है अंतरिक्ष मिशन
नासा का ये अंतरिक्ष मिशन 6 महीने का है और इस दौरान ये अंतरिक्ष यात्री इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में वैज्ञानिक कार्य को बढ़ाएंगे और नई तकनीकों का प्रदर्शन करने के लिए माइक्रोग्रैविटी प्रयोगशाला में नये रिसर्च करेंगे। छह महीने के मिशन के लिए रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री एंटोन श्काप्लेरोव और प्योत्र डबरोव भी आगे जाकर शामिल होंगे। इन अंतरिक्षयात्रियों को इस दौरान चांद पर जाने के लिए भी स्पेशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस मिशन का मुख्य मकसद इंसानी जीवन को और ज्यादा मदद पहुंचाना है।












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