'रशियन रैंबो' लेफ्टिनेंट एलेक्‍जेंडर, जिन्‍होंने खुद पर दिया एयरस्‍ट्राइक का ऑर्डर

मॉस्‍को। रूस के 25 वर्षीय लेफ्टिनेंट एलेक्‍जेंडर प्रोखोरेनको को दुनिया 'रशियन रैंबो' कह रही है। लेफ्टिनेंट एलेक्‍जेंडर रूस की स्‍पेशल फोर्सेज के वह ऑफिसर थे जिन्‍होंने आईएसआईएस के आतंकियों का सीरिया के पल्‍मायरा में बहादुरी से सामना किया। एलेक्‍जेंडर रूस के ऑरेनबर्ग क्षेत्र में स्थित गोरोडकी गांव के रहने वाले थे।

आईएसआईएस से आजाद पल्मायरा

आतंकियों ने उन्‍हें घेर लिया और आखिर में वह आतंकियों के हमले में शहीद हो गए। आपको बता दें कि पिछले दिनों सीरियन आर्मी ने रूस की सेना की मदद से पल्‍मायरा पर दोबारा कब्‍जा किया है। रूस के राष्‍ट्रपति ने सीरिया की सेना को इसकी बधाई भी दी है।

एलेक्‍जेंडर पल्‍मायरा में हुए ऑपरेशन के दौरान अपनी सेना को इंटेलीजेंस और आईएसअाईएस की लोकेशन के बारे में जानकारियां मुहैया करा रहे थे।

उन्‍होंने उस समय अपने सीनियर ऑफिसर्स को उस लोकेशन पर एयर स्‍ट्राइक का ऑर्डर दिया था जब आईएसआईएस ने उन्‍हें घेर लिया और उन्‍हें अहसास हो गया कि अगर वह बचने की उम्‍मीद करेंगे तो फिर मिशन खतरे में पड़ जाएगा।

एलेक्‍जेंडर की पत्‍नी गर्भवती हैं और उनके पहले बच्‍चे को जन्‍म देने वाली हैं। लेकिन उन्‍हें यह गम है कि अब कभी एलेक्‍जेंडर अपने बच्‍चे को नहीं देख पाएंगे।

दो माह पहले निकले थे मिशन पर

दो माह पहले निकले थे मिशन पर

एलेक्‍जेंडर दो माह पहले एक सीक्रेट मिशन पर सीरिया गए थे। उनके साथियों की मानें तो वह इस मिशन के लिए काफी खुश थे और रवाना होने से पहले वह पूरी रात अपनी यूनिफॉर्म को एकटक देखते रहे थे। उन्‍होंने अपने दोस्‍तों से कहा कि उनकी जिंदगी में हर वह बात सच हो रही है जिसका सपना उन्‍होंने कभी देखा था।

खुद पर दिया एयरस्‍ट्राइक का आदेश

खुद पर दिया एयरस्‍ट्राइक का आदेश

पल्‍मायरा में ऑपरेशन के दौरान वह आईएसआईएस के टारगेट्स का पता लगा रहे थे और तभी उन्‍हें अहसास हुआ कि वह आतंकियों से घिर चुके हैं। उन्‍होंने खुद पर एयरस्‍ट्राइक का ऑर्डर रशियन वॉरप्‍लेस को दिया ताकि आईएसआईएस के आतंकियों का सफाया हो सके।

हमेशा से सेना में जाने की थी ख्‍वाहिश

हमेशा से सेना में जाने की थी ख्‍वाहिश

एलेक्‍जेंडर हमेशा से सेना में जाने की ख्‍वाहिश रखते थे। उन्‍होंने स्‍कूल छोड़ने के बाद अपने सपने को पूरा करने के लिए रूस की मिलिट्री एकेडमी ऑफ एयर डिफेंस ऑफ द आर्म्‍ड फोर्सेज में एडमिशन लिया था। उनके दो भाई हैं और वह भी रूस की मिलिट्री में ऑफिसर रैंक पर हैं।

पत्‍नी को नहीं थी खबर

पत्‍नी को नहीं थी खबर

एलेक्‍जेंडर ने करीब ढाई वर्ष पहले एकेट्रिना के साथ शादी की और उन्‍होंने इसे अपनी जिंदगी का सबसे खूबसूरत पल बताया था। जब वह घर से निकल रहे थे तो उनकी पत्‍नी को नहीं मालूम था कि वह सीरिया जा रहे हैं क्‍योंकि जिस मिशन पर उन्‍हें भेजा गया था वह पूरी तरह से सीक्रेट था।

रूस में हीरो बन गए हैं एलेक्जेंडर

रूस में हीरो बन गए हैं एलेक्जेंडर

आईएसआईएस मीडिया ने पिछले हफ्ते इस बात की पुष्टि की थी कि रूस की स्‍पेशल फोर्सेज के पांच अधिकारी मारे गए हैं और इन ऑफिसर की फोटोग्राफ्स और उनकी डेड बॉडी की फोटो भी आईएसआईएस ने शेयर की थी।

सेनाओं ने किया बहादुरी को सलाम

सेनाओं ने किया बहादुरी को सलाम

एलेक्‍जेंडर की मौत के बारे में पहले रूस की सेना ने इंकार कर दिया था लेकिन जब आईएसआईएस की पुष्टि के बाद मिलिट्री की ओर से कहा गया कि स्‍पेशल फोर्सेज के एक ऑफिसर की पल्‍मायरा के पास एक स्‍पेशल ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई है। सेनाओं की ओर से एक ज्‍चाइंट स्‍टेटमेंट जारी कर एलेक्‍जेंडर की बहादुरी को सलाम किया गया है।

राष्‍ट्रपति पुतिन करेंगे सम्‍मानित

राष्‍ट्रपति पुतिन करेंगे सम्‍मानित

राष्‍ट्रपति ब्‍लादीमिर पुतिन अब खुद एलेक्‍जेंडर के घरवालों से मिलेंगे और वह एलेंक्‍जेंडर को मरणोपरांत हीरो ऑफ रशिया का पुरस्‍कार देंगे। यह रशिया का सर्वोच्‍च सम्‍मान है।

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