बराक ओबामा बोले भारत में धार्मिक भेदभाव देख दु:खी होते महात्मा गांधी
वॉशिंगटन। कुर्सी के पीछे भाग रहे भारत के तमाम नेता-मंत्री जहां धर्म और वोट के नाम पर देश को बांटने की फिराक में रहते हैं, वहीं महज तीन दिन की यात्रा पर आये अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इसी भारत को गहराई से पहचाना और कहा कि आज अगर महात्मा गांधी होते तो वर्तमान भारत को देख उन्हें धक्का पहुंचता। यहां धार्मिक भेदभाव को देख वो दु:खी होते।

ओबामा ने कहा कि उन्हें भारत में यह देख बहुत अच्छा लगा कि भारत में हर किसी को अपने तरह से जीने का अधिकार है। सभी धर्मों के लोगों का सम्मान किया जाता है, लेकिन अफसोस इस बात का है कि यहां कुछ लोग हैं, जो इस चीज का गलत फायदा उठा रहे हैं। अमेरिका मं नेशनल प्रेयर ब्रेकफास्ट के दौरान ओबामा ने कहा, "मिशेल और मैं भारत से वापस लौटे हैं। भारत एक अतुलनीय, बेहद सुंदर देश है, वह विविधताओं से भरा हुआ, यहां हर धर्म का सम्मान है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न धर्मों के लोगों द्वारा एक-दूसरे पर किए गए हमले वाकई में दु:ख देने वाले हैं।"
ओबामा ने आगे कहा कि अहिंसा और सभी धर्मों को साथ लेकर चलने की बात करने वाले महात्मा गांधी अगर आज होते, तो उन्हें यह देख अच्छा नहीं लगता।
आतंकवाद पर क्या बोले ओबामा
ओबामा ने कहा कि आज दुनिया भर में लोग एक दूसरे की मदद के लिये खड़े हैं, किसी भूखे का पेट भरने के लिये तत्पर हैं, लेकिन धर्म की आड़ में हथियार का प्रयोग करना गलत है। पाकिस्तान के स्कूल से लेकर पेरिस की सड़कों तक जो हुआ उसे पूरे विश्व ने देखा। यह सब धर्म की आढ़ में हो रहा है। कोई भी धर्म आतंकवाद को बढ़ावा देने की इजाजत नहीं देता है। हमें उनके खिलाफ बोलना होगा, जिन्होंने अपने नाम का गलत इस्तेमाल किया है।
ओबामा ने आगे कहा कि मानवता हमेशा से इन सवालों से जूझती रही है। और हम उनसे खुद को अलग करके सोचते हैं। हम सोचते हैं कि यह तो सिर्फ कुछ जगहों का मामला है, हमें इससे क्या? लेकिन याद करें धर्मयुद्ध (क्रूसेड) और धार्मिक न्याय के दौरान लोगों ने यीशू मसीह के नाम पर कितने वीभत्स कर्म किए थे।












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