क्या महायुद्ध की आहट है रूस-यूक्रेन की जंग? जानिए कौन सा देश-किसके साथ?

नई दिल्ली, 24 फरवरी। रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के आदेश के बाद रूसी सैनिक यूक्रेन में घुस गए हैं। गुरुवार सुबह रूसी राष्ट्रपति का टीवी पर बयान प्रसारित हुआ था जिसमें पुतिन ने दोनेत्स्क और लुहांस्क क्षेत्र में मौजूद यूक्रेन के सैनिकों से हथियार डालने और वापस चले जाने को कहा था। पूर्वी यूक्रेन के इन दोनों क्षेत्रों को पुतिन ने एक दिन पहले ही स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता दी थी और दुनिया भर के देशों से ऐसा करने की अपील की थी। यह दोनों इलाके रूस समर्थित विद्रोहियों का गढ़ है और 2014 से ही यहां पर विद्रोहियों का कब्जा है।

यूक्रेन ने मांगी दुनिया से मदद

यूक्रेन ने मांगी दुनिया से मदद

रूसी हमले के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी वीडियो बयान जारी कर बताया कि रूस ने उनके देश पर हमला कर दिया है और पूरे देश में मार्शल लॉ लागू कर दिया गया है। वहीं यूक्रेन के रक्षामंत्री ने पश्चिमी देशों से मदद से तुरंत सहायता की अपील की है। यूक्रेनी रक्षामंत्री ने कहा कि यह समय देखने का नहीं कार्रवाई का है। उन्होंने कहा कि पूरा यूरोप जंग के मुहाने पर खड़ा है।

रूस-यूक्रेन जंग में अब दुनिया भी अलग-अलग खेमों में बंटती नजर आ रही है। पश्चिमी देशों ने खुलकर रूस की कार्रवाई का विरोध किया है। अमेरिका के खेमे वाले पश्चिमी देशों ने रूस पर कई सारे प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं चीन ने दुनिया से दोनों पक्षों को लेकर संयम बरतने की अपील की है और कुछ ऐसा न करने को कहा है जिससे स्थिति बिगड़े। आइए एक नजर डालते हैं कि इस पूरे मामले में कौन देश किस तरफ खड़ा नजर आ रहा है।

दो खेमे में बंटती दुनिया

दो खेमे में बंटती दुनिया

रूस और यूक्रेन की जंग में कौन किस खेमे में खड़ा है इसे समझने के लिए पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक की कार्रवाई पर नजर डालते हैं जिसे कई देशों के आग्रह पर बुलाया गया था। बैठक में अमेरिका ने रूसी कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए चेतावनी दी कि इसके नतीजे यूक्रेन और यूरोप समेत पूरी दुनिया को भुगतने पड़ सकते हैं।

वहीं चीन का रुख रूस के समर्थन में रहा है। चीन ने कहा कि सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए और कोई ऐसी कार्रवाई नहीं करनी चाहिए जिससे संकट उग्र रूप ले ले।

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    कौन यूक्रेन के समर्थन में?

    कौन यूक्रेन के समर्थन में?

    रूसी के यूक्रेन पर हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बाइडेन ने कहा है कि वह अपने सहयोगियों के साथ निर्णायक जवाब देंगे। उन्होंने रूस की कार्रवाई को पूर्वनियोजित हमला बताते हुए कहा है कि दुनिया रूस की जवाबदेही तय करेगी।

    वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने संकट के दौरान यूक्रेनी राष्ट्रपति से फोन पर बात कर अपना समर्थन दिया है। जॉनसन ने बताया कि रूस के हमले को लेकर क्या जवाब दिया जाए इसे लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति के साथ चर्चा हुई है।

    रूस के यूक्रेन के दो क्षेत्रों को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने का तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप अर्दोआन ने अस्वीकार्य कहा है। उन्होंने कहा कि सभी को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना चाहिए।

    पश्चिमी देशों ने लगाए कड़े प्रतिबंध

    पश्चिमी देशों ने लगाए कड़े प्रतिबंध

    अमेरिका समेत पश्चिमी देशों ने रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिका और ब्रिटेन में रूस के कई वित्तीय संस्थानों पर प्रतिबंध लगाए हैं। इनमें रूसी बैंक भी शामिल हैं।

    अब तक रूस-यूक्रेन मामले पर संभलकर बोलने वाला जर्मनी भी मुखर हो गया है। जर्मनी ने रूस के लिए बहुत महत्वपूर्ण समझी जाने वाली नॉर्ड स्ट्रीम-2 गैस पाइपलाइन प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। जर्मनी के चांसलर ने इस कार्रवाई को यूक्रेन में रूसी कदम का जवाब बताया है।

    यूरोपीय संघ भी यूक्रेन के समर्थन में
    यूरोपीय संघ ने यूक्रेन के पक्ष में अपना समर्थन देते हुए रूसी कार्रवाई का विरोध किया है। यूरोपीय संघ ने रूसी बैंकों और संघ के वित्तीय बाजार तक रूस की पहुंच को प्रतिबंधित कर दिया है। फ्रांस ने भी रूस पर प्रतिबंध लगाने की बात कही है। जापान और ऑस्ट्रेलिया भी यूक्रेन के समर्थन में खड़े हैं।

    रूस के समर्थन में हैं ये देश

    रूस के समर्थन में हैं ये देश

    रूस के समर्थन में सबसे प्रमुख देश चीन है। उसने संयुक्त राष्ट्र की आपातकालीन बैठक में भी रूस का पक्ष लिया है। चीन ने कहा है कि वह रूस-यूक्रेन समाधान के राजनयिक समाधान का समर्थन करता है। साथ ही सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है और कहा है कि किसी को ऐसा कोई भी कदम उठाने से बचना चाहिए जिससे स्थिति और बिगड़े।

    चीन के साथ ही रूस के एक पुराने सहयोगी सीरिया ने भी रूस को समर्थन दिया है। वहीं बेलारूस का समर्थन पहले ही रूस के साथ बना हुआ है। यूक्रेन से सटी बेलारूस की सीमा पर रूस और बेलारूस के सैनिक सैन्याभ्यास कर रहे हैं।

    फिलहाल पाकिस्तान ने खुलकर कोई बयान नहीं दिया है लेकिन वह भी रूस के पक्ष में नजर आ रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान रूस के दौरे पर पहुंचे हैं।

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