वैक्सीन, भारत प्रशांत क्षेत्र जैसे कई अहम मुद्दों पर बातचीत के लिए वाशिंगटन पहुंचे एस जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर बुधवार को जो बाइडेन प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक करने वाशिंगटन डीसी पहुंचे। वह यहां बाइडेन प्रशासन के अधिकारियों के साथ कई बैठकें करेंगे।
वाशिंगटन, 27 मई। विदेश मंत्री एस जयशंकर बुधवार को जो बाइडेन प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक करने वाशिंगटन डीसी पहुंचे। वह यहां बाइडेन प्रशासन के अधिकारियों के साथ कई बैठकें करेंगे। यहां उनके द्वारा बाइडेन के कार्यकाल के 100 दिनों के दौरान भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा करने और शेष कार्यकाल के दौरान दोनों देशों से संबंधों को और मजबूती देने का आधार तैयार करने की उम्मीद जताई जा रही है।

एस जयशंकर यहां तीन दिन रुकेंगे। इस दौरान वह अपने अमेरिकी समकक्ष टोनी ब्लिंकन, रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन से भी मुलाकात करेंगे। पेंटागन प्रेस सचिव जॉन किर्बी ने मीडिया को बताया कि दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय रक्षा और सुरक्षा संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए एस जयसंकर और रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन के बीच मुलाकात होगी।
इन मुद्दों पर हो सकती है बातचीत
अमेरिकी विदेश मंत्री टोनी ब्लिंन और एस जयशंकर के बीच कोविड-19 राहत, क्वाड देशों के जरिए भारत-प्रशांत सहयोग को बढ़ाने, संयुक्त राष्ट्र और बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ाने और अन्य साझा क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक मुद्दों पर बातचीत हो सकती है।
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व्यापारिक नेताओं से करेंगे मुलाकात
इसके अलावा एस जयशंकर के गुरुवार को यूएस इंडिया बिजनेस काउंसिल और यूएस इंडिया स्ट्रेटेजिक एंड पार्टनरशिप फोरम द्वारा आयोजित दो अलग-अलग बैठकों में प्रतिष्ठित व्यापारिक नेताओं के एक समूह से मिलने की भी उम्मीद है।
जॉन किर्बी ने आगे कहा कि चूंकि भारत अमेरिका का एक रणनीतिक रक्षा साझेदार है इसलिए बहुत सारे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
अमेरिकी सांसदों से करेंगे मुलाकात
विदेश मंत्री का कई अमेरिकी सांसदों से भी मुलाकात का कार्यक्रम है। इडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष ब्रैड शेरमेन ने कहा कि वह एस जयशंकर और अमेरिका में भारत के राजदूत तरनजीत सिंह संधू और अमेरिका-भारत संबंधों से संबंधित अन्य नेताओं से मुलाकात के लिए काफी उत्सुक हैं।
उन्होंने कहा, 'यह मुलाकात हमारे लिए एक अवसर है कि कैसे अमेरिका कोरोना वायरस, वैश्विक वैक्सीन के उत्पादन और भारत-प्रशांत क्षेत्र के मुद्दों पर भारत की मदद कर सकता है। इससे पहले एस जयशंकर ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस से मुलाकात की और इस दौरान कोविड महामारी के चलते उपजी चुनौतियों को लेकर व्यापक चर्चा की।
बैठक के दौरान उन्होंने वैक्सीन की कमी का तत्काल प्रभावी समाधान तलाशने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने भारत को अपने पड़ोसी देशों से रक्षा के क्षेत्र में मिल रही चुनौतियों पर भी विचार विमर्श किया। उन्होंने विश्व के गरीब देशों को टीका उपलब्ध कराने के प्रयासों के लिए एंटोनियो गुतारेस की सराहना की। उन्होंने आगे कहा कि विश्व भर में शांति बनाए रखने के लिए समुद्री सुरक्षा एवं तकनीक मौजूदा समय की आवश्यकता है।












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