अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पुतिन को दिलाई 1998 की याद, रूबल को लेकर कसा तंज
नई दिल्ली, 7 अप्रैल। रूस- यूक्रेन संघर्ष (Ukraine Conflict) के दौरान नाटो समेत कई देश रूस पर कई तरह के आर्थिक पाबंदियों की घोषणा कर चुके हैं। ऐसे में रूस की आर्थिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। वहीं अब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने यूक्रेन हमला तेज कर रहे रूस पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि रूबल (Rubal) को अब कचरे में बदल दिया गया है। बाइडेन से कहा है कि रूस का रूबल वापस कचरे में परिवर्तित हो रहा है। उनका कहना है कि रूस के के करेंसी कीमत अब दशकों पहले वाली स्थिति में पहुंच रही है।

यूक्रेन और रूस के बीच संघर्ष के 43वें दिन दोनों देशों की सेनाओं के बीच भीषण संघर्ष की खबरें हैं। वहीं नाटो देशों ने यूक्रेन पर हमले में तेज होने बाद रूस पर कई तरह के कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं। ऐसे में युद्ध शुरू होने के बाद रूस की मुद्रा रूबल की कीमत में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों के चलते अब रूसी मुद्रा की दर डालर के मुकाबले काफी निचले स्तर पर पहुंच गई है। 1 डालर की कीमत 121.5 रूबल के बराबर हो गई। इससे साल 1998 के दौरान रूसी वित्तीय संकट (Economic Crisis) की यादें ताजा हो गईं। आपको बता दें कि सोवियत संघ के बाद के रूस के इतिहास में रूबल-डॉलर एक्सचेंज रेट यकीनन आर्थिक संकट का संकेत है। क्योंकि 1990 के दशक की शुरुआत में रूस में जब आर्थिक संकट था तो ऐसी रूबल की कीमतों में गिरावट देखी गई थी।
पुतिन ने रूबल को मलबे में बदल दिया: जो बाइडेन
रूस में साल 1998 के वित्तीय संकट की याद दिलाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने कहा कि रूबल को मलबे में बदल दिया गया है। एक दिन पहले बुधवार के यह बात राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कही। उन्होंने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के निर्णयों के कारण (Vladimir Putin) रूबल (Rubal) यूक्रेन पर आक्रमण करने से पहले जिस स्तर पर वहीं वापस आ गया।
वहीं रूस-यूक्रेन के बीच संघर्ष समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। युद्ध के दौरान यूक्रेन में भारी तबाही है। वहां बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने की खबरे आ रही हैं। वहीं युद्ध के 43वें दिन एयर इंडिया ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब एयर इंडिया ने दिल्ली से मास्को के बीच आने जाने वाली फ्लाइट्स पर रोक लगा दी है। माना जा रहा है कि एयर इंडिया के इस निर्णय के पीछे रूस के आसमान और उसके आसपास हो रहीं गतिविधियां हैं। यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे संघर्ष के बीच अंतरराष्ट्रीय इंश्योरेंस कंपनियों ने इन इलाकों में उड़ान भरने वाले एयर क्राफ्ट्स पर इंश्योरेंस देने से मना कर दिया। जिसके बाद एयर इंडिया ने दिल्ली से मॉस्को की बीच उड़ानों को रोक दिया।












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