अमेरिका की राह पर कनाडा! 'अप्रवासियों को वापस भेज देंगी', PM पद की रेस में शामिल Ruby Dhalla का बड़ा ऐलान
Ruby Dhalla Promise Deport Canada Illegal Immigrants News: अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अवैध अप्रवासियों का मुद्दा सुर्खिंयों में छाया हुआ है। ट्रंप प्रशासन कोलंबिया और ब्राजील जैसे देशों से संबंधित अवैध अप्रवासियों को अमेरिका से वापस भेजा जा चुका है। अब पेंच भारत के साथ उलझ गया है। उधर, दूसरी तरफ कनाडा में भी अवैध अप्रवासियों का मुद्दा सिर उठाने लगा है।
कनाडा में प्रधानमंत्री पद की रेस में शामिल भारतीय मूल की पूर्व सांसद रूबी ढल्ला ने बड़ा ऐलान किया है। ढल्ला ने अपने अभियान के दौरान वादा किया है कि अगर वह प्रधानमंत्री बनती हैं, तो वह अवैध अप्रवासियों को देश से डिपोर्ट करेंगी और मानव तस्करी पर सख्त कदम उठाएंगी। आइए विस्तार से जानते हैं...

Who is Ruby Dhalla: कौन हैं रूबी ढल्ला?
रूबी ढल्ला 2004 से 2011 तक ब्रैम्पटन-स्प्रिंगडेल से सांसद रही हैं। वह कनाडा की संसद में सेवा देने वाली पहली सिख महिलाओं में से एक हैं। पंजाब, भारत से अप्रवासी परिवार में जन्मी ढल्ला ने विन्निपेग में अपना बचपन बिताया। वह काइरोप्रैक्टर, अभिनेत्री, व्यवसायी, और राजनीतिज्ञ के रूप में कई भूमिकाओं में काम कर चुकी हैं।
ढल्ला अब लिबरल पार्टी का नेतृत्व करने और कनाडा की पहली भारतीय मूल की अश्वेत महिला प्रधानमंत्री बनने की कोशिश कर रही हैं। अगर वह इस दौड़ में जीतती हैं, तो वह जस्टिन ट्रूडो की जगह ले सकती हैं और अक्टूबर 2025 के चुनावों में लिबरल पार्टी का नेतृत्व करेंगी।
ढल्ला का बड़ा ऐलान
रूबी ढल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए अपनी नीतियां स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में, मैं अवैध अप्रवासियों को निर्वासित करूंगी और मानव तस्करी पर शिकंजा कसूंगी। यह मेरा आपसे वादा है।यह बयान कनाडा में अवैध अप्रवासन और मानव तस्करी के मुद्दों को लेकर उनकी दृढ़ता को दिखाता है।
ढल्ला का अभियान और चुनौतियां
ढल्ला ने अपने अभियान में लिबरल पार्टी को "सदस्यों के हाथों में वापस लाने" का वादा किया है। उन्होंने कहा कि उनकी उम्मीदवारी कनाडा की राजनीति में नए लोगों को जोड़ेगी और एक नई दिशा देगी।
हालांकि, उनका रास्ता आसान नहीं है। उन्हें लिबरल पार्टी के अंदर ही मार्क कार्नी (बैंक ऑफ कनाडा और बैंक ऑफ इंग्लैंड के पूर्व गवर्नर) और क्रिस्टिया फ्रीलैंड (पूर्व वित्त मंत्री और उप-प्रधानमंत्री) जैसे मजबूत उम्मीदवारों से कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ रहा है।
कनाडा में अप्रवासियों का मुद्दा
कनाडा एक ऐसा देश है, जो अपनी खुली आप्रवासन नीतियों के लिए जाना जाता है। लेकिन हाल के वर्षों में अवैध अप्रवासियों की बढ़ती संख्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
रूबी ढल्ला का सख्त रुख कनाडा की परंपरागत उदारवादी नीतियों से थोड़ा अलग है। उनका मानना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और अवैध अप्रवासन पर नियंत्रण जरूरी है।
इतिहास रचने की ओर रूबी ढल्ला
ढल्ला कनाडा की राजनीति में इतिहास रचने की ओर बढ़ रही हैं। वह पहले भी तीन बार सांसद के रूप में निर्वाचित होकर भारतीय मूल की पहली महिला सांसद बनने का रिकॉर्ड बना चुकी हैं। अब उनका लक्ष्य कनाडा की पहली अश्वेत महिला प्रधानमंत्री बनना है। उन्होंने एक पोस्ट में कहा कि हम इतिहास रचने की कगार पर हैं। मैं कनाडाई लोगों के लिए खड़े होने और उनके लिए लड़ने को तैयार हूं।
क्या ढल्ला कनाडा की पहली अश्वेत महिला प्रधानमंत्री बनेंगी?
कनाडा के राजनीतिक इतिहास में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या रूबी ढल्ला अपनी उम्मीदवारी को मजबूत कर पाती हैं। उनके कठोर इमिग्रेशन वादों और बदलाव की नीति से यह तय होगा कि वह कनाडाई मतदाताओं को कितना प्रभावित कर पाती हैं।
रूबी ढल्ला की प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी कनाडा के राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव का संकेत देती है। उनकी सख्त इमिग्रेशन नीति और मानव तस्करी पर सख्ती की योजना ने उन्हें लोगों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है। लेकिन क्या वह मजबूत विरोधियों के सामने टिक पाएंगी और कनाडा की पहली भारतीय मूल की महिला प्रधानमंत्री बनेंगी? यह तो समय ही बताएगा।












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