यूक्रेनी सेना की बमबारी की चपेट में आई रूसी महिला पत्रकार, कीव में तबाही की तस्वीरें कैद करते वक्त मौत
नई दिल्ली, 24 मार्च। रूस- यूक्रेन के बीच पिछले 4 सप्ताह से जारी संघर्ष में दोनों देशों को भारी क्षति हो रही है। इसकी कीमत आम नगरिकों के साथ पत्रकार और स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़े लोगों के भी चुकानी पड़ रही है। अब तो सेना पत्रकारों को भी निशाने पर ले रही है। यह दोनों देशों के बीच संघर्ष (Russia- Ukraine Conflict) की यह सबसे दर्दनाक तस्वीर है। यूक्रेन में लोगों के दर्द और तबाही की कवरेज करने गई एक महिला पत्रकार ओक्साना बौलिना (Oksana Baulina) की यूक्रेनी सेना की ओर से हुई बमबारी की चपेट में आने से मौत हो गई।

अफगानिस्ता में तालिबान के हमले में भारतीय पत्रकार दानिश की मौत के बाद अब यह दूसरा मौका जब किसी पत्रकार कवरेज करते वक्त मौत हुई है। रूसी पत्रकार ओक्साना बौलिना (Oksana Baulina) के नियोक्ता के अनुसार राजधानी कीव के पोडिल जिले में उस पर हमला हुआ। बुधवार को यह खबर सामने आई कि कीव के पोडिल जिले में ओक्साना बौलिना एक संपादकीय असाइनमेंट को पूरा करने के दौरान बमबारी की चपेट आ गईं। जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं रूस की एक जांच बेवसाइट की ओर से कहा गया कि इस गोलाबारी में महिला पत्रकार के अतिरिक्त एक अन्य नागरिक की भी मौत हो गई। पत्रकार के साथ में मौजूद दो अन्य लोग भी घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जिस वक्त बौलिना पर हमला हुआ वह यूक्रेन की राजधानी कीव थी। बौलिका यूक्रेन में रूस के हमले से हुए नुकसान की कवरेज कर रही थी। पत्रकार ओक्साना बौलीना की रुस में भ्रष्टाचार विरोधी पत्रकार के रूप में छवि थी। उन्होंने रूस सरकार के विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी के भ्रष्टाचार विरोधी फाउंडेशन के लिए काम किया था। बाद में इस संगठन को रूसी अधिकारियों ने चरमपंथी संगठन घोषित कर दिया था। इसके बाद बौलिना ने अपनी भ्रष्टाचार विरोधी रिपोर्टिंग जारी रखी। वे रूस में एक न्यूज प्लेटफार्ट द इनसाइडर के लिए रिपोर्टिंग कर रही थीं। एक महीने पहले बौलीना ने यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद पश्चिमी यूक्रेन में कीव और लवीव से कई रिपोर्ट शूट की थी।
युद्ध की आग में जल रहे यूक्रेन और रूस के संघर्ष (Russia- Ukraine Conflict) का परिणाम आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। यूक्रेन के सभी प्रमुख शहरे में तबाही मची है। वहीं युद्ध के 29वें दिन यूक्रेन ने एक रूसी शिप- ओर्स्क को तबाह कर दिया। यह शिप मारियुपोल में मौजूद रूसी सैनिकों को हथियार पहुंचा रही थी। वहीं, रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस के सैनिकों ने यूक्रेनी शहर इज्युम पर कब्जा करने का दावा किया जा रहा है।
वहीं रूस- यूक्रेन संघर्ष के 29वें दिन गुरुवार को नाटो समिट में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कुछ अहम ऐलान किए। यूएस प्रसीडेंट की यह घोषणा यूक्रेन को लेकर थी। जिसमें उन्होंने कहा कि वो यूक्रेन के 1 लाख लोगों को शरण देगें। इसके अतिरिक्त अमेरिका यूक्रेन को 1 अरब डॉलर आर्थित सहायता के तौर पर देगा। इससे पहले अमेरिका यूक्रेन को करीब 600 मिलियन डॉलर की आर्थित सहायत कर चुका है। समिट में रूस के खिलाफ और सख्त पाबंदी लगाने पर चर्चा की गई।












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