पाकिस्तान चुनाव में नवाज शरीफ बहुत पीछे, जेल से ही इमरान खान ने मचाया तूफान, PTI को बंपर बढ़त

पाकिस्तान चुनाव के शुरुआती रुझान बता रहे हैं कि तमाम कोशिशों के बाद भी इमरान खान को राजनीति से बाहर नहीं किया जा सका है। इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार गुरुवार को महत्वपूर्ण पंजाब प्रांत में तीन बार के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी के उम्मीदवारों को कड़ी चुनौती दे रहे हैं।

अभी तक के ट्रेंड के मुताबिक इमरान खान की पार्टी के समर्थित उम्मीदवारों को 136 सीटों पर आगे चल रही है, जो कि बहुमत से 3 अधिक है। नवाज शरीफ की पार्टी PML-N को अभी तक सिर्फ 44 सीटों पर बढ़त मिल पाई है। अगली सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को 133 सीटें चाहिए।

 Imran Khan created a storm

आपको बता दें कि इमरान खान और उनकी पार्टी को चुनाव में खड़े होने से रोकने के लिए हर तरह की कोशिशें की गई थीं। पिछले कुछ महीनों से चुनाव आयोग ने पीटीआई को निशाने पर ले रखा था और उनकी पार्टी को ही विवादित घोषित कर रद्द कर दिया।

आपको बता दें कि इमरान खान अभी जेल में हैं और उनपर लगभग 175 मामले चल रहे हैं। इमरान खान को 3 अलग-अलग मामलों में कुल 31 साल की सजा सुनाकर उन्हें हमेशा के लिए जेल के भीतर रहने का इंतजाम किया जा चुका है।

इमरान खान 3 जगहों से चुनाव में उतरे हुए थे मगर सभी को निरस्त कर दिया गया। उनकी पार्टी के प्रत्याशी पीटीआई की अधिकृत उम्मीदवार नहीं हैं। ऐसे में ये प्रत्याशी तकनीकी तौर पर एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में खड़े थे, क्योंकि चुनाव आयोग ने पीटीआई से उसका चुनाव चिह्न बैट ज़ब्त कर लिया था।

इमरान की पार्टी के उम्मीदवार निर्दलीय करार दिए जाने से उनका चुनाव चिह्न अलग-अलग हो गया। इतना ही नहीं PTI से जुड़े प्रत्याशियों के नामों से मिलते-जुलते नाम वाले लोगों को चुनाव में खड़ा कर दिया गया। आपको बता दें कि पाकिस्तान की अधिकांश जनता अनपढ़ है ऐसे में इमरान खान से जुड़े प्रत्याशियों में अंतर करना मुश्किल हो गया।

इतना ही नहीं, चुनाव से पहले पाकिस्तान की पुलिस भी पीटीआई नेताओं के पीछे पड़ गई। एक फरवरी को ही पीटीआई के 39 नेता दंगा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था।

पाकिस्तान के उम्मीदवारों को प्रचार करने से रोका गया। इन सबके अलग एक साल पहले ही पिछले साल मार्च में इमरान खान और उनके नेताओं को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने बैन भी कर दिया गया।

आरोप लगा कि इमरान खान और उनके नेता अपने भाषणों में निराधार आरोप लगा रहे हैं और भड़काऊ बयानबाजी कर रहे हैं, जिससे शांति भंग होने का खतरा है। इमरान और उनके उम्मीदवारों को टीवी मीडिया में जगह नहीं दी गई। मजबूरन इमरान खान और पीटीआई को अपना प्रचार सोशल मीडिया पर करना पड़ा।

71 साल के इमरान खान के पास जीतने के जितने भी रास्ते थे सारे रास्तों पर बैरियर लगा दिया गया था पाकिस्तानी जनता ने बैरियर तोड़कर इमरान खान का स्वागत किया है। इमरान खान की पार्टी बहुमत से अधिक सीट हासिल करती दिख रही है।

चुनाव परिणाम की प्रक्रिया अभी चल ही रही है मगर एक चीफ जो साफ दिखाई दे रही है कि अब इमरान खान को दरकिनार करना पहले की तरह आसान नहीं होने वाला है।

ताजा मामले में PML-N चीफ और प्रधानमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे नवाज शरीफ लाहौर सीट से पीछे हो गए हैं। नवाज ही नहीं, उनके भाई शहबाज भी पीछे चल रहे हैं। इतना ही नहीं, बिलावल भी लाहौर से पीछे चल रहे हैं। कुलामिलाकर इमरान के विरोधियों की हालत पतली होती दिखाई दे रही है।

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