पाकिस्तान: हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने वाले सिख एक्टिविस्ट खुद हो गए गोली का शिकार, ISI पर हत्या का शक
पेशावर। ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट और पाकिस्तान में सिख कम्यूनिटी के नेता चरणजीत सिंह की पेशावर में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। पाकिस्तान में धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देने और हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने वाले चरणजीत खुद सोमवार को गोली का शिकार हो गए। बाइक पर आए हमलावरों ने चरणजीत सिंह की गोली मारकर फरार हुए। इस घटना के बाद उनके परिवार वालों ने उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करवाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

हालांकि, हत्या की वजह का पता फिलहाल चल नहीं पाया है। वहां के समुदाय और स्थानीय नेताओं को शक है कि इस हत्या के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ है। जुलाई में आम चुनाव होने हैं और पाकिस्तान में धार्मिक आधार पर हत्याओं की घटनाओं में अचानक तेजी आई है।
पाकिस्तान की आर्मी और आईएसआई अपने देश में कट्टरवाद को खुल्लेआम सपोर्ट कर रही है। पाकिस्तान में लगातार बढ़ते धार्मिक हिंसाओं को लेकर राजनीति पार्टियां भी चुनाव को माहौल को देखते हुए कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।
हाल ही में कई धार्मिक प्रतिनिधियों ने पाकिस्तान सरकार पर आरोप लगाया था कि देश में अल्पसंख्यकों पर होते भेदभाव और अत्याचार के खिलाफ सरकारें आंख मूंद कर बैठी है। पाकिस्तान मे अल्पसंख्यक मंत्रालय होने के बावजूद भी उनके दुख दर्द को वहां सुनने वाला कोई नहीं है। पाकिस्तान के खैबर-पख्तुंख्वा में लगभग 60,000 सिख रहते हैं, जिसमें अकेले पेशावर में 15,000 सिख हैं, जिन्होंने कई बार अपने साथ हुए भेदभाव का मुद्दा उठाया है।












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