पुतिन की परमाणु हमले की धमकी, जानिए रूस और दुनिया के पास कितने परमाणु हथियार

मॉस्को, 28 फरवरी। यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के बाद से रूस पर लगाता अमेरिका सहित यूरोपियन यूनियन के देशों का दबाव बढ़ता जा रहा है। एक के बाद एक लगातार कई आर्थिक प्रतिबंध लगाने के बाद अब यूरोपीय देश यूक्रेन को हथियार, मिसाइल, टैंक आदि सप्लाई करने जा रहे हैं। पश्चिमी देशों के लगातार बढ़ते दबाव के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी सेना को परमाणु हथियारों को अलर्ट पर रखने को कहा है। पुतिन के इस बयान के बाद से पश्चिमी देशों और रूस के बीच हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं।

भड़काऊ बयान

भड़काऊ बयान

रिपोर्ट के अनुसार पुतिन ने अपने बयान में कहा है कि नाटो देशों के शीर्ष अधिकारी लगातार उकसाने वाली कार्रवाई कर रहे हैं और हमारे देश के खिलाफ बयान दे रहे हैं, लिहाजा मैंने रक्षा मंत्री को निर्देश दिया है कि वह रूसी सेना के चीफ को परमाणु हथियारों को अलर्ट पर रखने को कहें। पुतिन के इस बयान के बाद से इसको लेकर काफी चर्चा हो रही है। हालांकि उनके इस बयान को एक वर्ग धमकी के तौर पर देख रहा है,लेकिन लोग इसे पश्चिमी देशों के प्रति भड़कऊ बयान जरूर मान रहे हैं।

झुंझलाहट भरा बयान !

झुंझलाहट भरा बयान !

एक्सपर्ट का मानना है कि रूस के राष्ट्रपति का यह बयान उनकी झुंझलाहट का नतीजा भी हो सकता है। दरअसल चार दिन से रूस की सेना यूक्रेन से युद्ध लड़ रही है और अभी तक वह यूक्रेन के अहम शहर खारकीव और राजधानी कीव पर अपना नियंत्रण हासिल नहीं कर सकी है। उसे यूक्रेन की सेना की ओर से जबरदस्त प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। माना जा रहा है कि इसी की झुंझलाहट में पुतिन ने यह बयान दिया है। रसिया के परमाणु हथियारों के एक्सपर्ट पावे पोडविग के अनुसार पुतिन की धमकी को गंभीरता से लेने की जरूरत है। इसके परिणाम ऐसे हो सकते हैं जिसे लोगों ने इतिहास में कभी भी नहीं देखा होगा।

अमेरिका की प्रतिक्रिया

अमेरिका की प्रतिक्रिया

वहीं पुतिन के इस बयान पर अमेरिका के राष्ट्रपति ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह कतई स्वीकार नहीं किए जाने वाला उकसाऊ बयान है। एक इंटरव्यू में अमेरिकी राजदूत ने कहा कि इसका मतलब यह है कि राष्ट्रपति पुतिन अभी भी इस युद्ध को आगे बढ़ाना चाहते हैं, जिसे कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता है, लिहाजा हमे उनके बायन और एक्शन की सख्त आलोचना करना जारी रखना चाहिए।

 क्या कहना है यूक्रेन का

क्या कहना है यूक्रेन का

पुतिन के बयान पर यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कहा कि परमाणु हमले के दुनियाभर में गंभीर परिणाम होंगे। जिस तरह से दोनों देशों के प्रतिनिधि मंडल के बीच वार्ता से ठीक पहले पुतिन ने यह बयान दिया है, वह कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता है। हम इस ऐलान को वार्ता से पहले चुनौती के तौर पर देख रहे हैं। यह हमारे ऊपर अधिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। लेकिन हम इस दबाव में झुकेंगे नहीं। हम बहुत सामान्य तौर पर वार्ता में हिस्सा लेंगे। हम रूस की बात को सुनेंगे और इसपर विचार के बाद ही जवाब देंगे।

किसके पास कितने परमाणु हथियार

किसके पास कितने परमाणु हथियार

यूके के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी पुतिन को चेताया था कि यूक्रेन के खिलाफ परमाणु संपन्न देश का हमला एक रणनीतिक गलती है। लेकिन क्या सच में रूसी हथियार यूके की दहलीज तक पहुंच सकते हैं। क्या यूक्रेन इन हथियारों से खुद को बचा सकता है। क्या उसके पास ऐसे हथियार हैं। ऐसे में आईए डालते हैं रूसी हथियारों के जखीरे पर एक नजर। आखिर उनके पास कितने परमाणु हथियार हैं और वह कितनी तबाही मचा सकते हैं। रूस की तुलना में अन्य देसों के पास कितने परमाणु हथियार हैं।

रूस 6257
अमेरिका- 5500
चीन- 350
यूके 225
फ्रांस 290
पाकिस्तान 165
भारत 156
इजराइल- 90
नॉर्थ कोरिया 40-50

7000 से अधिक परमाणु हथियार अलर्ट पर

7000 से अधिक परमाणु हथियार अलर्ट पर

ऐसे में रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच 7000 से अधिक परमाणु हथियार अलर्ट पर हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या रूस यूक्रेन पर परमाणु हमला कर सकता है। जुलाई 2014 में जब रूस ने क्रीमिया पर हमला किया था तो रूसी विदेश मंत्री ने कहा था कि उनके देश को पूरा अधिकार है कि वह परमाणु हथियार के जरिए खुद की रक्षा कर सके। युद्ध के एक साल बाद पुतिन ने कहा था कि उनकी सेना परमाणु हथियार के इस्तेमाल के लिए तैयार थी, परमाणु हथियार अलर्ट पर थे

पांच देशों के पास कहीं भी हमला करने की क्षमता

पांच देशों के पास कहीं भी हमला करने की क्षमता

दुनियाभर में सिर्फ पांच ऐसे देश हैं जो किसी भी देश पर परमाणु हमला करने की क्षमता रखते हैं। वह विश्व मैप पर किसी भी देश को परमाणु हथियार से निशाना बना सकते हैं। इन पांच देशों की बात करें तो इन सभी देशों ने परमाणु हथियारों को इस्तेमाल नहीं करने का समझौता एनपीटी के तहत किया है। इस समझौते के तहत सिर्फ पांच देश चीन, फ्रांस, यूके, अमेरिका और रूस को परमाणु हथियार रखने का अधिकार है। ये सभी देश इस बात को लेकर राजी हुए थे कि किसी भी देश को परमाणु हथियार तैयार करने में मदद नहीं करेंगे। साथ ही इन देशों ने समझौता किया था कि वह और परमाणु हथियार खुद के लिए किसी के लिए भी तैयार करेंगे।

इन देशों के पास भी परमाणु हथियार

इन देशों के पास भी परमाणु हथियार

लेकिन भारत, पाकिस्तान, नॉर्थ कोरिया ने खुद को परमाणु संपन्न देश घोषित किया। वहीं इजराइल, सऊदी अरब, ईरान, दक्षिण कोरिया, ताइवान भी परमाणु संपन्न देश हैं। हाल ही में नॉर्थ कोरिया ने जो टेस्ट किए हैं उससे लगता है कि नॉर्थ कोरिया भी दक्षिण अमेरिका को छोड़कर दुनिया के किसी भी देश को निशाना बनाने की क्षमता रखता है। जबकि इजराइल एकमात्र देश है जो यूरोप के परमाणु चुनौती बन सकता है।

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