मुंबई हमलों की तरह ओरलैंडो में भी डर के मारे भेजे जा रहे थे मैसेज
ओरलैंडो। वर्ष 2008 में जब मुंबई पर आतंकी हमला हुआ तो उसने आतंक का एक नया चेहरा दुनिया को दिखाया। रविवार को जब ओरलैंडो में हमला हुआ तो इसने आतंक के उसी चेहरे से दुनिया को फिर से रूबरू करवाया।

इन हमलों में मुंबई हमलों की तरह डर के मारे लोग जहां थे वहीं पर कहीं छिप कर अपने किसी करीबी को मैसेज कर रहे थे। इन्हीं कुछ लोगों में से एक था एक ऐसा लड़का जो अपनी मां को अपने डर की कहानी मैसेज में बयां कर रहा था।
बचने के लिए तलाश रहा था रास्ता
ओरलैंडो के गे नाइट क्लब पल्स में में जब फायरिंग हो रही थी और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर दुबके बैठे थे, तब 30 वर्षीय एक शख्स अपनी मां को याद कर रहा था। यह शख्स आतंकी मतीन से बचने का रास्ता तलाश रहा था।
बाथरूम में छिपा शख्स
क्लब में फंसे एक शख्स ने अपनी मां मीना जस्टिस को मैसेज कर मदद मांगी। उसने अपनी मां को मैसेज किया कि वह बाथरूम में क्लब के बाकी लोगों के साथ आकर छिप गया है। इसने अपनी मां को लिखा कि 'वह आ रहा है।'
मां से कहा, 'मैं मरने वाला हूं'
इस शख्स की मां मीना जस्टिस क्लब के बाहर आ गईं। उन्होंने अपने 30 वर्षीय बेटे को कान्टेक्ट करने की बहुत कोशिश की। इस व्यक्ति मां को मैसेज कर पुलिस को इनफॉर्म करने को कहा था। उसकी मां पूछना चाहती थी कि कहीं उसको चोट तो नहीं आई लेकिन उसके बेटे ने मैसेज किया,'मैं मरने वाला हूं।' मीना जस्टिस ने बताया कि उनके बेटे को लेडीज टॉयलेट में बंधक बनाया गया है।












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