सऊदी अरब प्रिंस ने US को धमकाया, कहा- हम जिहाद के लिए पैदा हुए, शहीद होने से नहीं डरते
ओपेक प्लस के प्रति दिन 2 मिलियन बैरल तेल कटौती के फैसले के बाद से ही अमेरिका और सऊदी अरब के बीच संबंध बदतर हो चुका है। इसी बीच क्राउन प्रिंस के चचेरे भाई ने पश्चिमी देश को खूब सुनाया है।
तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक प्लस (OPEC Plus) के 20 लाख बैरल प्रतिदिन तेल कटौती की घोषणा से ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका और सऊदी के संबंध आने वाले वक्त में और कड़वे होने जा रहे हैं। अमेरिका का कहना है कि सऊदी अरब ने यह काम रूस को फायदा पहुंचाने के लिए किया है। इस बीच सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के चचेरे भाई ने अमेरिका के खिलाफ तीखा बयान दे दिया है।

सऊद अल सालान ने पश्चिमी देशों को दी धमकी
सऊदी क्राउन प्रिंस के चचेरे भाई प्रिंस सऊद अल शालान ने अमेरिका का बिना नाम लिए पश्चिमी देशों को धमकी दी है। शालान का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में शालान पश्चिमी देशों को धमकी देते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में सालान कहते हैं कि पश्चिम के देशों के लिए मेरी प्रतिक्रिया है... यदि कोई भी सऊदी अरब और शाही परिवार के अस्तित्व को चुनौती देगा... हम सभी जिहाद और शहादत के लिए ही बने हैं। ये उन सभी के लिए है जिन्हें लगता है कि वे हमें धमका सकते हैं।

अंग्रेजी और फ्रेंच दोनों भाषाओं में दी धमकी
प्रिंस ने यह संदेश अंग्रेजी और फ्रेंच दोनों भाषाओं में दिया। सऊदी मानवाधिकार की वकील अब्दुल्ला अलाउध के अनुसार, सऊद अल-शालान एक आदिवासी नेता और सऊदी अरब के संस्थापक किंग अब्दुलअजीज के पोते हैं। शालान का बयान तब आया है जब संयुक्त राज्य अमेरिका और सऊदी अरब के बीच संबंधों में गिरावट आई है। जमाल खशोगी की 2018 हुई हत्या के बाद अमेरिका ने सऊदी क्राउन प्रिंस की आलोचना की थी जिसके बाद दोनों देशों के संबंध खराब हो गए। हालांकि बीते जुलाई में जो बाइडेन की यात्रा के बाद राष्ट्रपति को पूरी उम्मीद थी कि ओपेक प्लस में मुखिया सउदी अरब तेल उत्पादन में कटौती का फैसला नहीं लेगा।

ओपेक प्लस ने अधिक तेल उत्पादन से किया इनकार
इसके बजाय पिछले हफ्ते ओपेक प्लस देशों ने तेल उत्पादन में रोजाना दो मिलियन बैरल की कटौती करने के निर्णय लिया। जिसके बाद नाराज होकर अमेरिका ने सऊदी अरब पर यूक्रेन युद्ध को लेकर उस पर लगाए गए प्रतिबंधों के दबाव को दूर करने में रूस की मदद करने का आरोप लगाते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अमेरिका का कहना है कि तेल की कीमतों में बढोतरी रूस को प्रोत्साहित करेगा और दुनिया की उन कोशिशों को कमजोर करेगा जो रूस को अलग-थलग करने से जुड़ी हैं। बाइडेन की तरफ से चेतावनी दी गई कि सऊदी और रूस की इस डील के बुरे नतीजे देखने को मिलेंगे। कई अमेरिकी सांसदों ने सऊदी अरब को हथियार बंद करने की भी सलाह दी है।

सऊदी अरब ने अमेरिका को दी सफाई
अमेरिका के गरम लहजे को देख सऊदी नरम पड़ा है। सऊदी अरब ने तेल उत्पादन में कटौती को लेकर सफाई भी दी है। सऊदी का कहना है कि तेल उत्पादन में कटौती का फैसला पूरी तरह से आर्थिक है। सऊदी का कहना है कि अगर ऐसा फैसला नहीं लिया जाता तो इसका नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता था। हालांकि इसी बीच सऊदी अरब ने पूरी दुनिया को चौंकाते हुए रूस-यूक्रेन जंग के बीच ही यूक्रेन को 400 मिलियन डॉलर की मदद देने का मन भी बना लिया है।












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