पीएम मोदी ने यूक्रेन से कहा, बातचीत से निकलेगा हल, जेलेंस्की बोले,'हम पुतिन से बात नहीं करेंगे'
भारत हमेशा से शांति का पक्षधर रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध (russia, ukraine conflict) को लेकर पीएम मोदी ने कई बार अंतरराष्ट्रीय पटल पर जारी संघर्ष को वार्ता और कूटनीति के माध्यस से सुलझाने का आह्वान कर चुके हैं।
नई दिल्ली/कीव, 5 अक्टूबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से फोन (pm modi telephonic call with zelensky) पर बात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने काफी देर तक यूक्रेन में रूस के साथ जारी संघर्ष (russia ukraine conflict) को लेकर बातचीत की। पीएम मोदी ने हमेशा की तरह फिर से यूक्रेन के राष्ट्रपति से वार्ता और कूटनीति के जरिए जंग का रास्ता निकलने की बात कही। हालांकि जेलेंस्की ने साफ कर दिया कि कीव रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत नहीं करेगा।

पीएम ने कहा शांति से सबकुछ होगा, जेलेंस्की बोले हम पुतिन से बात नहीं करेंगे
भारत हमेशा से शांति का पक्षधर रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर पीएम मोदी ने कई बार अंतरराष्ट्रीय पटल पर जारी संघर्ष को वार्ता और कूटनीति के माध्यस से सुलझाने का आह्वान कर चुके हैं। हालांकि, युद्ध अभी भी जारी है। इस बीच भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर से यूक्रेन के राष्ट्रपति से फोन पर बात कर शांति से मसले सुलझाने की सलाह दी। वहीं, जेलेंस्की ने पीएम मोदी के बातों का जवाब देते हुए कहा कि उनका देश यूक्रेन अब रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ कोई बातचीत नहीं करेगा।

पीएम मोदी ने जेलेंस्की से कहा, परमाणु हमले के खतरे हैं..
पीएम मोदी ने जेलेंस्की से कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के कई खतरें हैं। यह पर्यावरण के लिए विनाशकारी परिणाम लेकर आ सकते हैं। पीएम मोदी ने दो टूक शब्दों में कहा कि संघर्ष का कोई सैन्य समाधान नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि भारत किसी भी शांति प्रयास में योगदान करने के लिए हमेशा तत्पर रहेगा। पीएमओ ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है। मोदी ने इस दौरान संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानूनों और सभी देशों की क्षेत्रीय एकता व सार्वभौमिकता का सम्मान करने के महत्व को एक बार फिर दोहराया।

अब पुतिन से कोई बातचीत नहीं होगी, जेलेंस्की
बता दें कि, जेलेंस्की ने यूक्रेन के चार क्षेत्रों ( लुहान्सक, डोनेट्सक, जापोरिज्जिया और खेरसॉन) में कराए गए जनमत संग्रह का जिक्र किया था। उन्होंने इसे रूस का अवैध कब्जा बताया। उन्होंने कहा कि,इन परिस्थितियों में यूक्रेन रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ कोई बातचीत नहीं करेगा। जेलेंस्की के एक रीडआउट नोट में कहा गया कि, यूक्रेन हमेशा बातचीत के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।

जेलेंस्की का रूस पर आरोप
जेलेंस्की ने कहा कि रूस यूक्रेन के शांति प्रयासों के साथ कभी खड़ा नहीं हुआ और जानबुझकर उसने इस प्रक्रिया को कमजोर करने का प्रयास किया और हमें युद्ध मे ढकेल दिया। संयुक्त राष्ट्र महासभा में जेलेंस्की ने कहा था कि उन्होंने शांति के लिए स्पष्ट सूत्र को रेखांकित किया।

महीनों से जंग जारी है
बता दें कि, रूस और यूक्रेन युद्ध 24 फरवरी से जारी है। हालांकि अब तक इसका कोई नतीजा तो नहीं निकला है लेकिन युद्ध के दौरान पुतिन के परमाणु हमलों की धमकी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के माथे पर चिंता की गहरी लकीर खींच दी है। पुतिन यूक्रेन पर कब्जा करने और जेलेंस्की को सबक सिखाने के लिए नए सिरे से युद्ध की रणनीति बनाई है। वहीं उन्होंने यूक्रेन को सहायात करने वाले देशों को भी परमाणु हमले की धमकी दे दी है।

आज का युग युद्ध का नहीं है, पीएम मोदी ने कहा
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के वार्षिक शिखर सम्मेलन के इतर एक द्विपक्षीय बैठक में यूक्रेन में अस्थिरता को जल्द से जल्द समाप्त करने का रूसी राष्ट्रपति पुतिन के समक्ष आह्वान किया था। पीएम मोदी ने पुतिन से कहा था कि आज का युग युद्ध का नहीं है। मोदी ने यूक्रेन में अस्थिरता को जल्द से जल्द समाप्त करने का आह्वान करते हुए लोकतंत्र, संवाद और कूटनीति के महत्व को रेखांकित किया था। इस दौरान पुतिन ने मोदी से कहा, "मैं यूक्रेन में संघर्ष पर आपका रुख जानता हूं, मैं आपकी चिंताओं से अवगत हूं, जिनके बारे में आप बार-बार बताते रहते हैं। हम इसे जल्द से जल्द रोकने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। हम आपको उस बारे में सूचित करते रहेंगे।












Click it and Unblock the Notifications