क्या भारतीय होने की वजह से शुरू हो गई है ऋषि सुनक के खिलाफ कैम्पेन? ब्रिटेन में भी नस्लवाद!
ऋषि सुनक ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि, "मुझे लगता है कि मैं एक ऐसे देश का निर्माण कर सकता हूं, जहां हमारे समाज की परिभाषित विशेषताएं कड़ी मेहनत और आकांक्षा और आशा के साथ हैं।
लंदन, अगस्त 01: क्या भारतीय मूल का होना ऋषि सुनक का ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने के रास्ते में रोड़ा बन गया है और क्या नस्लवाद की वजह से ब्रिटेन के लोग नहीं चाहते हैं, कि भारतीय मूल का एक नेता उनका प्रधानमंत्री बने? ऋषि सुनक, जिन्होंने अभी तक चुनाव के हुए हर राउंड में भारी बाजी मारी है, वो आखिरी कैम्पेन में पिछड़ने लगे हैं और ब्रिटेन में ऋषि सुनक के खिलाफ भारी कैम्पेन चल रहे हैं। उनके पुराने फोटो लीक किए जा रहे हैं और ब्रिटिश मीडिया लगातार ऋषि सुनक के खिलाफ रिपोर्ट्स पब्लिश कर रही है, जिनमें कभी उनकी प्रॉपर्टी को निशाना बनाया जा रहा है, तो कभी उनकी भारतीय पत्नी के कपड़ों की कीमत पर बहस हो रही है।

आखिरी कैम्पेन में पिछड़े सुनक
ब्रिटेन में चुनावी कैम्पेन अपने आखिरी पड़ाव पर है और पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने लिज ट्रंस के प्रतिद्वंदी लिज ट्रस को अपना समर्थन दे दिया है। वहीं, ब्रिटेन की सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी के करीब एक लाख 60 हजार मतदाता ऋषि सुनक और लिज ट्रस के बीच प्रधानमंत्री चुनेगी और इसके परिणाम की घोषणा 5 सितंबर को होगी। लेकिन, अभी तक जो ब्रिटिश मीडिया में ओपिनियन पोल प्रकाशित हो रहे हैं, उनमें बताया गया है, कि लिज ट्रस ने ऋषि सुनक पर भारी बढ़त बना ली है और ऋषि सुनक के मुकाबले लिज ट्रस करीब 24 प्वाइंट आगे हैं। हालांकि, खुद ऋषि सुनक का मानना है कि, उन्हें वोट देने या ना देने में नस्लवाद कोई कारक नहीं है। आपको बता दें कि, पिछले हफ्ते भारतीय मूल के एक और कारोबारी लॉर्ड रामी रेंजर, जो कंजर्वेटिव पार्टी को बड़ा दान भी देते रहे हैं, उन्होंने एक वीडियो में कहा था, कि अगर ऋषि सुनक चुनाव हार जाते हैं, तो इसे ब्रिटेन का नस्लवाद माना जाएगा।
ऋषि सुनक का हारना नस्लवाद!
हालांकि, यॉर्कशायर के रिचमंड के टोरी सांसद ऋषि सुनक ने कहा कि, "मुझे रिचमंड में संसद सदस्य के रूप में चुना गया और हमारे सदस्यों ने योग्यता को बाकी सब से ऊपर रखा है। मुझे यकीन है, कि जब वे इस प्रश्न पर विचार कर रहे हैं और वो पहले भी प्रधानमंत्री चुन चुके हैं, लिहाजा वो जानते हैं, कि प्रधानमंत्री बनने के लिए सबसे अच्छा व्यक्ति कौन है ... लिंग, जातीयता और बाकी सभी चीजों का इससे कोई लेना-देना नहीं होगा।" वहीं, भारतीय मूल के 42 वर्षीय ऋषि सुनक ने स्वीकार किया है, कि मुकाबला कठिन होने जा रहा है और इससे पहले उन्होंने एक बयान में खुद को 'कमतर' करार दिया था। हालांकि, ऋषि सुनक कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्यों के बीच काफी तेजी से अपना चुनावी अभियान चला रहे हैं और सदस्यों से मिल रहे हैं। ऋषि सुनक ने आगे कहा कि, कॉमंट्री तो ये की जा रही थी, कि मेरी पत्नी अक्षता मूर्ती के टैक्स को लेकर विवाद बनाया गया और कहा गया, कि मैं प्रधानमंत्री पद की रेस में कही हूं ही नहीं, लेकिन मैं आखिरी दो उम्मीदवारों में शामिल हूं।

ब्रिटेन का कैसे विकास करेंगे सुनक?
ऋषि सुनक ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि, "मुझे लगता है कि मैं एक ऐसे देश का निर्माण कर सकता हूं, जहां हमारे समाज की परिभाषित विशेषताएं कड़ी मेहनत और आकांक्षा और आशा के साथ हैं, और जहां विश्वस्तरीय शिक्षा लेना हर एक बच्चे का जन्मसिद्ध अधिकार हो, हम एक ऐसे समाज का नेतृत्व करते हैं, जो शालीनता के मानक है और जिसकी अखंडता को लेकर हमें अपने इतिहास और परंपराओं पर वास्तव में गर्व है। ऋषि सुनक ने आगे कहा कि, वास्तव में हम अपने भविष्य के बारे में काफी आश्वस्त हैं और हर कोई इस बहस को काफी संकीर्ण बनाना चाहता है, और वास्तव में आपको इन बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए। हालांकि, उन्होंने इस बात को स्वीकार किया, कि टैक्स में कटौती का ऐलान, जो लिज ट्रस ने कर दिया है, वो इस चुनाव का प्रमुख मुद्दा बन गया है और इस बात से वो निराश हैं।

क्या कहता है सट्टेबाजी सर्वे?
सट्टाबाजी करने वाली एक कंपनी स्मार्केट्स के मुताबिक, ऋषि सुनक के अगले पीएम बनने की संभावना घटकर 10 फीसदी और लिज ट्रस के प्रधानमंत्री बनने की संभावना 89.29 फीसदी हो गई है, जबकि अन्य उम्मीदवारों के पास 1 फीसदी मौका भी नहीं है। यूके के प्रधानमंत्री पद के लिए लड़ने वाले अंतिम दो उम्मीदवार लिज ट्रस और ऋषि सुनक लगातार अपने लिए प्रचार कर रहे हैं और दोनों के बीच अलग अलग टीवी चैनलों पर डिबेट भी हो रही है। हालांकि, कंजर्वेटिव पार्टी की अंदरूनी रिपोर्ट में कहा गया है कि, ये डिबेट अब पर्सनल हो चुका है और पार्टी के अंदर भी समर्थकों के दो गुट बन चुके हैं, जो पार्टी के लिए ही अच्छा नहीं है और अगले लोकसभा चुनाव में इससे पार्टी को काफी नुकसान पहुंच सकता है। आपको बता दें कि, जो अभी प्रधानमंत्री बनेगा, वही कंजर्वेटिव पार्टी का अध्यक्ष भी बनेगा और अगले लोकसभा चुनाव में वही प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार होगा।

YouGov की सर्वे में भी पिछड़े सुनक
आपको बता दें कि, इससे पहले YouGov की सर्वे में भी ऋषि सुनक पिछड़ते नजर आये खे और सिर्फ 31 प्रतिशत सदस्यों ने ऋषि सनक को वोट देने का इरादा जाहिर किया था, जबकि 49 प्रतिशत ने लिज़ ट्रस को वोट देने का इरादा किया। वहीं, 15 प्रतिशत लोगों ने कहा कि, उन्होंने अभी तक फैसला नहीं किया है, कि वो चुनाव में किसे वोट करने वाले हैं, वहीं 6 प्रतिशत लोगों ने बताने से इनकार कर दिया, कि वो किसे वोट करेंगे। वहीं, ताजा सर्वे में लिज ट्रस को 62 प्रतिशत, जबकि ऋषि सुनक को 38 प्रतिशत वोट मिलते दिखाई दे रहे हैं। लिहाजा, ऋषि सुनक पर लिज ट्रस को 24 अंकों का बढ़त प्राप्त है।












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