कश्मीर मुद्दे पर ओबामा के सामने रोंएगे पाक प्रधानमंत्री

भारत ने इस पर पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह कश्मीर मुद्दे पर किसी की भी मध्यस्था स्वीकार नहीं करेगा। कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा।
ओबामा और शरीफ की मुलाकात की समय सीमा 90 मिनट तय की गई है। जिसमें पाक ऊर्जा, व्यापार, आर्थिक विकास और चरमपंथ से मुकाबले जैसे मुद्दों पर सहयोग की मांग करेगा। गौर हो पाक में धार्मिक चरमपंथ इस कदर हावी है कि चरमपंथी अब सरकार पर भी दबाव बनाने लगे हैं। हालात तो यह हैं कि एक तरफ नवाज भारत से बेहतर संबंध चाहते हैं, वहीं सेना और चरमपंथी मिलकर भारत- पाक सीमा पर गोलाबारी करते हैं।
कुल मिलाकर ओबामा शरीफ की मुलाकात में आतंकवाद प्रमुख मुद्दा होगा। नवाज अफगानिस्तान से इस्लामाबाद के सहयोग पर भी ध्यान देंगे क्योंकि 2014 में अमेरिका अफगानिस्तान से अपनी सेनाएं वापस बुलाने की योजना पर काम कररहा है। वहीं पाक के कई और राजनीतिक दल भी वहां हो रहे ड्रोन हमलों की भी निंदा कर रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications