परमाणु बमों से लैस अमेरिकी विमानों ने फिर भरी दक्षिण कोरिया के ऊपर उड़ान
सियोल। अमेरिका के दो सुपरसोनिक विमानों ने एक बार फिर दक्षिण कोरिया के ऊपर उड़ान भरी है। उत्तर कोरिया की तरफ से 9 सिंतबर को किए गए परमाणु परीक्षण के बाद ये दूसरा ऐसा मौका है जब अमेरिका ने विमानों ने ऐसी उड़ान भरी है।

अमेरिका के विमानों ने दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल के दक्षिण में स्थित एयर बेस पर 40 किलोमीटर की उड़ान भरी।
दक्षिण कोरिया में स्थित अमेरिकी सेना के मुताबिक बी-1 बॉम्बर्स लैंसर ने यह उड़ान इस मकसद के साथ भरी कि वो पेनिनसुला और इस क्षेत्र की रक्षा को लेकर प्रतिबद्ध हैं।
अमेरिका ने दक्षिण कोरिया में अपने 28,500 सैनिक भेज रखे हैं। इससे पहले भी बी-1 बॉम्बर्स ने दक्षिण कोरिया की सेना के युद्धक विमानों के साथ आसमान में उड़ान भरी थी।
इससे पहले अमेरिकी विमानों ने दक्षिण कोरिया के आसमान में उड़ान भरी थी। तब उत्तर कोरिया ने अमेरिका के इस कदम की आलोचन की थी और उसे उकसाने वाला कहा था। बुधवार को अमेरिकी विमानों के उड़ान भरने पर उत्तर कोरिया ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।
अमेरिकी एयर फोर्स ने बुधवार को कहा कि इस बार हमारी तरफ से भरी गई उड़ान उत्तर कोरिया के बहुत नजदीक तक भरी गई उड़ान थी।अमेरिकी एयरफोर्स ने अपनी वेबसाइट पर इस बात की जानकारी दी है कि 20 सालों में पहली बार पेनिनसुला में अमेरिकी विमान लैंड हुआ है। साथ ही पहली बार उत्तर कोरिया के इतने नजदीक तक विमानों ने उड़ान भरी है।
दक्षिण कोरिया की न्यूज एजेंसी योनहाप के मुताबिक अमेरिकी विमानों ने लाइव फायर ट्रेनिंग साइट में उत्तर की ओर उड़ान भरी।
उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए 9 सिंतबर को पांचवां परमाणु परीक्षण किया था। इस सप्ताह भी उत्तर कोरिया ने कहा था कि उसने ऐसे रॉकेट इंजन का परीक्षण किया है जिसकी मदद से सेटेलाइट लांच किए जाएंगे।












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