पुतिन का प्लान, जेलेंस्की का प्रतिरोध... एक साल में कितना नुकसान, यूक्रेन में कहां पहुंचा युद्ध?

युद्ध के एक साल में यूक्रेन ने ज्यादातर उन हिस्सों को रूस से फिर से छीनने की कोशिश की, जिसे वो जंग के शुरूआती दिनों में हार गया था, लिहाजा दोनों पक्षों के लिए ये युद्ध काफी तनावपूर्ण रहा है।

One Year of Ukraine War

One Year of Ukraine War: यूक्रेन में रूस का युद्ध आज अपने दूसरे वर्ष में आ चुका है और पिछले एक साल से चल रहे युद्ध को लेकर दुनिया उस समझौते तक नहीं पहुंच पाया है, जहां ये युद्ध खत्म हो सके। इस युद्ध ने हजारों लोगों को मार डाला है और दर्जनों शहरों, कस्बों और गांवों को बर्बाद कर डाला है। लाखों लोग युद्ध की वजह से पलायन करने पर मजबूर हुए हैं और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर कब्जा करने की जिस उम्मीद के साथ युद्ध की शुरूआत की थी, वो नाकाम होता दिख रहा है। यूक्रेन के प्रतिरोध ने रूस को युद्ध के शुरूआती दिनों में ही चौंका दिया था और आज एक साल के युद्ध के बाद आईये जानते हैं, कि पिछले एक साल में यूक्रेन युद्ध में क्या हुआ है और आगे क्या हो सकता है?

पुतिन का वार, जेलेंस्की का पलटवार

पुतिन का वार, जेलेंस्की का पलटवार

युद्ध के एक साल में यूक्रेन ने ज्यादातर उन हिस्सों को रूस से फिर से छीनने की कोशिश की, जिसे वो जंग के शुरूआती दिनों में हार गया था, लिहाजा दोनों पक्षों के लिए ये युद्ध काफी तनावपूर्ण रहा। युद्ध के एक साल बाद रूस लगभग यूक्रेन के एक पांचवें हिस्से पर अपना कंट्रोल करता है, लिहाजा ये संघर्ष फिलहाल खत्म होने की दिशा में नहीं है। वहीं, यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोदिमीर जेलेंस्की, किसी भी तरह की शांत वार्ता को लेकर सख्त रूख बनाए हुए हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति अभी भी पश्चिमी हथियारों को जुटाने के लिए हाथ पैर मार रहे हैं, जबकि रूस का आरोप है, कि पश्चिमी देशों की वजह से ही यूक्रेन युद्ध की आग अभी तक जल रही है। रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने कहा कि "यूक्रेन युद्ध के जरिए दुश्मन देश रूस को फिर से विघटित करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोशिश का नाकाम होना नियती है।"

युद्ध रोकने में यूएन नाकाम

युद्ध रोकने में यूएन नाकाम

युद्ध की पहली वर्षगांठ के मौके पर एक बार फिर से संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक प्रस्ताव लाया गया, जिसमें मांग की गई थी, कि मास्को को अपने सैनिकों को यूक्रेन से वापस लेना चाहिए और लड़ाई बंद करनी चाहिए। इस प्रस्ताव के पक्ष में 141 मत पड़े और 32 देशों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया, जबकि बेलारूस, उत्तर कोरिया, इरीट्रिया, माली, निकारागुआ और सीरिया ने रूस के पक्ष में वोट डाला। रूस के उप संयुक्त राष्ट्र के राजदूत दिमित्री पोलांस्की ने इस प्रस्ताव को "बेकार" कहकर खारिज कर दिया, जिसे ज़ेलेंस्की ने "यूक्रेन के लिए वैश्विक समर्थन का एक शक्तिशाली संकेत" बताया था।

यूक्रेन में अमेरिका बनाम रूस

यूक्रेन में अमेरिका बनाम रूस

वहीं, व्हाइट हाउस ने कहा है, कि यूक्रेन के समर्थन के संकेत में, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन वर्षगांठ को चिह्नित करने के लिए जी 7 नेताओं के साथ साथ यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से फिर मिलेंगे और युद्ध थोपने के लिए अमेरिका रूस के खिलाफ नये प्रतिबंधों का ऐलान करेगा। लेकिन व्लादिमीर पुतिन की प्लानिक कुछ और है। रूसी राष्ट्रपति, युद्ध को और आगे बढ़ाने की योजना पर काम कर रहे हैं और रूसी राष्ट्रपति ने इस साल अपनी नई सरमत मल्टी-वारहेड इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों की तैनाती की घोषणा कर दी है। वहीं, इसी हफ्ते रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने परमाणु हथियारों के नियंत्रण पर नई START (रणनीतिक शस्त्र न्यूनीकरण संधि) में अमेरिका के साथ रूस की भागीदारी को भी सस्पेंड कर दिया है, क्योंकि अमेरिका ने यूक्रेन में नये एयर डिफेंस सिस्टम और नई मिसाइलें भेजने की घोषणा की है।

युद्ध में कितने सैनिक मारे गये?

युद्ध में कितने सैनिक मारे गये?

यूक्रेन युद्ध विध्वंस का गवाह बन गया है और पश्चिमी देशों का मानना है, कि अभी तक इस जंग में रूस के एक लाख 80 हजार सैनिक मारे गये हैं, जबकि यूक्रेन के करीब एक लाख सैनिक मारे गये हैं। हालांकि, यूक्रेन ने 23 फरवरी को दावा किया था, कि अभी तक इस युद्ध में रूस के एक लाख 45 हजार 850 सैनिक मारे गये हैं, लेकिन पिछले एक साल से चल रहे युद्ध में यूक्रेन ने कभी भी आधिकारिक तौर पर अपने सैनिकों की मौत की जानकारी नहीं दी है। वहीं, रूस ने आखिरी बार पिछले साल सितंबर में अपने सैनिकों की मौत का आंकड़ा सार्वजनिक किया था, जिसमें उसने कहा था, कि यूक्रेन में उसके 6 हजार सैनिक मारे गये हैं। वहीं, रूस की न्यूज वेबसाइट मॉस्को टाइम्स ने दावा किया है, कि 17 फरवरी 2023 तक रूस के 14 हजार 709 सैनिकों की मौत हुई है।

Recommended Video

    Ukraine-Russia War: UN में जंग के खिलाफ प्रस्ताव पास, वोटिंग से दूर रहा India | वनइंडिया हिंदी
    युद्ध में कितने आम नागरिक मारे गये हैं?

    युद्ध में कितने आम नागरिक मारे गये हैं?

    यूक्रेन युद्ध में सबसे बड़ी तबाही आम नागरिकों ने ही झेली है और संयुक्त राष्ट्र के 21 फरवरी 2023 तक के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक साल से चल रही लड़ाई में यूक्रेन में 8006 आम नागरिक मारे गये हैं, जबकि 13 हजार आम लोग युद्ध में घायल हुए हैं। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों में कहा गया है, कि यूक्रेन में चल रहे युद्ध में अभी तक 487 बच्चों की मौत हुई है और 954 बच्चे गंभीर घायल हुए हैं। वहीं, इस युद्ध में मरने वाले लोगों में 60 प्रतिशत लोग पुरूष, जबकि 40 प्रतिशत महिलाएं हैं। वहीं, यूक्रेन युद्ध में विस्थापितों की संख्या 80 लाख तक पहुंच गई है, जो अलग अलग यूरोपीय देशों में शरणार्थी बनने पर मजबूर हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध की वजह से 28 लाख आम नागरिक यूक्रेन छोड़कर रूस चले गये हैं, जबकि 15 लाख से ज्यादा लोग पड़ोसी देश पोलैंड में और 11 लाख जर्मनी में शरणार्थी बनकर गये हैं।

    दुनिया की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर

    दुनिया की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर

    यूक्रेन युद्ध ने दुनिया की इकोनॉमी को गंभीर तौर पर प्रभावित किया है और आईएमएफ ने पिछले साल अनुमान लगाया था, कि यूक्रेन युद्ध की वजह से दुनिया की अर्थव्यवस्था की विकास की रफ्तार 3.2 प्रतिशत तक जा सकती है। हालांकि, अब आईएमएफ ने इकोनॉमिक ग्रोथ को घटाकर 2.9 प्रतिशत कर दिया है। हालांकि, आईएमएफ का अनुमान है, कि 2024 में दुनिया की अर्थव्यवस्था की रफ्तार फिर से तेज होगी और ये 3.4 फीसदी तक पहुंच सकती है। यूक्रेन युद्ध का अफ्रीकी देशों पर काफी गंभीर असर पड़ा है, जहां यूक्रेन से खाद्य सामग्रियों की सप्लाई की जाती थी।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+