लीबिया के तानाशाह गद्दाफी का बेटा लड़ेगा राष्ट्रपति चुनाव, जानिए पिता से कितने अलग हैं सैफ इस्लाम?
सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी को एक वक्त उनके पिता मुअमम्मर गद्दाफी ने देश का उत्तराधिकारी नियुक्त किया था, लेकिन जनता के विद्रोह के बाद दैश की स्थिति पूरी तरह से बदल गई।
ट्रिपोली, नवंबर 15: लीबिया के दिवंगत नेता और पूरी दुनिया में क्रूर नेता के नाम से विख्यात मुअम्मर अल-गद्दाफी के बेटे ने अगले महीने लीबिया में राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए रजिस्ट्रेशन कर दिया है। और ऐसी रिपोर्ट है कि, गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम को इस चुनाव में जनता का समर्थन मिल रहा है और उनकी रैलियों में भारी संख्या में लोग आ रहे हैं। जिसके बाद इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है कि, सैफ अल-इस्लाम लीबिया के अलगे राष्ट्रपति बन सकते हैं। ऐसे में जानना जरूरी हो जाता है कि सैफ अल-इस्लाम की विचारधारा क्या है और वो अपने पिता से कितने अलग हैं या फिर वो भी अपने पिता के ही नक्शे-कदम पर चलेंगे?

कौन हैं सैफ अल-इस्लाम?
सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी को एक वक्त उनके पिता मुअमम्मर गद्दाफी ने देश का उत्तराधिकारी नियुक्त किया था, लेकिन 10 साल पहले लीबिया में प्रदर्शनकारियों ने क्रूरता के साथ गद्दाफी को मौत के घाट उतार दिया था, जिसके बाद उनका परिवार अपनी जान बचाने के लिए छिप गया था। 2011 में लीबिया के लोग गद्दाफी के शासनकाल में उनकी शासन व्यवस्था से त्रस्त हो गये थे। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार सैफ अल-इस्लाम ने रविवार को लीबिया के शहर सेभा के चुनाव केंद्र में अपना नामांकन पत्र जमा किया है। काफी लंबे वक्त तक सार्वजनिक जीवन से गायब रहने और पिता की मौत के करीब 10 सालों के बाद सैफ अल-इस्लाम लोगों के बीच आए और उन्होंने देश में राष्ट्रपति बनने के लिए रजिस्ट्रेशन किया।

10 सालों के बाद सार्वजनिक उपस्थिति
पिता मुअम्मर गद्दाफी की मौत के करीब 10 सालों के बाद लीबिया एक चुनाव केन्द्र में राष्ट्रपति पद के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के बाद सैफ अल-इस्लाम ने कहा कि, अल्लाह, लीबिया के भविष्य के लिए सही रास्ता तय करेंगे। वहीं, लीबिया के मानवाधिकार संगठनों ने कहा है कि, लीबिया में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का होना काफी मुश्किल है। हालांकि, तमाम विश्व शक्तियों और संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने चेतावनी दी है कि, जो कोई भी लीबिया में चुनाव को बाधित करने या परिणाम को प्रभावित करने की कोशिश करेगा, उसे प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। ऑनलाइन वायरल होने वाली तस्वीरों और वीडियो में दिख रहा है कि, सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी आगामी चुनाव के लिए एक पोस्टर के सामने बैठे हैं, चुनावी कागजात पर हस्ताक्षर कर रहे हैं।

पारंपरिक लिबास में दिखे गद्दाफी के बेटे
एक वक्त क्लीन सेव और पश्चीमी लिबास पहनने वाले सैफ अल-इस्लाम चुनाव के लिए रजिस्ट्रेशन कराते वक्त दाढ़ी के साथ पारंपरिक लीबियाई लिबास पहने हुए दिखाई दिए। उन्होंने कैमरे के सामने देश की जनता को संबोधित किया और कुरान का हवाला देकर कहा कि, "सच में हमारे और हमारे लोगों के बीच अल्लाह ही असली न्यायाधीश हैं"। उन्होंने कहा कि, "अल्लाह हमेशा अपने उद्देश्य में सफल होता है" उन्होंने इस्लामिक पवित्र पुस्तक के एक और अध्याय का हवाला देते हुए कहा कि, "भले ही अविश्वासी इससे नफरत करते हों, लेकिन वो इंसाफ करके रहता है"।

पिता से अलग छवि बनाने की कोशिश
विश्लेषकों का कहना है कि, सैफ अल-इस्लाम अपने पिता की छवि से अलग छवि बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें 2011 में क्रांति के बाद लीबिया की जनता ने सत्ता से बेदखल कर दिया था और भीड़ ने गद्दाफी की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। पिता मुअम्मर गद्दाफी के क्रूर अंत के बाद बेटे सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी ने खुद एक मिलिशिया द्वारा गिरफ्तार करवा लिया, जहां उन्हें 6 साल के लिए कैद करके रखा गया और उन्हें भी फांसी की सजा सुनाई गई थी, लेकिन बाद में उनकी फांसी की सजा को पलट दिया गया था।

खतरनाक अपराधों में शामिल होने का आरोप
हालांकि, सैफ अल-इस्लाम अपनी छवि को पिता की छवि से अलग करना चाहते हैं, लेकिन उनके ऊपर कई क्रूर अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं। सैफ अल-इस्लाम के ऊपर अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट में युद्ध अपराध को अंजाम देने के आरोप में मुकदमा चल रहा है और वो अभी भी मोस्ट वांटेड हैं। हालांकि, अब वो धीरे धीरे खुद को वापस सार्वजनिक जीवन में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। जिसमें इस साल की शुरुआत में जिंटान में अपने विला से न्यूयॉर्क टाइम्स को एक इंटरव्यू देना भी शामिल है।

कितना आसान होगा पद तक पहुंचना?
सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी के लिए आगे की राह आसान नहीं होगी क्योंकि लीबिया के चुनाव नियमों के अलावा लीबिया में कई सशस्त्र समूह चुनाव को निष्पक्ष नहीं होने देते हैं। इसके अलावा देश के पूर्वी हिस्से और पश्चिमी हिस्से के बीच बनी गहरी दरार, युद्ध से वर्षों तक विभाजित, और विदेशी सैनिकों की उपस्थिति के बीच गद्दाफी जूनियर के लिए चुनाव जीतना एक महत्वपूर्ण चुनौती होगी। अगले महीने दिसंबर में लीबिया के लोग करीब 40 सालों के बाद देश के पहले स्वतंत्र संसदीय चुनाव के लिए वोट डालेंगे।

सैफ अल-इस्लाम की पढ़ाई-लिखाई
1972 में लीबिया की राजधानी त्रिपोली नें जन्मे सैफ ने त्रिपोली के अल फतेह विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की डिग्री और वियना के इमाडेक से एमबीए किया है। उन्हें लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पीएचडी की उपाधि भी मिली थी। उन्होंने गद्दाफी इंटरनेशनल फाउंडेशन फॉर चैरिटी एसोसिएशन की स्थापना की थी, जो लीबिया में एचआईवी परीक्षण संकट के दौरान अपने महत्वपूर्ण हस्तक्षेप के लिए जाना जाता है।

इजरायली अभिनेत्री से रिश्ता
सैफ अल-इस्लाम का इजरायली अभिनेत्री ओरली वीनरमैन के साथ रोमांटिक रिश्ता भी जुड़ा था। इसके साथ ही गद्दाफी जूनियर ने पश्चिम देशों के साथ मिलकर लीबिया के सहकारी संबंधों को फिर से स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2003 में लीबिया ने डब्ल्यूएमडी कार्यक्रम को छोड़ने के लिए हस्तक्षेप करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सैफ ने इजराइल और फिलिस्तीन के बीच अभी भी चल रहे संघर्ष को स्थायी रूप से हल करने के लिए इसराटिन प्रस्ताव को भी सामने रखा था।
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