जॉर्ज सोरोस से मिलने US जा रहे राहुल गांधी, ले जा रहे मोदी के खिलाफ डोजियर? BAN पत्रकार के दावे में कितना दम?

Rahul Gandhi US Visit: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष का नेता बनने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा में राहुल गांधी 8 से 10 सितंबर तक संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा पर जाने वाले हैं। इंडियन ओवरसीज कांग्रेस ने कहा है, कि संसद के निचले सदन में पद संभालने के बाद से ही उनसे मिलने के लिए "अनुरोधों की बाढ़ आ गई है।"

राहुल गांधी 8 सितंबर को टेक्सास के डलास में और 9 और 10 सितंबर को वाशिंगटन डीसी में रहेंगे।

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रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल गांधी अपनी यात्रा के दौरान शिक्षाविदों, पत्रकारों, थिंक टैंक के प्रतिनिधियों, टेक्नोक्रेट, व्यापारियों और भारतीय प्रवासी और स्थानीय समुदाय के अन्य लोगों से मिलेंगे।

लेकिन, बांग्लादेश के एक पत्रकार सलाह उद्दीन शोएब चौधरी ने दावा किया है कि अमेरिका दौरे के दौरान भारत के नेता विपक्ष प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ डोजियर ले जा रहे हैं, जिसे वो अमेरिकी नेताओं के साथ साझा करेंगे।

राहुल गांधी की यात्रा पर कांग्रेस ने क्या कहा?

इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने औपचारिक घोषणा करते हुए कहा, "जब से राहुल गांधी विपक्ष के नेता बने हैं, 32 देशों में मौजूद इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में मुझे भारतीय प्रवासियों, राजनयिकों, शिक्षाविदों, व्यापारियों, नेताओं, अंतरराष्ट्रीय मीडिया से राहुल गांधी के साथ बातचीत के लिए अनुरोधों की बाढ़ आ गई है। अब, वह बहुत ही संक्षिप्त यात्रा के लिए अमेरिका आ रहे हैं।"

तय कार्यक्रम के मुताबिक, डलास में, राहुल गांधी टेक्सास विश्वविद्यालय में छात्रों, शिक्षाविदों और समुदाय के लोगों की एक सभा को संबोधित करेंगे। वह कुछ टेक्नोक्रेट से भी मिलेंगे और डलास के नेताओं के साथ डिनर करेंगे।

वाशिंगटन में वे थिंक टैंक और नेशनल प्रेस क्लब के साथ-साथ अन्य लोगों से बातचीत करेंगे।

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सैम पित्रोदा ने कहा, "विभिन्न लोगों के साथ कई कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है क्योंकि लोगों की उन राज्यों में भी रुचि है, जहां हम (कांग्रेस) शासन करते हैं। खास तौर पर बेंगलुरु, हैदराबाद और उम्मीद है, कि अगर हम महाराष्ट्र जीतते हैं तो मुंबई, पुणे और गुड़गांव में भी लोगों की रुचि होगी। ये वास्तव में देश के व्यावसायिक शहर हैं जहां टेक्नोलॉजी पर ध्यान दिया जाता है। व्यापार और प्रौद्योगिकी समुदाय की भी इसमें रुचि है।"

राहुल गांधी की यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए गर्मी काफी बढ़ चुकी है। 5 नवंबर को होने वाले चुनाव के लिए चुनावी कैम्पेन काफी आक्रामक अंदाज में जारी है और डेमोक्रेटिक पार्टी की कमला हैरिस और रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना है।

इससे पहले भी मई 2023 में राहुल गांधी छह दिवसीय यात्रा पर अमेरिका गये थे और उस समय उन्होंने तीन शहरों का दौरा किया था, जहां उन्होंने एनआरआई समुदाय, व्यापारिक नेताओं और मीडियाकर्मियों से बातचीत की थी। सैन फ्रांसिस्को, वाशिंगटन डीसी और न्यूयॉर्क में उनकी कई ऐसी बैठकें हुईं। यात्रा के दौरान, उन्होंने भारतीय लोकतंत्र के भविष्य, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सतत और समावेशी आर्थिक विकास पर बात की थी।

बांग्लादेशी पत्रकार के दावे क्या हैं?

बांग्लादेशी पत्रकार सलाह उद्दीन शोएब चौधरी ने एक के बाद एक कई ट्वीट में राहुल गांधी के अमेरिका दौरे को लेकर कई विवादित दावे किए हैं और उन्होंने सवाल पूछा है, कि 'आप प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ एक डोजियर लेकर क्यों जा रहे हैं?'

सलाह उद्दीन शोएब चौधरी ने ट्वीट करते हुए दावा किया है कि "आप (राहुल गांधी) 8-10 सितंबर को संयुक्त राज्य अमेरिका का दौरा कर रहे हैं और उससे पहले, आपने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों के साथ मुलाकात तय करने के लिए लॉबिस्टों को क्यों जुटाया है? आप प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ एक डोजियर क्यों लेकर जा रहे हैं, जिसमें कहा गया है कि भारत एक हिंदू राष्ट्र बनने के खतरे में है?"

वहीं, एक अन्य ट्वीट में उन्होंने दावा किया है, कि "राहुल गांधी डोनाल्ड लू, जॉर्ज सोरोस और नेशनल एंडोमेंट फॉर डेमोक्रेसी के अधिकारियों से मिलने वाले हैं।"

हम बांग्लादेशी पत्रकार के दावों की पुष्टि नहीं करते हैं और हमारे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है, जिससे पता चले, कि राहुल गांधी की इन लोगों से मुलाकात को लेकर कोई कार्यक्रम है या नहीं। सलाह उद्दीन शोएब चौधरी राहुल गांधी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर आक्रामक रहते हैं और आए दिन ऐसे पोस्ट करते रहते हैं।

आपको बता दें, कि जॉर्ज सोरोस को भारत विरोधी एजेंडा फैलाने के लिए जाता है और वो अकसर प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना करते रहे हैं। वहीं, डोनाल्ड लू एक अमेरिकी अधिकारी हैं जिनपर अक्सर दूसरे देशों के आंतरिक मामलों और संप्रभुता में हस्तक्षेप करने के आरोप लगते रहे हैं। पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी अपनी सरकार के गिरने के पीछे डोनाल्ड लू का नाम लिया था।

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