रूस ने मिसाइल हथियार से मार गिराया सैटेलाइट, खतरे में पड़ गई स्पेस स्टेशन पर मौजूद क्रू की जिंदगी
रूस ने अंतरिक्ष में हथियार का परीक्षण कर सैटेलाइट को मार गिराया है, जिसकी वजह से स्पेस स्टेशन में मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों की जिंदगी खतरे में आ गई थी।
वॉशिंगटन, नवंबर 16: दो महीने पहले इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में टक्कर मारने वाले रूस ने इस बार अंतरिक्ष में एक ऐसे मिसाइल हथियार का परीक्षण किया है, जिससे स्पेस स्टेशन में मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई थी और उन्हें अपनी जान बचाने के लिए भागनी पड़ी। रिपोर्ट मिली है कि रूस ने अंतरिक्ष में अपने एक हथियार से सैटेलाइट को मार गिराया है, जिसकी वजह से अंतरिक्ष में स्थिति काफी खतरनाक बन गई थी।

अंतरिक्ष में हथियार परीक्षण
विश्व के ज्यादातर देशों के बीच अंतरिक्ष में हथियार परीक्षण करने की होड़ लगी हुई है। इसी साल जुलाई और अगस्त के महीने में चीन ने अंतरिक्ष में हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया था और अब रूस ने अंतरिक्ष में मिसाइल से सैटेलाइट को मार गिराया है। अमेरिकी और ब्रिटिश अधिकारियों के अनुसार, एक रूसी हथियार ने परीक्षण के दौरान सोमवार को कक्षा से बाहर एक उपग्रह को नष्ट कर दिया और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर सात चालक दल के सदस्यों को खतरे में डाल दिया। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, जमीन से लॉन्च की गई, एंटी-सैटेलाइट मिसाइल ने रूस के अपने उपग्रहों में से एक को नष्ट कर दिया, जिससे 1,500 से अधिक मलबे और सैकड़ों हजारों छोटे टुकड़े अंतरिक्ष में बिखर गये हैं।

अंतरिक्ष में मलबे का ढेर
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने एक बयान में कहा कि, "हम सभी जिम्मेदार अंतरिक्ष यात्री देशों से अपील करहे हैं कि अंतरिक्ष मं खतरनाक और गैर-जिम्मेदार विनाशकारी परीक्षणों से बचने के प्रयास करें और इसमें हम विश्व में उन सभी देशों से आह्वान करते हैं, जो अंतरिक्ष कार्यक्रम चला रहे हैं।'' आपको बता दें कि, इस वक्त इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर 7 अंतरिक्ष यात्री मौजूद हैं। स्पेस स्टेशन इस वक्त दो स्पेसक्राफ्ट से जुड़ा हुआ है, जो पृथ्वी से अंतरिक्षयात्रियों को अंतरिक्ष स्टेशन में ले जाने और वापस लाने का काम करते हैं। इन दोनों स्पेसक्राफ्ट में से एक अमेरिकी स्पेसक्राफ्ट क्रू ड्रैगन है और एक रूसी स्पेसक्राफ्ट सोयुज है। नासा के अनुसार, अंतरिक्ष स्टेशन में मलबा फैल जाने के बाद अंतरिक्ष स्टेशन में मौजूद यात्रियों को सावधान किया गया है।

ट्रांसपोर्ट स्पेसक्राफ्ट में छिपे अंतरिक्ष यात्री
नासा की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने मिसाइल के जरिए अपने पुराने सैटेलाइट कॉसमॉस-1408 को उड़ा दिया और इस विस्फोट में भारी पैमाने पर मलबा अंतरिक्ष में चक्कर काटने लगा। जिसकी वजह से अंतरिक्ष में चक्कर काट रहे अंतरिक्ष स्टेशन के यात्रियों की जान सांसत में पड़ गई। रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरिक्षयात्रियों को अपनी जान बचाने के लिए ट्रांसपोर्ट स्पेसक्राफ्ट में शरण लेनी पड़ी। वहीं, अमेरिका ने रूस के इस कदम पर सख्त ऐतराज जताया है। हालांकि, अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि, रूस ने इस हथियार का परीक्षण कब किया है, वहीं रूस की तरफ से अभी तक कोई सफाई या स्पष्टीकरण भी नहीं दिया गया है।

स्पेस स्टेशन के बगल से गुजरा मलबा
रिपोर्ट के मुताबिक रूस की स्पेस एजेंसी रोसकोसमोस ने इस बात को माना है कि, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के बेहद पास से विस्फोट के बाद मलबा गुजरा और अगर ये मलबा स्पेस स्टेशन से टकरा जाता, तो स्पेश स्टेशन में तबाही मच सकती थी। वहीं, नासा के एस्ट्रोनॉट मार्क वंदे ने नासा के मिशन कंट्रोल से बात करते हुए इसे 'पागलपन' भरा कदम बताया है। वहीं, अमेरिकी स्पेस कमांड ने अंतरिक्ष के बाहरी कक्षा में मलबा होने की पुष्टि तो की है, लेकिन अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है, कि ये मलबा रूसी हथियार के परीक्षण के बाद पैदा हुए हैं। हालांकि, तमाम विश्लेषकों ने कहा है कि, रूस ने अंतरिक्ष में हथियार का परीक्षण किया है।












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