शहबाज शरीफ ने गद्दी छोड़ी, अभी कौन चला रहा है पाकिस्तान, अब कौन बनेगा देश का नया कार्यवाहक प्रधानमंत्री?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार रात संसद भंग कर दी। राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने आधी रात को इसकी मंजूरी दे दी। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले तीन महीनों के अंदर वहां आम चुनाव हो सकते हैं।
आपको बता दें कि नेशनल असेंबली का कार्यकाल 12 अगस्त को पूरा हो रहा था। लेकिन इसे 3 दिन पहले 9 अगस्त को ही भंग कर दिया गया। इसके पीछे शहबाज शरीफ की मंशा है कि उनकी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) और दूसरे राजनीतिक दलों को चुनाव की तैयारियों के लिए ज्यादा से ज्यादा वक्त मिले।

दरअसल पाकिस्तान का संविधान कहता है कि अगर कार्यकाल खत्म होने के पहले संसद भंग की जाती है तो उन हालात में 90 दिन के भीतर चुनाव कराए जाते हैं, वहीं, अगर पांच साल पूरे होने पर नेशनल असेंबली भंग होती है तो 60 दिनों के भीतर चुनाव कराया जाना जरूरी हो जाता है।
शहबाज सरकार की विदाई के बाद अब देश की कमान कार्यवाहक सरकार संभालेगी। आज शहबाज शरीफ और विपक्ष के नेता राजा रियाज केयरटेकर PM का नाम तय करने के लिए चर्चा करेंगे।
अगर इन दोनों में 3 दिनों के भीतर सहमति नहीं बनती है तो मामला संसदीय कमेटी के पास चला जाएगा। अगर यहां भी सहमति नहीं बनी तो इसका फैसला चुनाव आयोग करेगी। चुनाव आयोग अगले 48 घंटे के भीतर देश के अगले कार्यवाहक प्रधानमंत्री का फैसला करेगी।
अगले कार्यवाहक प्रधानमंत्री की नियुक्ति तक पीएम शहबाज कार्यवाहक प्रधानमंत्री के तौर पर काम करेंगे। पाकिस्तान में संविधान के अनुच्छेद 94 के अनुसार, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से तब तक पद पर बने रहने के लिए कह सकता है जब तक उसका उत्तराधिकारी प्रधानमंत्री के पद पर नहीं आ जाता।
हालांकि शहबाज सरकार ने इससे पहले कार्यवाहक पीएम पद के लिए किसी भी उम्मीदवार के नाम को अंतिम रूप देने से इनकार कर दिया था। शहबाज सरकार का कहना था कि इस मामले पर सरकार अपनी पार्टी के सदस्यों और सहयोगियों संग चर्चा कर रही है जो कि एक से दो दिनों के भीतर पूरी हो जाएगी।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कार्यवाहक पीएम पद के लिए पूर्व वित्त मंत्री हफीज शेख, वित्त मंत्री इशाक डार, पूर्व पीएम शाहिद अब्बासी, पूर्व प्रधान सचिव फवाद हसन फवाद, पूर्व मुख्य न्यायधीश तसद्दुक जिलानी, मुहम्मद मियां सूमरो, डॉ. इशरतुल एबाद, अब्दुल्ला हुसैन हारून, पीर पगारो, मखदूम महमूद अहमद और जलील अब्बास जिलानी के नामों पर चर्चा हो रही है।
इनमें से जलील जिलानी सबसे बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। ऐसा कहा जाता है कि अब्बास पीपीपी द्वारा पीएम के साथ साझा की गई तीन नामांकित व्यक्तियों की सूची में हैं। इससे पहले पूर्व वित्त मंत्री हफीज शेख को सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा था।
पीपीपी नेता फैसल करीम कुंडी ने पुष्टि की है कि उनकी पार्टी ने जलील अब्बास जिलानी का नाम प्रस्तुत किया है। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि पीपीपी चाहती है कि एक राजनेता को कार्यवाहक पीएम के रूप में नियुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि पार्टी यह भी चाहती है कि पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत व्यक्ति को अंतरिम व्यवस्था का प्रमुख बनाया जाए।












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